Rohit – रोहित शर्मा अब भले ही टी20 इंटरनेशनल से विदा ले चुके हों, लेकिन जब वह इस फॉर्मेट की बात करते हैं, तो शब्द आज भी ड्रेसिंग रूम की दीवारों तक असर छोड़ते हैं। टी20 विश्व कप जीतने वाले कप्तान ने साफ-साफ बता दिया है कि आने वाले टूर्नामेंट में भारत की कामयाबी किन दो कंधों पर टिकी होगी—हार्दिक पांड्या और अर्शदीप सिंह।
गत चैंपियन भारत इस बार भी प्रबल दावेदार के तौर पर उतरेगा। वेस्टइंडीज और अमेरिका में रोहित की कप्तानी में खिताब जीतने के बाद भले ही उन्होंने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी नज़रें अब भी बारीक हैं। और उनकी राय हल्की नहीं होती।
शुरुआत और अंत—दोनों में अर्शदीप मजबूत
जियो हॉटस्टार से बातचीत में रोहित शर्मा ने अर्शदीप सिंह की भूमिका को बेहद अहम बताया। उनके मुताबिक, भारत के पास अगर जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप की जोड़ी है, तो यह किसी भी टीम के लिए सिरदर्द बन सकती है।
रोहित ने कहा,
“बुमराह और अर्शदीप दोनों का साथ में होना हमारे लिए बहुत सकारात्मक है। अर्शदीप नई गेंद से स्विंग कराता है, शुरुआती विकेट लेता है और डैथ ओवरों में भी गेंदबाजी करता है। शुरुआत और अंत—दोनों बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, और वह दोनों में मजबूत है।”
यह महज़ तारीफ नहीं है। यह उस गेंदबाज़ की पहचान है, जिसे कप्तान पहला ओवर थमाता है और आखिरी ओवर भी।
बाएं हाथ का एंगल, दिमाग का खेल
रोहित ने अर्शदीप की सबसे बड़ी ताकत उसके एंगल को बताया—जो आधुनिक टी20 में सोने के भाव बिकता है।
“वह नई गेंद को स्विंग कराकर बाएं हाथ के बल्लेबाजों को स्लिप में कैच आउट करा सकता है और दाहिने हाथ के बल्लेबाजों के पैड को निशाना बना सकता है। नई गेंद से यह कौशल बहुत अहम होता है।”
यही वजह है कि अर्शदीप सिर्फ रन रोकने नहीं, विकेट लेने की मानसिकता के साथ गेंदबाजी करता है। और टी20 में वही गेंदबाज कप्तानों के सबसे भरोसेमंद होते हैं।
2024 फाइनल की यादें अब भी ताज़ा
रोहित जब 2024 टी20 विश्व कप फाइनल की बात करते हैं, तो अर्शदीप का जिक्र अपने आप आ जाता है।
“दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में उसने शानदार गेंदबाजी की। मुझे आज भी याद है कि जब क्विंटन डिकॉक जम चुके थे, तब उसने उन्हें आउट किया। फिर 19वें ओवर में दो-तीन रन ही दिए, जिससे दक्षिण अफ्रीका पर दबाव आ गया।”
टी20 में कई बार मैच वहीं पलटता है—
जहां एक ओवर रन नहीं, सांस छीन लेता है।
रोहित का मानना है कि यही वजह है कि अर्शदीप 2026 के टी20 विश्व कप में भी भारत के लिए उतने ही अहम रहेंगे।
हार्दिक पांड्या: टीम का प्रेशर वाल्व
अगर अर्शदीप भारत के लिए “शुरुआत और अंत” हैं, तो हार्दिक पांड्या बीच का तूफान।
रोहित ने हार्दिक की भूमिका को बिना किसी घुमाव के परिभाषित किया।
“हार्दिक जब भी टीम में होता है, उसकी भूमिका बड़ी होती है। वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी—दोनों में निरंतरता से खेलता है। जब टीम दबाव में होती है, तब उसकी बल्लेबाजी सबसे अहम होती है।”
रोहित का उदाहरण सीधा था—और डराने वाला भी।
“अगर 15 या 16 ओवर में स्कोर 160 है और हार्दिक क्रीज पर है, तो वह उसे 210 या 220 तक ले जा सकता है। और अगर चार विकेट 50 रन पर गिर गए हों, तब भी वह पारी को संभाल सकता है।”
यही वजह है कि हार्दिक सिर्फ ऑलराउंडर नहीं,
मैच का मूड बदलने वाला खिलाड़ी है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह कॉम्बिनेशन?
| खिलाड़ी | भूमिका | असर |
|---|---|---|
| हार्दिक पांड्या | फिनिशर + तेज गेंदबाज | स्कोर बढ़ाना, दबाव संभालना |
| अर्शदीप सिंह | लेफ्ट-आर्म पेसर | नई गेंद + डैथ ओवर विकेट |
| जसप्रीत बुमराह | स्ट्राइक बॉलर | ब्रेकथ्रू और कंट्रोल |
तीनों का साथ होना भारत को वह बैलेंस देता है, जो बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए जरूरी होता है।
कुलदीप बनाम वरुण: सबसे मुश्किल फैसला
रोहित शर्मा ने बातचीत के दौरान एक दिलचस्प चयन पहेली की ओर भी इशारा किया—कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती।
उनके मुताबिक, कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि इन दोनों में से किसे खिलाया जाए—या कैसे दोनों को साथ उतारा जाए।
“दो तेज गेंदबाजों को ही उतारने पर यह संभव है। लेकिन अगर मैं कप्तान होता, तो दोनों को खिलाता। क्योंकि दोनों विकेट लेते हैं और बल्लेबाज उन्हें पढ़ नहीं पाते।”
यह बयान अपने आप में बहुत कुछ कह देता है—
रोहित का झुकाव साफ तौर पर विकेट लेने वाले गेंदबाजों की तरफ है, चाहे रिस्क क्यों न हो।
टी20 विश्व कप 2026: भारत का रोडमैप
भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाला टी20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक खेला जाएगा।
घरेलू हालात, परिचित पिचें और जबरदस्त स्क्वाड—सब कुछ भारत के पक्ष में दिखता है।
लेकिन जैसा रोहित का अनुभव कहता है,
टूर्नामेंट मैच नहीं, मोमेंट्स से जीते जाते हैं।
और उन्हीं मोमेंट्स के लिए—
- हार्दिक की बैटिंग चाहिए
- अर्शदीप की गेंद चाहिए















