India : विश्व कप में भारत की 100वीं जीत – ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा बड़ा नाम

Atul Kumar
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India – वानखेड़े की फ्लडलाइट्स के नीचे अमेरिका के खिलाफ 29 रनों की जीत सिर्फ टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत नहीं थी। यह भारतीय क्रिकेट के लंबे सफर में एक और मील का पत्थर बन गई। जैसे ही आख़िरी ओवर खत्म हुआ, स्कोरबोर्ड ने जो कहानी दिखाई, वह इतिहास में दर्ज होने वाली थी—भारत अब विश्व कप इतिहास में 100 मैच जीतने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन चुका है।

ऑस्ट्रेलिया के बाद यह मुकाम हासिल करने वाली टीम इंडिया ने बता दिया कि उसका दबदबा सिर्फ एक दौर या एक फॉर्मेट तक सीमित नहीं रहा। यह निरंतरता, सिस्टम और गहराई की जीत है।

अमेरिका के खिलाफ जीत और इतिहास की एंट्री

शनिवार, 7 फरवरी को खेले गए इस मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 29 रनों से हराया। मैच भले ही कागज़ पर आसान दिखे, लेकिन इसका महत्व कहीं ज्यादा बड़ा था। इस जीत के साथ भारत ने वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप—दोनों फॉर्मेट मिलाकर 100वीं जीत दर्ज की।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि विश्व कप क्रिकेट में 100 जीत तक पहुंचना सिर्फ बड़े मैच खेलने से नहीं होता, बल्कि सालों तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है। भारत ने यह सफर कई पीढ़ियों में पूरा किया है।

ऑस्ट्रेलिया अब भी टॉप पर, लेकिन भारत की आहट साफ

विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड अभी भी ऑस्ट्रेलिया के नाम है। वनडे और टी20 वर्ल्ड कप मिलाकर कंगारू टीम ने अब तक 108 मुकाबले जीते हैं। दशकों तक विश्व क्रिकेट पर राज करने वाली ऑस्ट्रेलिया की निरंतरता इस आंकड़े में साफ झलकती है।

लेकिन भारत अब बहुत करीब है। मौजूदा फॉर्म और टीम की गहराई को देखें, तो यह फासला ज्यादा समय तक बना रहेगा—इसकी कोई गारंटी नहीं।

विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीमें

टीमजीत
ऑस्ट्रेलिया108
भारत100
न्यूजीलैंड86
पाकिस्तान80
इंग्लैंड80

यह लिस्ट अपने आप में कई कहानियां कहती है।

न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और इंग्लैंड का स्थान

तीसरे नंबर पर न्यूजीलैंड है, जिसने दोनों वर्ल्ड कप फॉर्मेट मिलाकर 86 जीत दर्ज की हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद कीवी टीम का लगातार टॉप लेवल पर बने रहना काबिले तारीफ रहा है।

पाकिस्तान और इंग्लैंड 80-80 जीत के साथ चौथे स्थान पर हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि दोनों टीमें विश्व क्रिकेट में लंबे समय तक प्रभावशाली रही हैं। हालांकि, पाकिस्तान के मामले में हाल के वर्षों में गिरावट सिर्फ आंकड़ों में नहीं, मैदान पर भी साफ नजर आती है।

टॉप-5 से बाहर दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टॉप-5 में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी टीमें शामिल नहीं हैं। एक समय विश्व क्रिकेट की धुरी मानी जाने वाली वेस्टइंडीज अब इस सूची से काफी पीछे है।

दक्षिण अफ्रीका का बाहर होना यह दिखाता है कि टूर्नामेंट जीतने की निरंतरता और बड़े मौकों पर जीत दर्ज करना कितना अहम होता है।

भारत की असली ताकत: हर दौर में मजबूती

भारत की खास बात यह नहीं है कि उसने 100 मैच जीत लिए। खास बात यह है कि यह जीतें अलग-अलग दौर, अलग-अलग कप्तानों और अलग-अलग टीम संयोजनों के साथ आई हैं।

कपिल देव से लेकर महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा और अब सूर्यकुमार यादव—हर युग में भारत ने खुद को ढाला है। पुराने खिलाड़ियों के जाने के बाद भी टीम जल्दी नई रीढ़ तैयार कर लेती है। यह सिस्टम की जीत है।

भारत के वर्ल्ड कप खिताबों का सफर

भारतीय सीनियर पुरुष टीम अब तक चार वर्ल्ड कप जीत चुकी है।

1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास बदला।
2007 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में भारत ने पहला टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया।
2011 में धोनी की कप्तानी में ही भारत ने श्रीलंका को हराकर दूसरा वनडे वर्ल्ड कप जीता।
2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने लंबे इंतजार के बाद दूसरा टी20 वर्ल्ड कप जीता।

इसके अलावा, चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का दबदबा रहा है, जहां टीम के नाम तीन खिताब दर्ज हैं।

एक खाली जगह: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप

इतनी उपलब्धियों के बावजूद भारत अब तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप नहीं जीत पाया है। फाइनल तक पहुंचने के बावजूद खिताब दूर रहा है। यह एकमात्र बड़ा सपना है, जो अभी अधूरा है।

सूर्या की कप्तानी में अगला लक्ष्य

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की नजरें सिर्फ जीत पर नहीं, बल्कि इतिहास रचने पर हैं। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना देख रही है।

100 जीत का आंकड़ा इस बात का संकेत है कि भारत सिर्फ वर्तमान की टीम नहीं, बल्कि भविष्य की भी सबसे मजबूत दावेदार है।

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