SL vs ENG – श्रीलंका की धरती पर अगर कोई चीज़ सालों से स्थिर रही है, तो वह है स्पिनरों का दबदबा। गुरुवार को यही पुरानी सच्चाई एक बार फिर सामने आई, जब तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में श्रीलंका ने इंग्लैंड को 19 रन से हराकर न सिर्फ बढ़त बनाई, बल्कि मेहमान टीम को साफ संदेश भी दे दिया—यहां खेल आसान नहीं होगा।
इस जीत की नींव रखी कुसल मेंडिस की संयम भरी लेकिन बेहद अहम पारी ने, और उस पर मुहर लगाई श्रीलंकाई स्पिन जोड़ी ने, जिसने इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी।
कुसल मेंडिस की पारी: रन नहीं, कंट्रोल की कहानी
तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे कुसल मेंडिस ने इस मैच को अपनी समझ से जिया। जब दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे, मेंडिस ने जल्दबाज़ी नहीं की। उन्होंने स्ट्राइक रोटेशन पर फोकस रखा, खराब गेंदों का इंतज़ार किया और मौके मिलने पर चौके निकाले।
117 गेंदों पर नाबाद 93 रन, 11 चौकों के साथ—यह पारी भले ही शतक से चूक गई, लेकिन मैच के संदर्भ में यह किसी सेंचुरी से कम नहीं थी।
उनकी पारी की बदौलत श्रीलंका ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 271 रन बनाए, जो इस धीमी पिच पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर साबित हुआ।
श्रीलंका की पारी: साझेदारियां छोटी, असर बड़ा
श्रीलंका की बल्लेबाज़ी में कोई बहुत बड़ी साझेदारी नहीं दिखी, लेकिन लगभग हर खिलाड़ी ने योगदान दिया।
श्रीलंका की बल्लेबाज़ी (संक्षेप में)
| बल्लेबाज़ | रन | गेंद |
|---|---|---|
| कुसल मेंडिस | 93* | 117 |
| पाथुम निसांका | 21 | 30 |
| कामिल मिशारा | 27 | 37 |
| जनिथ लियांगे | 46 | 53 |
| दुनिथ वेल्लालगे | 25* | — |
कप्तान चरिथ असलंका ने 17 रन बनाए, जबकि पवन ने 12 रन का योगदान दिया। यह स्कोरबोर्ड देखने में साधारण लगता है, लेकिन पिच की प्रकृति को देखते हुए यही स्कोर निर्णायक साबित हुआ।
लक्ष्य का पीछा और इंग्लैंड की लड़खड़ाती शुरुआत
272 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा।
जैक क्रॉली, जो दो साल से अधिक समय बाद वनडे क्रिकेट में लौटे थे, महज 6 रन बनाकर आउट हो गए। असिथा फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर को कैच थमाकर उनकी वापसी फीकी रही।
इसके बाद बेन डकेट और जो रूट ने पारी को संभालने की कोशिश की।
डकेट–रूट की साझेदारी, लेकिन रफ्तार गायब
दूसरे विकेट के लिए दोनों के बीच 146 गेंदों में 117 रन की साझेदारी हुई। साझेदारी लंबी थी, लेकिन उस तरह का दबाव नहीं बना सकी, जिसकी इंग्लैंड को जरूरत थी।
बेन डकेट 76 गेंदों में 76 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जो रूट ने 90 गेंदों में 61 रन की पारी खेली। दोनों ने कोशिश की, लेकिन स्पिन के खिलाफ खुलकर खेलने में नाकाम रहे।
मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फेल
जैसे ही यह साझेदारी टूटी, इंग्लैंड की पारी बिखर गई।
- कप्तान हैरी ब्रूक – 6 रन (12 गेंद)
- जैकब बेथल – 15 रन
- सैम करन – 5 रन
- लियाम लिविंगस्टोन – 2 रन
केवल रेहान अहमद (27 रन) और जेमी ओवरटन (34 रन, 17 गेंद) ने अंत में थोड़ा संघर्ष दिखाया, लेकिन तब तक मैच हाथ से निकल चुका था।
इंग्लैंड की पूरी टीम 252 रन पर सिमट गई।
स्पिन का जाल: वेंडरसे और वेल्लालगे का असर
इस जीत के असली नायक रहे श्रीलंका के स्पिनर।
जेफ्री वेंडरसे और दुनिथ वेल्लालगे ने धीमी पिच का पूरा फायदा उठाया। उनकी गेंदों में न तो बहुत टर्न था, न ज्यादा उछाल—बस सही लाइन, सही लेंथ और धैर्य।
श्रीलंका की गेंदबाज़ी
| गेंदबाज़ | विकेट | रन |
|---|---|---|
| प्रमोद मधुशन | 3 | — |
| जेफ्री वेंडरसे | 2 | 39 |
| दुनिथ वेल्लालगे | 2 | 41 |
इंग्लैंड के बल्लेबाज़ लगातार गलत शॉट खेलने को मजबूर हुए, और यही इस मैच का टर्निंग पॉइंट रहा।
घरेलू हालात का पूरा फायदा
श्रीलंका लंबे समय से घरेलू परिस्थितियों में स्पिन को अपनी ताकत बनाता आया है। यह मुकाबला भी उसी परंपरा का हिस्सा था।
इंग्लैंड के लिए चेतावनी की घंटी
यह सिर्फ एक हार नहीं है। यह इंग्लैंड के लिए सीरीज़ से पहले अलार्म है।
- स्पिन के खिलाफ स्पष्ट रणनीति की कमी
- मिडिल ऑर्डर की नाकामी
- रन चेज़ में धीमी गति
अगर अगले मैचों में सुधार नहीं हुआ, तो यह सीरीज़ जल्दी ही हाथ से निकल सकती है।















