Nepal – लॉर्ड्स की शाम आमतौर पर बड़े नामों की कहानी कहती है, लेकिन इस बार स्कोरबोर्ड से ज्यादा चर्चा उस टीम की हो रही थी, जिसे लोग अब तक “अंडरडॉग” कहकर आगे बढ़ जाते थे। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले ही मैच में नेपाल ने साफ संदेश दे दिया—उन्हें हल्के में लेना अब भारी पड़ सकता है।
184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नेपाल आखिरी गेंद तक लड़ता रहा और मुकाबला सिर्फ 4 रन से हारा। हार काग़ज़ पर दर्ज हुई, लेकिन दिल और दिमाग दोनों में यह नेपाल की जीत जैसी थी।
इंग्लैंड का स्कोर: नाम बड़े, रन ज़रूरी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 184 रन बनाए। जैकब बेथल और हैरी ब्रूक के अर्धशतकों ने पारी को आधार दिया, जबकि विल जैक्स ने अंत में तेज़ रन बटोरकर स्कोर को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
इंग्लैंड जैसी टीम के लिए यह एक “पार” स्कोर माना जा रहा था—इतना कि मैच पर पकड़ बनाई जा सके, लेकिन इतना भी नहीं कि सामने वाली टीम पूरी तरह टूट जाए।
नेपाल की बल्लेबाज़ी: डर नहीं, भरोसा
इंग्लैंड के गेंदबाज़ी आक्रमण को देखकर यही लगा था कि नेपाल के लिए यहां तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। लेकिन जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया।
नेपाल के बल्लेबाज़ों ने ना सिर्फ टिककर खेला, बल्कि मौके मिलते ही आक्रामकता भी दिखाई। विकेट गिरते रहे, लेकिन रन रेट कभी पूरी तरह हाथ से नहीं गया।
20 ओवर के बाद स्कोर—6 विकेट पर 180 रन। जीत बस चार रन दूर।
यह वही नेपाल है, जो कुछ साल पहले तक ऐसे मुकाबलों में 120–130 पर सिमट जाया करता था।
लोकेश बाम: आखिरी उम्मीद की चमक
इस रन चेज़ में सबसे चमकता नाम रहा लोकेश बाम। 20 गेंदों में नाबाद 39 रन। हर शॉट में इरादा साफ था—इतिहास रचने का।
आखिरी ओवर में नेपाल को 10 रन चाहिए थे। स्टैंड्स में शोर था, ड्रेसिंग रूम में उम्मीद। लेकिन सामने सैम करन थे।
करन ने अनुभव दिखाया। लगातार यॉर्कर। नेपाल सिर्फ 5 रन ही जोड़ सका।
मैच वहीं खत्म हो गया।
दिग्गजों की प्रतिक्रिया: दुनिया ने नोटिस किया
नेपाल की इस जुझारू कोशिश पर क्रिकेट जगत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
युवराज सिंह ने खुले दिल से तारीफ करते हुए कहा कि नेपाल ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के खिलाफ आखिरी गेंद तक लड़कर दिखा दिया कि विश्वास और जज़्बा क्या कर सकता है। उनके शब्दों में साफ था—क्रिकेट की दुनिया अब नेपाल को देख रही है।
रविचंद्रन अश्विन ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि नेपाल उभरते हुए क्रिकेट देशों में सर्वश्रेष्ठ में से एक है और उनमें आगे बढ़ने की अपार क्षमता है।
इरफान पठान ने फिनिशिंग की कमी की बात जरूर कही, लेकिन साथ ही यह भी माना कि नेपाल सही रास्ते पर है और इंग्लैंड को दबाव में डालना बड़ी बात है।
दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज डेल स्टेन ने तो मज़ाकिया अंदाज़ में यहां तक लिख दिया कि अगर कभी जरूरत पड़ी, तो वह नेपाल की मदद के लिए तैयार हैं—बस ऊपर और ऊपर बढ़ते रहो।
क्यों खास है यह हार?
यह मुकाबला सिर्फ 4 रन से हारा गया मैच नहीं है। यह संकेत है।
संकेत कि एसोसिएट और उभरती टीमें अब सिर्फ अनुभव लेने नहीं आ रहीं।
संकेत कि बड़े नामों को अब हर गेंद पर सावधान रहना होगा।
टी20 क्रिकेट में आत्मविश्वास सबसे बड़ा हथियार होता है—और नेपाल ने वह हासिल कर लिया है।
इंग्लैंड बनाम नेपाल: मैच का सार
| टीम | स्कोर |
|---|---|
| इंग्लैंड | 184/7 (20 ओवर) |
| नेपाल | 180/6 (20 ओवर) |
| नतीजा | इंग्लैंड 4 रन से जीता |
आगे नेपाल के लिए क्या?
इस प्रदर्शन के बाद नेपाल के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वे इस मैच को “लगभग जीत” के तौर पर नहीं, बल्कि सीख के तौर पर लें। फिनिशिंग, डेथ ओवर्स की प्लानिंग और दबाव में निर्णय—यही अगला कदम है।
















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