Kishan – नागपुर की पिच तैयार है, फ्लडलाइट्स चमक रही हैं और भारतीय ड्रेसिंग रूम में एक कप्तान पूरी तरह साफ दिमाग के साथ बैठा है। रन नहीं आए हैं, सवाल आए हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव का जवाब वही पुराना है—मैं अपना खेल नहीं बदलूंगा।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच बुधवार, 21 जनवरी 2026 से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले सूर्या ने जिस बेबाकी से अपनी सोच रखी, उसने साफ कर दिया कि यह कप्तान दबाव से नहीं, भरोसे से खेलता है।
“रन नहीं आए तो ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटूंगा, लेकिन स्टाइल नहीं बदलूंगा”
पिछले कुछ महीनों से सूर्या की बल्लेबाजी फॉर्म चर्चा में रही है। आंकड़े उनके पक्ष में नहीं हैं, आलोचना भी हुई है। लेकिन प्री-सीरीज प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्या ने एक लाइन में सब साफ कर दिया।
उनका कहना था,
“मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरी बल्लेबाजी सही दिशा में जा रही है। अगर रन नहीं आए, तो मैं ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटकर अपनी तैयारियों का आकलन करूंगा।”
लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि वह अपनी पहचान से समझौता नहीं करेंगे। वही आक्रामक अंदाज, वही फ्री-फ्लोइंग शॉट्स, वही 360 डिग्री बल्लेबाजी—जो पिछले तीन-चार सालों में उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।
2020-21 वाला सूर्या, वही बेसिक्स
सूर्या ने साफ किया कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह 2020-21 के उस दौर में लौटेंगे, जब उन्होंने टीम इंडिया में कदम रखा था।
कम सोच, ज्यादा भरोसा।
बेसिक्स मजबूत, लेकिन इरादे बड़े।
यानी यह कोई रक्षात्मक वापसी नहीं होगी, बल्कि रीसेट बटन दबाने जैसा होगा। क्रिकेट में कई बार फॉर्म नहीं, सोच बदलनी पड़ती है—और सूर्या वही करने को तैयार दिखते हैं।
कप्तान के तौर पर साफ प्राथमिकताएं
सूर्यकुमार यादव ने इस बात पर भी जोर दिया कि कप्तानी की जिम्मेदारी ने उनकी सोच को और साफ किया है। व्यक्तिगत रिकॉर्ड? फिलहाल एजेंडा में नहीं।
उन्होंने कहा,
“यह एक टीम स्पोर्ट है। इसमें पर्सनल माइलस्टोन के लिए कोई जगह नहीं है। मेरा पहला काम यह देखना है कि टीम कैसा प्रदर्शन कर रही है। अगर टीम जीत रही है, तो मैं खुश हूं।”
यह बयान उस वक्त आया है, जब सूर्या खुद एक बड़े व्यक्तिगत माइलस्टोन के करीब हैं, लेकिन उन्होंने उसे पूरी तरह बैकसीट पर डाल दिया है।
ईशान किशन नंबर 3 पर, वर्ल्ड कप प्लान साफ
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर भी सूर्या ने बड़ा अपडेट दिया। तिलक वर्मा की चोट के चलते ईशान किशन को नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए उतारा जाएगा।
सूर्या ने साफ कहा कि ईशान आगामी टी20 विश्व कप प्लान का अहम हिस्सा हैं।
यह बदलाव सिर्फ मजबूरी नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा है।
ईशान की आक्रामकता, पावरप्ले के बाद तेजी से रन बनाने की क्षमता और बाएं-दाएं कॉम्बिनेशन—नंबर 3 पर उन्हें फिट बैठाता है।
2025: आंकड़े खराब, लेकिन कप्तानी मजबूत
अब जरा आंकड़ों की सच्चाई भी देख लेते हैं।
साल 2025 सूर्या के लिए बल्लेबाजी के लिहाज से आसान नहीं रहा।
- 21 टी20 मैच
- 19 पारियां
- 218 रन
- औसत: 13.62
ये नंबर किसी भी टॉप बल्लेबाज के लिए चिंता की बात होते। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
सूर्या की कप्तानी में भारत का जीत प्रतिशत 72% से ज्यादा रहा है।
यानी कप्तान के तौर पर उन्होंने टीम को लगातार सही दिशा में रखा है, भले ही खुद का बल्ला शांत रहा हो।
“दबाव अच्छा होता है, बिना दबाव मजा नहीं”
मैच की पूर्व संध्या पर जब उनसे दबाव को लेकर सवाल किया गया, तो सूर्या का जवाब बिल्कुल उनके अंदाज का था।
“दबाव अच्छा होता है। बिना दबाव के खेल में मजा नहीं आता।”
यह वही माइंडसेट है, जिसने उन्हें टी20 क्रिकेट का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाया। और शायद यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट अब भी उन पर पूरा भरोसा दिखा रहा है।
नागपुर में क्या उम्मीद करें?
नागपुर की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों को शुरुआत में मदद देती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन का रोल बढ़ जाता है। ऐसे में सूर्या जैसे बल्लेबाज, जो गैप ढूंढने और इनोवेटिव शॉट्स खेलने में माहिर हैं, बेहद अहम हो जाते हैं।
फैंस को उम्मीद है कि—
- कप्तान सूर्या आक्रामक शुरुआत देंगे
- टीम को साफ संदेश मिलेगा: खेलने से डरना नहीं
- और अगर शुरुआत मिल गई, तो वही पुराना सूर्या लौट सकता है















