PCB – लाहौर और दुबई के बीच चल रही यह कहानी अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रही। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले पाकिस्तान ने अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं, लेकिन परदे के पीछे जो चल रहा है, वह टूर्नामेंट की राजनीति को गर्माने के लिए काफी है।
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब आईसीसी को दूसरा औपचारिक पत्र लिखने जा रहा है—और इस बार संदेश और भी सीधा है।
अगर पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप खेलेगा, तो उसके खिलाड़ी मैदान पर बांह पर काली पट्टी बांधकर उतर सकते हैं। यह विरोध होगा बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के फैसले के खिलाफ।
दूसरा लेटर, ज्यादा सख्त लहजा
टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी अब आईसीसी को आधिकारिक तौर पर यह बताएगा कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप से बाहर होने पर वह “काफी निराश” है। यही नहीं, बोर्ड अपने इरादे भी साफ करेगा—कि टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान टीम प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएगी।
रिपोर्ट में पीसीबी से जुड़े एक सूत्र के हवाले से कहा गया है,
“पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड वर्ल्ड कप के दौरान अपने प्रोटेस्ट को लेकर आईसीसी को लेटर लिखने वाला है।”
यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं लगता। यह उस असंतोष का अगला कदम है, जो पिछले कुछ हफ्तों से लगातार उबल रहा है।
पाकिस्तान अभी भी ‘हां’ या ‘ना’ नहीं कह रहा
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में खेलेगा या नहीं।
अंतिम फैसला सोमवार को आने की बात कही जा रही है।
इससे पहले पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात कर चुके हैं। उस बैठक के बाद नकवी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि बातचीत “काफी सकारात्मक” रही और पाकिस्तान शुक्रवार या अगले सोमवार तक अपना अंतिम रुख साफ करेगा।
यानी गेंद अब पूरी तरह सरकार के पाले में है—और समय तेजी से निकल रहा है।
पहला लेटर: जहां से टकराव शुरू हुआ
यह पूरा विवाद यूं ही नहीं फूटा।
इसी महीने की शुरुआत में पीसीबी ने आईसीसी को पहला ईमेल लिखा था—और उसे सिर्फ आईसीसी तक सीमित नहीं रखा गया था। सभी बोर्ड मेंबर्स को सीसी में डाला गया।
उस लेटर में पीसीबी ने:
- बांग्लादेश का खुला समर्थन किया
- यह मांग रखी कि बांग्लादेश के मैच भारत से बाहर कराए जाएं
- यहां तक कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश के वर्ल्ड कप मैचों की मेजबानी करने को तैयार है
मकसद साफ था—आईसीसी पर दबाव बनाना।
आईसीसी का दो टूक जवाब
आईसीसी ने इस मुद्दे पर बोर्ड मीटिंग में साफ रुख अपनाया।
उसका कहना था कि बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताएं आधारहीन हैं।
आईसीसी ने स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी के सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि:
- भारत में कोई अतिरिक्त जोखिम नहीं है
- बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच पहले से तय शेड्यूल के मुताबिक भारत में ही होंगे
बांग्लादेश को 24 घंटे का आखिरी वक्त दिया गया—लेकिन बीसीबी ने भारत जाने से इनकार कर दिया।
नतीजा?
आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शामिल कर लिया।
यहीं से पाकिस्तान का गुस्सा खुलकर सामने आया।
बहिष्कार की धमकी और काली पट्टी का संदेश
बांग्लादेश के बाहर होने के बाद से पाकिस्तान लगातार वर्ल्ड कप के बहिष्कार की धमकी दे रहा है।
अब काली पट्टी वाला कदम उसी दबाव की अगली कड़ी माना जा रहा है।
यह विरोध प्रतीकात्मक होगा—लेकिन इसका संदेश बड़ा है:
- आईसीसी के फैसले पर असहमति
- बांग्लादेश के प्रति समर्थन
- और यह दिखाने की कोशिश कि पाकिस्तान अकेला नहीं है
हालांकि, यह विरोध अगर मैदान पर होता है, तो आईसीसी के नियमों के दायरे में उसकी अनुमति लेना जरूरी होगा।
विवाद की जड़ केकेआर और मुस्तफिजुर
इस पूरे मामले की शुरुआत क्रिकेट से नहीं, बल्कि आईपीएल फ्रेंचाइज़ी केकेआर के एक फैसले से हुई थी।
केकेआर ने अपने स्क्वाड के इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया।
इसी के बाद बांग्लादेश में नाराज़गी बढ़ी और उसने टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में खेलने से इनकार कर दिया।
बीसीबी ने आईसीसी से मांग की कि:
- उसके मैच श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएं
- वजह बताई गई—“सुरक्षा चिंताएं”
लेकिन आईसीसी के सुरक्षा सर्वे में इन चिंताओं को खारिज कर दिया गया।
कहां फंस गया है पाकिस्तान?
पाकिस्तान इस वक्त एक अजीब स्थिति में है।
| पहलू | स्थिति |
|---|---|
| वर्ल्ड कप खेलना | अभी तय नहीं |
| आईसीसी से रिश्ते | तनावपूर्ण |
| बांग्लादेश मुद्दा | भावनात्मक और राजनीतिक |
| टीम की तैयारी | अधर में |
एक तरफ टीम क्रिकेट खेलने को तैयार है।
दूसरी तरफ बोर्ड और सरकार अभी भी कूटनीतिक गणित सुलझा रहे हैं।















