Bangar – भारतीय क्रिकेट में “ऑल-टाइम XI” जैसे शब्द आते ही बहस अपने आप शुरू हो जाती है। और जब उस टीम से रोहित शर्मा, एमएस धोनी और हार्दिक पांड्या जैसे नाम गायब हों, तो शोर तय है।
मंगलवार को टीम इंडिया के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने जैसे ही अपनी भारत की ऑल-टाइम टी20 प्लेइंग इलेवन चुनी, सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस दो धड़ों में बंट गए।
सबसे बड़ा झटका?
टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाले कप्तान रोहित शर्मा को टीम में जगह ही नहीं मिली।
रोहित नहीं, कोहली कप्तान: सबसे बड़ा सवाल
टी20 क्रिकेट में भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रोहित शर्मा को बाहर रखना अपने आप में बड़ा फैसला है। रोहित न सिर्फ भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वालों में शामिल हैं, बल्कि आईसीसी ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान भी रह चुके हैं।
इसके बावजूद संजय बांगर ने कप्तानी की जिम्मेदारी विराट कोहली को सौंपी। कोहली, जो अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं, बांगर की टीम के लीडर हैं।
यह चयन साफ संकेत देता है कि बांगर ने अनुभव + निरंतरता को कप्तानी के लिए प्राथमिकता दी, न कि हालिया उपलब्धियों को।
सूर्यकुमार कप्तान नहीं, सिर्फ बल्लेबाज
एक और चौंकाने वाला फैसला—सूर्यकुमार यादव।
भारत के मौजूदा टी20 कप्तान को बांगर ने सिर्फ एक मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में चुना है। न कप्तानी, न किसी अतिरिक्त भूमिका का संकेत।
टी20 क्रिकेट में 360-डिग्री बल्लेबाजी की पहचान बन चुके सूर्या को टीम में रखना तो मजबूरी जैसा लगता है, लेकिन उन्हें लीडरशिप रोल से दूर रखना कई फैंस को खटका।
विकेटकीपर के लिए केएल राहुल, धोनी बाहर
शायद सबसे ज्यादा भावनात्मक प्रतिक्रिया इस फैसले पर आई।
एमएस धोनी—टी20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान—ऑल-टाइम XI से बाहर।
उनकी जगह विकेटकीपर के तौर पर चुने गए केएल राहुल, जो लंबे समय से टी20 इंटरनेशनल सेट-अप से बाहर चल रहे हैं। बांगर का तर्क साफ दिखता है—टॉप-ऑर्डर में स्थिरता और रन-फ्लो।
लेकिन सवाल वही है:
क्या टी20 क्रिकेट में धोनी की फिनिशिंग और कप्तानी को नजरअंदाज किया जा सकता है?
हार्दिक बाहर, शिवम दुबे अंदर
एक और फैसला जिसने बहस को और हवा दी—
हार्दिक पांड्या को बाहर रखना।
टी20 क्रिकेट में मैच-विनर ऑलराउंडर माने जाने वाले हार्दिक की जगह बांगर ने शिवम दुबे को चुना। यह चयन बताता है कि बांगर ने पावर-हिटिंग और लेफ्ट-हैंड विकल्प को ज्यादा तवज्जो दी।
हालांकि, हार्दिक का अनुभव, डेथ ओवर्स में गेंदबाजी और बड़े मैचों का रिकॉर्ड—इन सबको नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
कुलचा की वापसी, नेहरा-शमी का अनुभव
गेंदबाजी में बांगर ने कोई रिस्क नहीं लिया।
स्पिन डिपार्टमेंट में
कुलदीप यादव + युजवेंद्र चहल—यानी पुरानी लेकिन भरोसेमंद ‘कुलचा’ जोड़ी।
तेज गेंदबाजी में
मोहम्मद शमी और आशीष नेहरा का अनुभव,
और स्विंग के लिए दीपक चाहर।
यह अटैक पूरी तरह बैलेंस्ड दिखता है—नई गेंद, मिडल ओवर्स और डेथ—तीनों के लिए विकल्प।
युवराज सिंह: एक्स-फैक्टर का चुनाव
टी20 क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में से एक—2007 वर्ल्ड कप।
छह छक्के।
एक ओवर।
एक नाम—युवराज सिंह।
बांगर ने युवराज को टीम में शामिल कर साफ किया कि बड़े मंच का अनुभव और गेम-चेंजिंग क्षमता आज भी मायने रखती है।
संजय बांगर की ऑल-टाइम टी20 XI
| क्रम | खिलाड़ी |
|---|---|
| 1 | विराट कोहली (कप्तान) |
| 2 | शुभमन गिल |
| 3 | केएल राहुल (विकेटकीपर) |
| 4 | सूर्यकुमार यादव |
| 5 | युवराज सिंह |
| 6 | शिवम दुबे |
| 7 | दीपक चाहर |
| 8 | मोहम्मद शमी |
| 9 | आशीष नेहरा |
| 10 | कुलदीप यादव |
| 11 | युजवेंद्र चहल |
सोशल मीडिया पर बंटे फैंस
इस टीम के सामने आते ही सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया।
एक वर्ग का कहना है—
“ऑल-टाइम XI में फॉर्म नहीं, स्किल और बैलेंस देखा जाना चाहिए।”
दूसरा वर्ग साफ नाराज़—
“धोनी, रोहित और हार्दिक के बिना टी20 इतिहास अधूरा है।”
यही टी20 क्रिकेट की खूबसूरती है—हर फैन की अपनी प्लेइंग XI।















