Ganguly – नई दिल्ली में जब सौरव गांगुली बोले, तो बात सिर्फ एक मैच या एक पारी तक सीमित नहीं रही। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की आक्रामक बल्लेबाज़ी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व कप्तान ने साफ लाइन खींच दी—आज के टी20 क्रिकेट में पीछे हटने की गुंजाइश नहीं है। चाहे पिच में असमान उछाल हो या शुरुआती विकेट गिर जाएं, इशान किशन और अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाज़ों को अपना स्वभाव नहीं बदलना चाहिए।
गांगुली के शब्दों में, यही आधुनिक टी20 की सच्चाई है। हिट करते रहो, और अगर कभी चूक हो जाए—तो भी डरने की जरूरत नहीं।
अमेरिका मैच बना बहस की जड़
भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में अमेरिका को हराया, लेकिन इस जीत के रास्ते में एक मुश्किल मोड़ भी आया। शुरू से आक्रामक खेलने की कोशिश में टीम इंडिया एक समय 6 विकेट पर सिर्फ 77 रन पर सिमटती दिखी। पिच में उछाल बराबर नहीं था, गेंद रुककर आ रही थी, और टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गया।
इसके बावजूद भारत ने वापसी की और एक प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचा। यहीं से सवाल उठे—क्या भारत को ऐसी परिस्थितियों में थोड़ा संभलकर खेलना चाहिए था?
सौरव गांगुली का जवाब सीधा था—नहीं।
टी20 क्रिकेट यही है — गांगुली की दो टूक
भारत कॉरपोरेट प्रीमियर लीग के चौथे सत्र के दौरान गांगुली ने कहा कि टी20 में आक्रामकता कोई विकल्प नहीं, बल्कि ज़रूरत है। उनके मुताबिक, जब खिलाड़ी हर गेंद पर हिट करने की सोच के साथ उतरते हैं, तो कभी-कभी आउट होना स्वाभाविक है।
उन्होंने साफ कहा कि इशान किशन और अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाज़ लंबे समय से इसी अंदाज़ में खेलते आए हैं। कुछ मैचों में रन नहीं बनेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रणनीति गलत है।
यह बयान दरअसल उन आलोचनाओं का जवाब था, जो शुरुआती विकेट गिरने के बाद सोशल मीडिया और स्टूडियो में तेज़ हो गई थीं।
संतुलन की टीम, गहराई की पहचान
गांगुली सिर्फ बल्लेबाज़ी तक नहीं रुके। उन्होंने मौजूदा भारतीय टीम को “बहुत मजबूत और संतुलित” बताया। उनके मुताबिक, इस टीम में तेज़ गेंदबाज़ी, स्पिन, बल्लेबाज़ी और फील्डिंग—हर डिपार्टमेंट में गहराई है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, टीम और बेहतर होती जाएगी। बड़े टूर्नामेंट में लय का आना बेहद अहम होता है, और भारत के पास वह अनुभव है।
सूर्यकुमार यादव पर खास भरोसा
गांगुली ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की जमकर तारीफ की। उनके मुताबिक, सूर्या एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच पलट सकते हैं। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हालिया सीरीज़ में उनके रन इस बात का सबूत हैं कि वह शानदार फॉर्म में हैं।
गांगुली ने कहा कि सूर्या जिस तरह गेंद को मैदान के हर हिस्से में खेलते हैं, वह टी20 क्रिकेट में बहुत कम बल्लेबाज़ कर पाते हैं। यही वजह है कि भारत की यह टीम खतरनाक बन जाती है—क्योंकि किसी भी दिन कोई भी खिलाड़ी मैच-विनर बन सकता है।
बुमराह की गैरमौजूदगी और टीम की गहराई
अमेरिका के खिलाफ मैच में भारत जसप्रीत बुमराह के बिना उतरा। पेट खराब होने के कारण वह मुकाबले से बाहर रहे, और यह बात स्वाभाविक तौर पर चिंता का विषय थी।
लेकिन पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर खान ने इसे टीम की गहराई की मिसाल बताया। उनके मुताबिक, मोहम्मद सिराज ने मौके का पूरा फायदा उठाया और यह दिखाया कि भारत सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है।
यह वही गहराई है, जो लंबे टूर्नामेंट में टीमों को आगे ले जाती है।
बुमराह का इस्तेमाल: पावरप्ले या डेथ?
बुमराह के रोल को लेकर ज़हीर खान ने भी दिलचस्प राय दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या बुमराह को पावरप्ले में तीन ओवर देने चाहिए, तो उन्होंने कहा कि कार्यभार प्रबंधन ज्यादा जरूरी है।
उनके मुताबिक, बुमराह डेथ ओवर्स में ज्यादा असरदार हैं। आप उन्हें कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन पूरे बॉलिंग सेटअप को ध्यान में रखना जरूरी है।
पाकिस्तान के फैसले पर गांगुली की हैरानी
गांगुली ने पाकिस्तान के भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटने के फैसले पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में हर मैच और हर अंक अहम होता है। ऐसे में किसी एक मुकाबले से हटना उन्हें हैरान करता है।
पाकिस्तान सरकार ने यह ऐलान किया था कि टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी, हालांकि बाकी टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। गांगुली के मुताबिक, वर्ल्ड कप जीतने का सपना लेकर आने वाली टीमों के लिए अंक गंवाना भारी पड़ सकता है।
भारतीय टीम की मौजूदा तस्वीर
| पहलू | स्थिति |
|---|---|
| बल्लेबाज़ी | आक्रामक, गहराई के साथ |
| गेंदबाज़ी | पेस और स्पिन दोनों मजबूत |
| कप्तानी | सूर्यकुमार यादव जैसे मैच-विनर |
| बेंच स्ट्रेंथ | सिराज जैसे खिलाड़ी तैयार |
| रणनीति | रिस्क के साथ भरोसा |















