T20 – विशाखापट्टनम की रात भारत के लिए भारी रही, लेकिन उसी हार के बीच एक नाम ऐसा था जिसने मैच को आख़िरी दम तक ज़िंदा रखा—शिवम दुबे। 216 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए जब स्कोर 85/5 था और स्टेडियम की हवा भी उम्मीद छोड़ चुकी थी, तब दुबे ने ऐसा तूफान उठाया कि न्यूजीलैंड का डगआउट भी बेचैन दिखा।
भारत भले ही 50 रनों से मैच हार गया, लेकिन दुबे की पारी ने यह साफ कर दिया कि यह खिलाड़ी सिर्फ पावर-हिटर नहीं, बल्कि टीम रोल को समझने वाला ऑलराउंडर बन चुका है।
85/5 से उम्मीद तक: दुबे की बगावती पारी
शिवम दुबे ने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया।
यह भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में तीसरी सबसे तेज फिफ्टी है।
- युवराज सिंह
- अभिषेक शर्मा
- और अब शिवम दुबे
दुबे ने 23 गेंदों में 65 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 7 छक्के शामिल थे। एक समय ऐसा भी आया जब लगने लगा कि अगर यह पारी थोड़ी और लंबी चली, तो मैच का पासा पलट सकता है।
लेकिन जैसे ही दुबे आउट हुए, भारत की पारी भी वहीं थम गई और टीम 165 रन पर सिमट गई।
सबसे तेज भारतीय फिफ्टी – टी20I
| बल्लेबाज | गेंद | विपक्ष |
|---|---|---|
| युवराज सिंह | 12 | इंग्लैंड (2007) |
| अभिषेक शर्मा | 14 | — |
| शिवम दुबे | 15 | न्यूजीलैंड (2026) |
यह सिर्फ रफ्तार नहीं थी—यह दबाव में खेली गई पारी थी।
मैच के बाद क्यों बोले “थैंक यू” गंभीर और सूर्या को?
मैच के बाद शिवम दुबे के चेहरे पर निराशा कम और आत्मविश्वास ज्यादा दिखा। उन्होंने खुलकर बताया कि आखिर गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव उनके लिए इतने अहम क्यों हैं।
दुबे ने कहा,
“यह मेरी कड़ी मेहनत का नतीजा है। मेरा माइंडसेट बेहतर हो रहा है क्योंकि मैं अब लगातार ऐसे मैच खेल रहा हूं, ऐसी परिस्थितियों में बैटिंग कर रहा हूं। मुझे पता होता है कि आगे क्या आने वाला है और कौन सा गेंदबाज मेरे सामने होगा।”
यानी अब दुबे सिर्फ रिएक्ट नहीं करते—प्लान करके खेलते हैं।
रोल क्लैरिटी: स्पिन को टारगेट, मिडिल ओवर्स में रफ्तार
दुबे ने साफ किया कि उनका रोल पूरी तरह परिभाषित है।
- स्पिन गेंदबाजों को अटैक करना
- पेसर्स के खिलाफ रन गति बनाए रखना
- मिडिल ओवर्स में हाई स्ट्राइक रेट
टी20 क्रिकेट में यही वो फेज़ है, जहां मैच हाथ से निकलता या पकड़ा जाता है। दुबे इस जिम्मेदारी को समझ चुके हैं।
मुझे बॉलिंग का मौका मिला—यहीं बदली कहानी
शिवम दुबे की बातों में एक लाइन खास थी।
उन्होंने कहा,
“मैं बॉलिंग कर रहा हूं—इसके लिए गौतम भाई और सूर्या का शुक्रिया। जब आप बॉलिंग करते हैं, तो आप और स्मार्ट हो जाते हैं। मैं अपनी बॉलिंग पर भी काम कर रहा हूं, नई स्किल्स डेवलप करने की कोशिश कर रहा हूं।”
यही वह लाइन है जो बताती है कि दुबे अब सिर्फ बैटिंग ऑप्शन नहीं रहे।
वर्ल्ड कप 2024 के बाद: दुबे का ऑलराउंड ग्राफ
टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीत के बाद शिवम दुबे के आंकड़े चुपचाप बहुत कुछ कह देते हैं।
गेंदबाजी
| मैच | विकेट | औसत | बेस्ट |
|---|---|---|---|
| 16 | 18 | 18.72 | 3/4 |
बल्लेबाजी
| पारियां | रन | औसत | स्ट्राइक रेट | फिफ्टी |
|---|---|---|---|---|
| 17 | 340 | 26.15 | 173+ | 2 |
ये नंबर बताते हैं कि दुबे अब सिर्फ बैकअप नहीं, बल्कि मैच प्लान का हिस्सा हैं।
हार के बीच जो जीत दिखी
न्यूजीलैंड ने यह मैच जीता।
सीरीज का स्कोर 3-1 हो गया।
लेकिन भारत के लिए इस मुकाबले से एक पॉजिटिव साफ निकला—
शिवम दुबे का भरोसा।
जब टीम 85/5 थी, तब भी उन्होंने डर नहीं चुना।
उन्होंने वही खेला, जो टीम उनसे चाहती है।















