Hardik : 17 गेंदों में 42 रन हार्दिक पांड्या बने डेथ ओवर्स के किंग

Atul Kumar
Published On:
Hardik

Hardik – तिरुवनंतपुरम में उस रात जब स्कोरबोर्ड पहले ही पागलपन की हद पार कर चुका था, तभी हार्दिक पांड्या क्रीज़ पर आए। 14.3 ओवर, स्कोर 185/3—आम तौर पर यहां टीमें 240–250 का सपना देखती हैं। लेकिन हार्दिक का इरादा कुछ और ही था।
17 गेंदें। 42 रन। और ऐसा फिनिश कि डेथ ओवर्स का मतलब ही बदल गया।

यह सिर्फ एक तेज़ पारी नहीं थी। यह एक रिकॉर्ड, एक पहचान और एक ऐलान था—
हार्दिक पांड्या अब आधिकारिक तौर पर डेथ ओवर्स के किंग हैं।

17 गेंदों में 42 रन: फिनिशिंग का मास्टरक्लास

हार्दिक पांड्या ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 में जो किया, वह स्कोरबोर्ड से ज्यादा मैसेज बोर्ड पर लिखा जाना चाहिए।

  • रन – 42
  • गेंद – 17
  • चौके – 1
  • छक्के – 4
  • स्ट्राइक रेट – 247.06

यह वह फेज़ होता है जहां गेंदबाज़ यॉर्कर ढूंढते हैं और बल्लेबाज़ गलत टाइमिंग से डरते हैं। हार्दिक ने दोनों को नजरअंदाज़ किया।

185 से 271 पांड्या इफेक्ट

जब हार्दिक बल्लेबाज़ी करने आए थे, तब भारत का स्कोर था—

14.3 ओवर – 185/3

यहां से भारत 250 तक पहुंचता, तो भी कोई हैरानी नहीं होती।
लेकिन हार्दिक पांड्या के बल्ले ने स्कोर को 271 तक उछाल दिया।

यानी आख़िरी 5.3 ओवरों में रन आए—
86 रन।

टी20 क्रिकेट में यह अंतर अक्सर मैच और अपमान के बीच का होता है।

डेथ ओवर्स का इतिहास: पांड्या सबसे आगे

इस पारी के साथ हार्दिक पांड्या ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो अब तक किसी ने नहीं किया था।

T20I डेथ ओवर्स (16–20) में सबसे ज्यादा रन

खिलाड़ीरनस्ट्राइक रेट
हार्दिक पांड्या1030186.93*
डेविड मिलर986179.92
मोहम्मद नबी973190.41
एमएस धोनी856160.60
नजीबुल्लाह जादरान838199.04
दासुन शनाका822165.72
विराट कोहली777198.21
महमूदुल्लाह748152.65

हार्दिक पांड्या टी20 इंटरनेशनल में डेथ ओवर्स में 1000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

फिनिशर क्यों अलग होता है?

हर पावर-हिटर फिनिशर नहीं होता।
और हर फिनिशर डेथ ओवर्स का राजा नहीं बनता।

हार्दिक पांड्या को अलग बनाती हैं ये बातें—

  • गेंद की लेंथ जल्दी पढ़ना
  • स्लोअर बॉल पर भी बैलेंस
  • स्ट्रेट और लॉन्ग-ऑन दोनों ओर ताकत
  • और सबसे अहम—बिना घबराए खेलने की आदत

टी20 में असली दबाव 16वें ओवर के बाद शुरू होता है।
और वहीं हार्दिक सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं।

ईशान और सूर्या की नींव, हार्दिक की छत

इस ऐतिहासिक स्कोर की कहानी अधूरी होती अगर बाकी दो नाम न हों।

  • ईशान किशन – 103 रन (पहला T20I शतक)
  • सूर्यकुमार यादव – 63 रन (30 गेंद)

ईशान ने पारी को उड़ान दी।
सूर्या ने रफ्तार बनाए रखी।
और हार्दिक ने उस उड़ान को ऑर्बिट में डाल दिया।

तीनों मिलकर बने—271 रन

272 का पीछा और 46 रन की जीत

271 रन का स्कोर टी20 में सिर्फ टारगेट नहीं होता, वह मेंटल ब्लो होता है।

न्यूजीलैंड ने कोशिश की—

  • डेरिल मिशेल
  • टिम सीफर्ट
  • बड़े शॉट्स

लेकिन स्कोर का दबाव भारी था।
कीवी टीम 225 रन पर ही रुक गई।

भारत ने मैच 46 रनों से जीता और सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली।

वर्ल्ड कप से पहले सही संकेत

2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले यह भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की खबरों में से एक है—

  • टॉप ऑर्डर रन बना रहा है
  • कप्तान फॉर्म में है
  • और फिनिशर अपने चरम पर है

हार्दिक पांड्या अगर इसी फॉर्म में रहे, तो भारत के लिए 180 का स्कोर भी सुरक्षित नहीं रहेगा—और 220 तो बिल्कुल नहीं।

धोनी से पांड्या तक: फिनिशिंग की विरासत

भारत लंबे समय तक एमएस धोनी पर निर्भर रहा।
अब वही जिम्मेदारी—अलग स्टाइल में—हार्दिक निभा रहे हैं।

धोनी शांत थे।
हार्दिक आक्रामक हैं।

लेकिन असर?
दोनों का एक जैसा—विनाशकारी।

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