World Cup – टी20 वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। भारत और श्रीलंका में होने वाले इस मेगा इवेंट से पहले फैंस की धड़कनें तेज़ हैं—और वजह साफ है। टी20 क्रिकेट में शतक लगाना वैसे ही आसान नहीं, और वर्ल्ड कप के दबाव में सबसे तेज़ शतक? यह तो सीधा इतिहास रचने जैसा है।
अब तक यह ताज एक ही नाम के सिर सजा है—क्रिस गेल। और मज़ेदार बात यह कि टॉप-5 की लिस्ट में वह दो बार मौजूद हैं। भारतीय फैंस के लिए यहां थोड़ी कसक है—अब तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ इस एलीट क्लब में नहीं पहुंच पाया।
सबसे तेज़ शतक: गेल का साम्राज्य
जब टी20 वर्ल्ड कप के सबसे तेज़ शतकों की बात होती है, तो क्रिस गेल का नाम सबसे पहले आता है। 2016 में मुंबई के वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई वह पारी आज भी मानक मानी जाती है।
गेल ने सिर्फ 47 गेंदों में शतक जड़ा—और 11 छक्कों से स्टेडियम को हिला दिया। यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, यह टी20 वर्ल्ड कप का बेंचमार्क था।
पहला भी गेल का, दूसरा भी गेल का
गेल की कहानी यहीं नहीं रुकती। 2007 के पहले टी20 वर्ल्ड कप—उद्घाटन मैच—दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 50 गेंदों में शतक।
यह न सिर्फ तेज़ था, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का पहला शतक भी था।
यानी शुरुआत से लेकर शिखर तक—गेल हर जगह मौजूद।
टॉप-5 में बाकी कौन?
गेल के बाद जो नाम आते हैं, वे भी टी20 क्रिकेट की रफ्तार को परिभाषित करते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज़ शतक (टॉप-5)
| रैंक | बल्लेबाज़ | गेंद | विपक्ष | साल |
|---|---|---|---|---|
| 1 | क्रिस गेल (WI) | 47 | इंग्लैंड | 2016 |
| 2 | क्रिस गेल (WI) | 50 | दक्षिण अफ्रीका | 2007 |
| 3 | ब्रेंडन मैकुलम (NZ) | 51 | बांग्लादेश | 2012 |
| 4 | राइली रूसो (SA) | 52 | बांग्लादेश | 2022 |
| 5 | अहमद शहजाद (PAK) | 58 | बांग्लादेश | 2014 |
यह लिस्ट बताती है कि बड़े मंच पर तेज़ शतक लगाना सिर्फ ताकत नहीं, इंटेंट और टाइमिंग का खेल है।
मैकुलम का 123: क्लास और कैओस
2012 में पल्लेकेले।
ब्रेंडन मैकुलम ने बांग्लादेश के खिलाफ 51 गेंदों में शतक जड़ा और कुल 123 रन बनाए। यह पारी उस दौर की सबसे आक्रामक पारियों में गिनी जाती है—जहां ताकत के साथ टेक्निक भी साफ दिखी।
रूसो और शहजाद: नए दौर की दस्तक
2022 में राइली रूसो ने सिडनी में बांग्लादेश के खिलाफ 52 गेंदों में शतक ठोक दिया।
यह दक्षिण अफ्रीका का पहला टी20 वर्ल्ड कप शतक था—और सीधा टॉप-5 में।
वहीं, 2014 में अहमद शहजाद का 58 गेंदों का शतक पाकिस्तान के लिए उस वक्त उम्मीद की नई किरण बना।
भारत का इंतज़ार अब भी जारी
यहां तक सब ठीक—लेकिन भारत का नाम?
अब तक टॉप-5 में एक भी भारतीय बल्लेबाज़ नहीं।
यह बात चुभती है, खासकर तब जब भारत के पास दुनिया के सबसे आक्रामक टी20 बल्लेबाज़ हैं।
लेकिन शायद यही वह साल है, जहां तस्वीर बदल सकती है।
इस साल कौन कर सकता है कमाल?
भारतीय फैंस की उम्मीदें दो नामों पर टिकी हैं—
- सूर्यकुमार यादव: 360-डिग्री हिटिंग, पावरप्ले से डेथ तक आज़ादी
- अभिषेक शर्मा: ओपनिंग में बेखौफ अप्रोच, स्पिन-पेस दोनों पर आक्रमण
क्रिकेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही दिन, सही पिच और सही शुरुआत मिली—तो 47 गेंदों का रिकॉर्ड भी खतरे में पड़ सकता है।
भारत के बाहर भी खतरे कम नहीं
रिकॉर्ड तोड़ने की रेस में सिर्फ भारत ही नहीं—
- ट्रेविस हेड (ऑस्ट्रेलिया): पावरप्ले का सबसे खतरनाक बल्लेबाज़
- डेवाल्ड ब्रेविस (दक्षिण अफ्रीका): युवा, निडर और सिक्स-हंटर
इन दोनों के पास वह काबिलियत है कि एक पारी में मैच ही नहीं, रिकॉर्ड बुक भी पलट दें।
बड़ी तस्वीर क्या टूटेगा गेल का रिकॉर्ड
47 गेंदों का शतक—सुनने में अब भी अविश्वसनीय लगता है।
लेकिन टी20 क्रिकेट जिस रफ्तार से बदला है, वह नामुमकिन नहीं रहा।
छोटी बाउंड्री, फ्लैट पिच और निडर माइंडसेट—
बस 10 ओवर का एक तूफान चाहिए।















