T20I – वानखेड़े में शनिवार की रात भारत के लिए हालात हाथ से फिसलते दिख रहे थे। स्कोरबोर्ड पर रन नहीं थे, ड्रेसिंग रूम में बेचैनी थी और मैदान पर विकेट गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था।
ऐसे वक्त में सूर्यकुमार यादव क्रीज पर डटे रहे—शांत, संतुलित और पूरी तरह नियंत्रण में। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका के खिलाफ यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, यह कप्तानी की परिभाषा थी।
भारतीय टीम जब 46 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी, तब सूर्या ने जिम्मेदारी उठाई। 49 गेंदों में नाबाद 84 रन, 10 चौके और 4 छक्के—और भारत को 161/9 तक पहुंचा दिया, जो एक समय नामुमकिन लग रहा था।
जब टीम डगमगाई, तब सूर्या दीवार बने
अमेरिका के खिलाफ भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। अभिषेक शर्मा जल्दी आउट हुए, मिडिल ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। 13वें ओवर में भारत का स्कोर 77/6 था और ऐसा लग रहा था कि टीम 130 तक पहुंचना भी मुश्किल होगा।
लेकिन सूर्या ने मैच को वहीं थाम लिया।
उन्होंने न सिर्फ विकेट गिरने की रफ्तार रोकी, बल्कि रन भी चलते रखे। जोखिम को मापा, गैप खोजे और सही वक्त पर बड़े शॉट लगाए। यह वही सूर्या थे, जो मुश्किल हालात में आक्रामकता को घबराहट नहीं बनने देते।
नेत्रवलकर का आखिरी ओवर और सूर्या का तूफान
अगर इस पारी की कोई तस्वीर फ्रेम करनी हो, तो वह होगी पारी का आखिरी ओवर।
सौरभ नेत्रवलकर के 20वें ओवर में भारत ने 21 रन बटोरे और इसके केंद्र में सिर्फ एक नाम था—सूर्यकुमार यादव।
पहली गेंद: चौका
दूसरी गेंद: छक्का
तीसरी गेंद: छक्का
चौथी गेंद: चौका
चार गेंदों में मैच का पूरा टोन बदल गया। वानखेड़े की भीड़ खड़ी थी, और अमेरिका की रणनीति पूरी तरह बिखर चुकी थी।
20वें ओवर में छक्कों का नया बादशाह (लगभग)
इस विस्फोटक फिनिश के साथ सूर्यकुमार यादव ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह अब टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।
T20I – 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के (भारत)
| खिलाड़ी | छक्के | गेंद |
|---|---|---|
| हार्दिक पांड्या | 16 | 101 |
| सूर्यकुमार यादव | 13 | 34 |
| एमएस धोनी | 12 | 132 |
| रिंकू सिंह | 12 | 41 |
| दिनेश कार्तिक | 9 | 49 |
| विराट कोहली | 8 | 58 |
| अक्षर पटेल | 7 | 71 |
| रोहित शर्मा | 6 | 31 |
सिर्फ 34 गेंदों में 13 छक्के—यह आंकड़ा खुद में बताता है कि सूर्या आखिरी ओवरों में कितने खतरनाक हो जाते हैं। इस दौरान उन्होंने एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया, जो अब संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।
अकेले सूर्या, साथ बस कुछ रन
इस मैच में सूर्यकुमार यादव के अलावा सिर्फ तीन भारतीय बल्लेबाज ही दहाई अंक तक पहुंच सके—
- तिलक वर्मा – 25 रन
- ईशान किशन – 20 रन
- अक्षर पटेल – 14 रन
बाकी बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई थी। एक समय भारत बहुत छोटे स्कोर पर सिमटता दिख रहा था, लेकिन सूर्या की पारी ने पूरी इनिंग की दिशा बदल दी।
कप्तान के रूप में डेब्यू और सीधा इतिहास
यह पारी सिर्फ रन या स्ट्राइक रेट की वजह से खास नहीं थी। यह सूर्यकुमार यादव की टी20 वर्ल्ड कप में कप्तान के रूप में पहली पारी थी—और उसी में उन्होंने इतिहास रच दिया।
सूर्या अब टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में कप्तान के तौर पर डेब्यू इनिंग में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
टी20 वर्ल्ड कप: कप्तान के रूप में डेब्यू में सबसे बड़ी पारियां
88 – क्रिस गेल vs ऑस्ट्रेलिया, द ओवल 2009
84* – सूर्यकुमार यादव vs अमेरिका, वानखेड़े 2026
68* – बाबर आजम vs भारत, दुबई 2021
65 – महेला जयवर्धने vs दक्षिण अफ्रीका, जोहान्सबर्ग 2007
इस दौरान सूर्या ने बाबर आजम का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 2021 वर्ल्ड कप में नाबाद 68 रन बनाए थे।
यह पारी क्यों याद रखी जाएगी?
क्योंकि यह आसान विकेट पर बनी पारी नहीं थी।
क्योंकि यह मजबूत सपोर्ट के साथ नहीं आई।
और क्योंकि यह कप्तानी दबाव के बीच खेली गई।
सूर्या ने दिखाया कि वह सिर्फ 360 डिग्री शॉट खेलने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि स्थिति के हिसाब से मैच पढ़ने वाले लीडर भी हैं।















