Bumrah – शनिवार की शाम वानखेड़े में जब टॉस के बाद भारत की प्लेइंग इलेवन सामने आई, तो एक नाम ने सबको चौंका दिया—जसप्रीत बुमराह। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन भारत का यह पहला मुकाबला था, मंच बड़ा था, माहौल घरेलू और सामने अमेरिका।
लेकिन भारत की तेज गेंदबाजी की रीढ़ माने जाने वाले बुमराह टीम शीट से गायब थे। कुछ सेकंड के सन्नाटे के बाद वजह सामने आई—बीमारी।
अमेरिका ने ग्रुप ए के इस मुकाबले में टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। लेकिन चर्चा बल्लेबाजी से ज्यादा बुमराह की गैरमौजूदगी पर टिक गई।
BCCI का अपडेट: मेडिकल टीम की कड़ी निगरानी
मैच शुरू होने से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बुमराह को लेकर स्थिति साफ की। BCCI ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि बुमराह बीमारी की वजह से चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे और मेडिकल टीम उनकी हालत पर नजदीकी नजर रखे हुए है।
बोर्ड के बयान ने एक तरफ राहत दी—क्योंकि चोट नहीं, बीमारी वजह थी—तो दूसरी तरफ चिंता भी छोड़ी। टूर्नामेंट की शुरुआत में ही बुमराह का बाहर होना भारत के लिए हल्की नहीं, बल्कि रणनीतिक चिंता है।
सूर्या का खुलासा: सिराज को इसलिए मिला मौका
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के बाद बुमराह की अनुपस्थिति की पुष्टि की और बताया कि उनकी जगह मोहम्मद सिराज को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। सूर्या के मुताबिक, यह फैसला परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए लिया गया।
सूर्यकुमार ने कहा,
“हम पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे। मुंबई में अच्छा लग रहा है। हवा चल रही है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि बाद में बहुत ओस पड़ेगी। थोड़ा प्रेशर तो होगा, लेकिन हम पिछले एक-दो साल की तरह ही खेलना चाहते हैं।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि
वॉशिंगटन सुंदर और संजू सैमसन इस मैच का हिस्सा नहीं हैं
और बुमराह की तबीयत ठीक न होने के कारण सिराज को मौका दिया गया
सिराज की एंट्री और हर्षित राणा का बाहर होना
मोहम्मद सिराज की प्लेइंग इलेवन में एंट्री अचानक नहीं थी। वह पहले ही हर्षित राणा की जगह स्क्वॉड में शामिल किए जा चुके थे। हर्षित दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में घुटने की चोट का शिकार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
इस तरह भारत की तेज गेंदबाजी लाइन-अप में बदलाव मजबूरी में हुआ, न कि प्रयोग के तौर पर।
संयुक्त मेजबान, लेकिन दबाव बरकरार
भारत इस टी20 वर्ल्ड कप का संयुक्त मेजबान है। घरेलू मैदान, घरेलू फैंस और हालिया फॉर्म—तीनों भारत के पक्ष में हैं। 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया ने कोई भी सीरीज नहीं गंवाई है। टूर्नामेंट से पहले न्यूजीलैंड को 4–1 से हराना इसका ताजा उदाहरण है।
फिर भी सूर्या ने यह मानने में कोई झिझक नहीं दिखाई कि वर्ल्ड कप का दबाव अलग होता है।
“यह नया टूर्नामेंट है। दबाव होगा, लेकिन हमारा फोकस वही क्रिकेट खेलने पर है, जो हम पिछले दो सालों से खेलते आ रहे हैं।”
बुमराह की गैरमौजूदगी क्यों है बड़ी बात?
जसप्रीत बुमराह सिर्फ भारत के सबसे तेज गेंदबाज नहीं हैं, वह मैच के फ्लो को बदलने वाले खिलाड़ी हैं।
पावरप्ले में विकेट
डेथ ओवर्स में कंट्रोल
और बड़े मैचों में मानसिक बढ़त
इन तीनों का कॉम्बिनेशन बुमराह को अलग बनाता है। अमेरिका जैसी टीम के खिलाफ भी उनकी अहमियत कम नहीं होती, क्योंकि ऐसे मुकाबलों में भारत अक्सर प्रयोग करता है और बुमराह जैसे गेंदबाज संतुलन बनाए रखते हैं।
अमेरिका के खिलाफ मुकाबला: कागज पर आसान, मैदान पर नहीं
अमेरिका भले ही क्रिकेट की पारंपरिक महाशक्ति न हो, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनकी तैयारी और प्रोफेशनल अप्रोच ने कई टीमों को चौंकाया है। घरेलू लीग, मल्टी-नेशनल खिलाड़ियों का अनुभव और निडर क्रिकेट—ये सब उन्हें हल्के में लेने की इजाजत नहीं देते।
ऐसे में बुमराह की गैरमौजूदगी ने मुकाबले को थोड़ा और दिलचस्प बना दिया।
भारत की प्लेइंग XI: संतुलन पर जोर
अमेरिका के खिलाफ भारत ने अनुभव और आक्रामकता का संतुलन रखने की कोशिश की।
भारत की प्लेइंग XI:
ईशान किशन (विकेटकीपर)
अभिषेक शर्मा
तिलक वर्मा
सूर्यकुमार यादव (कप्तान)
रिंकू सिंह
हार्दिक पांड्या
शिवम दुबे
अक्षर पटेल
अर्शदीप सिंह
मोहम्मद सिराज
वरुण चक्रवर्ती
इस टीम में
टॉप ऑर्डर में आक्रामक बल्लेबाज
मिडिल ऑर्डर में फिनिशर
और गेंदबाजी में विविधता
तीनों मौजूद हैं।















