T20I – रायपुर की रात भारतीय टी20 इतिहास में यूं ही दर्ज नहीं हो गई। यह वो मुकाबला था, जहां स्कोरबोर्ड सिर्फ रन नहीं दिखा रहा था, बल्कि एक बदलती हुई मानसिकता, आक्रामक सोच और रिकॉर्ड तोड़ने की भूख भी साफ नजर आ रही थी। 209 रन का लक्ष्य, सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम, और जवाब—15.2 ओवर में 3 विकेट खोकर जीत।
यह सिर्फ एक जीत नहीं थी। यह भारत की टी20 रन-चेज़ विरासत में एक नया अध्याय था।
209 का पीछा और इतिहास की रफ्तार
शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में भारत ने जो किया, वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पहले कभी नहीं हुआ था।
200+ रन का लक्ष्य, सबसे कम गेंदों में हासिल।
भारत ने 28 गेंदें शेष रहते मैच खत्म कर दिया और पाकिस्तान के 2025 में बनाए गए रिकॉर्ड (24 गेंद शेष) को पीछे छोड़ दिया।
सिर्फ तेज़ नहीं, भारत का सबसे बड़ा चेज भी
रायपुर में 209 रन का पीछा करना सिर्फ सबसे तेज़ नहीं था, बल्कि यह भारत का संयुक्त रूप से सबसे सफल रन चेज भी बन गया।
भारत इससे पहले भी एक बार 209 रन चेज कर चुका है—
2023 में विशाखापत्तनम में, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ।
फर्क बस इतना है—
तब आख़िरी ओवर तक सांसें अटकी थीं,
और रायपुर में मैच 16वां ओवर भी नहीं देख पाया।
200+ रन चेज करने में भारत सबसे आगे (लगभग)
रायपुर की जीत के साथ भारत अब 200 या उससे ज्यादा रन का लक्ष्य सबसे ज्यादा बार चेज करने वाली टीमों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
| टीम | 200+ रन चेज की संख्या |
|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया | 7 बार |
| भारत | 6 बार |
| अन्य टीमें | 5 या उससे कम |
यह आंकड़ा बताता है कि भारत अब सिर्फ बड़े स्कोर बनाना ही नहीं,
उन्हें बेखौफ होकर हासिल करना भी जानता है।
भारत के सबसे बड़े टी20I रन चेज़: पूरी लिस्ट
| लक्ष्य | विरोधी | स्थान | वर्ष | ओवर |
|---|---|---|---|---|
| 209 | न्यूजीलैंड | रायपुर | 2026 | 15.2 |
| 209 | ऑस्ट्रेलिया | विशाखापत्तनम | 2023 | 19.5 |
| 208 | वेस्टइंडीज | हैदराबाद | 2019 | 18.4 |
| 207 | श्रीलंका | मोहाली | 2009 | 19.1 |
| 204 | न्यूजीलैंड | ऑकलैंड | 2020 | 19.0 |
| 202 | ऑस्ट्रेलिया | राजकोट | 2013 | 19.4 |
सूर्या–ईशान: जब लक्ष्य छोटा लगने लगा
209 रन का लक्ष्य तब ही आसान लगने लगा था, जब
ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव क्रीज़ पर आए।
- तीसरे विकेट के लिए 49 गेंदों में 122 रन
- गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव
- कोई ठहराव नहीं, कोई डर नहीं
ईशान ने पावरप्ले में ही मैच की दिशा मोड़ दी,
और सूर्या ने कप्तान की तरह उसे वहीं खत्म किया।
क्यों यह जीत आंकड़ों से बड़ी है?
यह मुकाबला इसलिए खास है क्योंकि—
- भारत ने बड़े लक्ष्य से डरना छोड़ दिया
- बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने की छूट दिखी
- कप्तान खुद फॉर्म में लौटा
- रन चेज़ अब “प्लान बी” नहीं, मुख्य हथियार बन चुका है
टी20 क्रिकेट में यही सोच आगे ट्रॉफी दिलाती है।
ऑस्ट्रेलिया से तुलना और भारत की छलांग
अब भारत से आगे सिर्फ ऑस्ट्रेलिया है, जिसने 7 बार 200+ रन का पीछा किया है।
लेकिन फर्क साफ दिखता है—
ऑस्ट्रेलिया यह काम सालों से कर रहा है।
भारत ने यह छलांग पिछले एक दशक में लगाई है।
यह संकेत है कि भारतीय टी20 बल्लेबाज़ी अब
कंजरवेटिव से कंट्रोल्ड एग्रेसन की ओर बढ़ चुकी है।















