Root : 12वां अवॉर्ड और बढ़ती लिस्ट में जो रूट

Atul Kumar
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Root – कोलंबो की शाम जैसे-जैसे ढल रही थी, वैसे-वैसे जो रूट की पारी और भारी होती जा रही थी। स्कोरबोर्ड आगे बढ़ रहा था, श्रीलंकाई गेंदबाज थक रहे थे और इंग्लैंड का यह शांत लेकिन निर्दयी बल्लेबाज एक बार फिर साबित कर रहा था कि क्लास उम्र नहीं देखती।

35 साल की उम्र में जो रूट ने सिर्फ एक मैच नहीं जीता—उन्होंने एक पूरी सीरीज पर अपनी मुहर लगा दी।

तीन मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 2-1 से हराया, और इस जीत की धुरी रहे जो रूट। 123.50 की औसत से 247 रन, एक शतक, दो अर्धशतक—और अंत में प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड। सुनने में साधारण लगता है, लेकिन इसके पीछे छुपी कहानी इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास से टकराती है।

आखिरी वनडे: जब रूट ने मैच खत्म किया, सवाल नहीं छोड़े

मंगलवार को कोलंबो में खेले गए निर्णायक वनडे में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 357/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इस स्कोर के बीचों-बीच खड़े थे जो रूट—108 गेंदों में नाबाद 111 रन।

उनकी पारी में थे:

  • 9 शानदार चौके
  • 1 सधा हुआ छक्का
  • और अनगिनत सिंगल-डबल, जो विरोधी टीम की कमर तोड़ देते हैं

यह कोई हड़बड़ी वाली सेंचुरी नहीं थी। यह वही पुराना रूट था—धैर्य, टाइमिंग और गैप्स का मास्टर।

सीरीज में रूट का दबदबा

तीन मैच, तीन अलग-अलग परिस्थितियां—और हर बार रूट का बल्ला बोला।

मैचरन
पहला वनडे74
दूसरा वनडे62
तीसरा वनडे111*
कुल247 रन
औसत123.50

जब पूरी सीरीज का औसत 123 के पार चला जाए, तो बहस की गुंजाइश नहीं बचती। प्लेयर ऑफ द सीरीज का फैसला सर्वसम्मति से हुआ।

12वां प्लेयर ऑफ द सीरीज: सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं

यह अवॉर्ड जो रूट के करियर का 12वां प्लेयर ऑफ द सीरीज सम्मान है।
और यहीं से मामला सिर्फ श्रीलंका सीरीज तक सीमित नहीं रहता।

384 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद रूट अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में आ गए हैं, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में लंबे वक्त तक निरंतरता दिखाई है।

35 साल की उम्र में इस लिस्ट में ऊपर चढ़ना आसान नहीं होता—खासतौर पर जब आज का क्रिकेट फिटनेस, फ्रेंचाइज़ी और शॉर्ट-टर्म फॉर्म पर टिका हो।

अश्विन और गेल के बराबर, लेकिन कहानी अलग

जो रूट अब संयुक्त रूप से छठे स्थान पर हैं—उन खिलाड़ियों के साथ, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 12 बार प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता है।

इस लिस्ट में उनके साथ हैं:

  • आर अश्विन — 287 मैच, 12 अवॉर्ड
    11 टेस्ट सीरीज में यह सम्मान, जो अपने आप में रिकॉर्ड है
    दिसंबर 2024 में संन्यास
  • क्रिस गेल — 483 मैच, 12 अवॉर्ड
    टी20 से लेकर टेस्ट तक गेंदबाजों का डर

लेकिन फर्क यह है कि
रूट अभी खेल रहे हैं।
और वह भी टॉप-लेवल पर।

यानी यह संख्या यहीं रुकने वाली नहीं दिखती।

इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज

क्रिकेट इतिहास में कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं, जो सिर्फ लंबी उम्र नहीं—लगातार असर मांगते हैं।
प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड उसी कैटेगरी में आता है।

खिलाड़ीअवॉर्डमैच
विराट कोहली22559
सचिन तेंदुलकर20664
शाकिब अल हसन17447
जैक्स कैलिस15519
डेविड वॉर्नर13
सनथ जयसूर्या13
जो रूट12384
आर अश्विन12287
क्रिस गेल12483
क्विंटन डिकॉक11
रिकी पोंटिंग11
मुथैया मुरलीधरन11

विराट कोहली इस लिस्ट में टॉप पर हैं—22 अवॉर्ड के साथ।
टेस्ट और टी20 से संन्यास लेने के बावजूद, यह रिकॉर्ड फिलहाल सुरक्षित दिखता है।

लेकिन रूट की मौजूदा फॉर्म बताती है कि वह टॉप-5 की ओर बढ़ रहे हैं, चुपचाप।

उम्र 35, लेकिन भूख बरकरार

आमतौर पर 35 की उम्र आते-आते खिलाड़ी या तो सीमित भूमिका में सिमट जाते हैं, या फिर टीम के “अनुभव” कॉलम में फिट कर दिए जाते हैं।

जो रूट ने यह टैग लेने से इनकार कर दिया है।

  • न कोई दिखावटी एग्रेसन
  • न सोशल मीडिया ड्रामा
  • बस रन, रन और रन

इंग्लैंड के लिए वह आज भी वही हैं—लाइन-अप का एंकर, और जरूरत पड़ने पर मैच विनर।

इंग्लैंड के लिए संकेत साफ

यह सीरीज सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ जीत नहीं थी।
यह इंग्लैंड के लिए एक मैसेज था—कि ट्रांजिशन फेज में भी टीम के पास एक भरोसेमंद धुरी मौजूद है।

रूट की मौजूदगी का मतलब:

  • मिडिल ऑर्डर में स्थिरता
  • यंग बल्लेबाजों के लिए कवर
  • और बड़े टूर्नामेंट से पहले मानसिक बढ़त

बड़ी तस्वीर: रिकॉर्ड नहीं, रिदम

जो रूट इस वक्त रिकॉर्ड के पीछे नहीं भाग रहे।
वह रिदम में हैं—और यही बात उन्हें खतरनाक बनाती है।

आज 12 अवॉर्ड हैं।
कल 13, 14… कौन जाने?

लेकिन इतना तय है कि जब भी इंटरनेशनल क्रिकेट में सस्टेन्ड एक्सीलेंस की बात होगी, जो रूट का नाम उसी सांस में लिया जाएगा।

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