World Cup – नागपुर में आख़िरी ओवर शुरू हुआ तो स्टेडियम को पता था—अब कुछ होने वाला है। सामने गेंद थी, सामने दबाव था और क्रीज़ पर खड़े थे रिंकू सिंह। दो गेंदें, दो छक्के… और फिर वही पुराना सवाल वापस आ गया—क्या टीम इंडिया को एमएस धोनी के बाद आखिरकार उसका असली फिनिशर मिल चुका है?
बुधवार 21 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल में रिंकू सिंह ने जो किया, वह सिर्फ एक कैमियो नहीं था। यह इतिहास से कंधे से कंधा मिलाने वाली पारी थी। आख़िरी ओवर में दो छक्के जड़ते ही रिंकू सिंह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 20वें ओवर में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने वालों की लिस्ट में एमएस धोनी के बराबर पहुंच गए।
आख़िरी ओवर का खौफ: रिंकू अब धोनी के साथ
टी20 क्रिकेट में आख़िरी ओवर सिर्फ रन बनाने का समय नहीं होता, यह नर्व्स का इम्तिहान होता है। और उसी इम्तिहान में रिंकू सिंह लगातार पास होते जा रहे हैं।
टी20 इंटरनेशनल में 20वें ओवर में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के:
| छक्के | खिलाड़ी | गेंदें |
|---|---|---|
| 15 | हार्दिक पांड्या | 99 |
| 12 | रिंकू सिंह | 38* |
| 12 | एमएस धोनी | 132 |
| 11 | सूर्यकुमार यादव | 28 |
| 9 | दिनेश कार्तिक | 49 |
| 8 | विराट कोहली | 58 |
यहां सिर्फ छक्कों की संख्या नहीं, गेंदों का फर्क कहानी कह देता है।
जहां धोनी ने 132 गेंदों में 12 छक्के लगाए, वहीं रिंकू ने सिर्फ 38 गेंदों में वही काम कर दिखाया है।
सूर्यकुमार का रिकॉर्ड टूटा, मैसेज साफ
इस मैच के साथ रिंकू सिंह ने सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जो आख़िरी ओवरों में 11 छक्कों पर थे। यह अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि सूर्या खुद दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं।
लेकिन रिंकू की खासियत यह है कि वह:
हर गेंद पर छक्का नहीं खोजते
मैच की स्थिति पढ़ते हैं
और सही गेंद का इंतज़ार करते हैं
यही उन्हें अलग बनाता है।
20 गेंद, 44 रन और 220 का स्ट्राइक रेट
न्यूजीलैंड के खिलाफ रिंकू सिंह की पारी सिर्फ रिकॉर्ड तक सीमित नहीं थी।
20 गेंद
44 रन
4 चौके
3 छक्के
स्ट्राइक रेट: 220
उनकी इस पारी की बदौलत भारत 238 रन तक पहुंच पाया। यह वही फर्क था, जिसने 200 के स्कोर को 230+ में बदला—और वहीं से मैच न्यूजीलैंड के हाथ से पूरी तरह निकल गया।
हार्दिक पांड्या अब भी आगे, लेकिन खतरा साफ
लिस्ट में सबसे ऊपर अब भी हार्दिक पांड्या हैं—15 छक्के।
लेकिन हार्दिक ने जहां 99 गेंदों का सामना किया, वहीं रिंकू की रफ्तार यह संकेत दे रही है कि वह बहुत जल्द उस नंबर-1 पोज़िशन पर भी नज़र डाल सकते हैं।
यह कोई जल्दबाज़ी नहीं, सिर्फ गणित है।
बाहर से अंदर, और अब सीधा वर्ल्ड कप प्लान में
दिलचस्प बात यह है कि पिछली सीरीज़ तक रिंकू सिंह टी20 टीम का हिस्सा तक नहीं थे। वजह वही पुरानी—टीम कॉम्बिनेशन।
लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
रिंकू सिंह को:
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की योजनाओं में शामिल किया जा चुका है
फिनिशर के रोल में साफ भरोसा मिल रहा है
और टीम बैलेंस का अहम हिस्सा माना जा रहा है
जब टीम को 5, 6 या 7 नंबर पर शांत दिमाग चाहिए—तो पहला नाम अब रिंकू का ही आता है।
क्यों खास है रिंकू सिंह की फिनिशिंग?
- कम गेंदों में ज्यादा असर
- प्रेशर में भी क्लियर माइंड
- रोल की गहरी समझ
- टीम पहले, रिकॉर्ड बाद में
यही वजह है कि आज उनकी तुलना धोनी से हो रही है—स्टाइल में नहीं, इम्पैक्ट में।















