Yuvraj – 19 साल की उम्र, बाएं हाथ की बल्लेबाज़ी, और गेंद को स्टैंड्स के पार भेजने का जुनून—कनाडा क्रिकेट को अगर कोई नया चेहरा मिला है, तो वह युवराज सिंह सामरा हैं। नाम सुनते ही भारतीय फैंस चौंकते हैं, और इसकी वजह भी है। यह नाम यूं ही नहीं रखा गया।
खुद सामरा ने कबूल किया है कि उनके पिता ने उनका नाम भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह के नाम पर ही रखा था। अब वही सामरा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा के लिए बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने उतरे हैं।
15 गेंदों में फिफ्टी और बना नेशनल रिकॉर्ड
युवराज सिंह सामरा कोई साधारण टैलेंट नहीं हैं। बहामास के खिलाफ 15 गेंदों में अर्धशतक—यह सिर्फ एक तेज़ पारी नहीं थी, बल्कि कनाडा क्रिकेट का नेशनल रिकॉर्ड भी बन गया। इतनी कम उम्र में ऐसा कारनामा करना बताता है कि सामरा किस तरह के माइंडसेट के साथ खेलते हैं।
ताबड़तोड़ बैटिंग, फुल स्विंग और डर से बिल्कुल बेपरवाह अंदाज़—यह सब उनकी पहचान बन चुकी है। वह गेंद को “जोर से मारना” पसंद करते हैं, और इसमें कोई झिझक नहीं रखते।
नाम का कनेक्शन: युवराज सिंह से मुलाकात तक
सामरा के नाम और खेल—दोनों में युवराज सिंह की झलक दिखती है। दिलचस्प बात यह है कि सामरा खुद युवराज सिंह से मिल भी चुके हैं। ESPNcricinfo के मुताबिक, सामरा ने बताया कि जब उनके पिता ने युवराज सिंह को नाम के बारे में बताया, तो वह हंस पड़े थे।
सामरा के शब्दों में, पहली मुलाकात 2019 के आसपास हुई थी, जब युवराज टोरंटो नेशनल्स के लिए खेल रहे थे। इसके बाद 2025 में सुपर 60 लीग के दौरान उनकी दोबारा मुलाकात हुई।
सामरा मानते हैं कि युवराज सिंह की बॉल-हिटिंग क्षमता देखना अपने आप में एक अनुभव है। लेकिन यहां एक दिलचस्प मोड़ भी है।
कॉपी नहीं अपना वर्ज़न बनना चाहता हूं
जहां पिता चाहते हैं कि बेटा युवराज सिंह की तरह खेले, वहीं सामरा की सोच थोड़ी अलग है। वह खुले तौर पर कहते हैं कि वह किसी की कॉपी नहीं बनना चाहते।
उनका मानना है कि युवराज सिंह को देखना मज़ेदार है, उनसे सीखना जरूरी है, लेकिन मैदान पर उतरकर उन्हें अपना अलग रास्ता बनाना है। यह बयान दिखाता है कि सामरा सिर्फ नाम के सहारे आगे नहीं बढ़ना चाहते—वह अपनी पहचान खुद गढ़ना चाहते हैं।
कनाडा के लिए कम उम्र में बड़ा रोल
19 साल की उम्र में सामरा के पास इंटरनेशनल अनुभव भी कम नहीं है। वह अब तक—
8 वनडे
16 टी20 इंटरनेशनल
खेल चुके हैं। अक्टूबर 2023 तक वह एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल रहे थे, और मार्च 2025 में उन्होंने इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया। इतनी तेज़ रफ्तार में ऊपर आना कनाडा क्रिकेट में कम ही देखने को मिलता है।
ग्रुप D में कठिन परीक्षा
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा को आसान ग्रुप नहीं मिला है। ग्रुप D में उनके साथ—
साउथ अफ्रीका
न्यूजीलैंड
अफगानिस्तान
यूएई
जैसी टीमें हैं। यह वही ग्रुप है जहां हर मैच में छोटी सी चूक भारी पड़ सकती है। ऐसे में सामरा जैसे पावर-हिटर से कनाडा को मिडिल ओवर्स और डेथ ओवर्स में बड़े शॉट्स की उम्मीद होगी।
आईपीएल का सपना और मुंबई इंडियंस का नाम
सामरा के सपने सिर्फ वर्ल्ड कप तक सीमित नहीं हैं। उनकी नजरें फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट पर टिकी हैं—और वह भी पूरी दुनिया में।
वह चाहते हैं कि इस वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन कर के उन्हें अलग-अलग लीग्स के दरवाज़े खोलने का मौका मिले। आईपीएल, सीपीएल, मेजर लीग क्रिकेट—सब उनकी लिस्ट में हैं।
खास बात यह है कि उनके पिता का सपना है कि वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलें। और सामरा भी मानते हैं—आईपीएल में कौन नहीं खेलना चाहता?
पहले कनाडाई बनना चाहता हूं जो हर लीग खेले
सामरा का लक्ष्य सिर्फ खेलना नहीं, इतिहास बनाना है। वह खुद कहते हैं कि वह दुनिया की लगभग सभी बड़ी लीग खेलने वाले पहले कनाडाई क्रिकेटर बनना चाहते हैं।
यह बयान आत्मविश्वास से भरा है, लेकिन खाली हवा नहीं। उनके रिकॉर्ड, उम्र और खेलने के अंदाज़ को देखें, तो यह सपना असंभव नहीं लगता।
















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