Scotland : हम इंग्लैंड को हरा सकते हैं – बेरिंगटन का बड़ा दावा

Atul Kumar
Published On:
Scotland

Scotland – ईडन गार्डन्स की फ्लडलाइट्स के नीचे इटली को रौंदने के बाद स्कॉटलैंड का ड्रेसिंग रूम सिर्फ जश्न का ठिकाना नहीं था, बल्कि आत्मविश्वास से भरा हुआ था।

73 रन की बड़ी जीत ने सिर्फ नेट रन रेट नहीं सुधारा, बल्कि कप्तान रिची बेरिंगटन की सोच को भी और मजबूत कर दिया। उनके शब्दों में अब झिझक नहीं, बल्कि सीधा संदेश था—स्कॉटलैंड इंग्लैंड को हरा सकता है।

इटली पर जीत ने बदला माहौल

वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती हार के बाद स्कॉटलैंड पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन सोमवार को वही टीम बिल्कुल अलग रूप में दिखी। पहले बल्लेबाजी करते हुए 207 रन ठोके और फिर इटली को 134 पर समेट दिया। ईडन गार्डन्स में यह जीत सिर्फ स्कोरलाइन की नहीं थी, बल्कि मानसिक वापसी की कहानी थी।

इसी जीत के बाद बेरिंगटन ने साफ कहा कि उनकी टीम इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को होने वाले मुकाबले में खुद को कम नहीं आंक रही।

“यह सपना टूर्नामेंट की शुरुआत से था” – बेरिंगटन

मैच के बाद कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए स्कॉटलैंड के कप्तान ने इंग्लैंड मैच को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होते ही यह सपना था कि बड़ी टीमों पर दबाव बनाया जाए—चाहे इंग्लैंड बनाम नेपाल मैच का नतीजा कुछ भी रहा हो।

बेरिंगटन का मानना है कि स्कॉटलैंड पहले भी दिखा चुका है कि अगर वह अपनी ताकत पर टिके रहे, तो किसी भी टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इंग्लैंड एक विश्व स्तरीय टीम है, लेकिन साथ ही यह जोड़ना नहीं भूले कि स्कॉटलैंड के पास भी ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े मंच पर मैच पलट सकते हैं।

इंग्लैंड की कमजोर शुरुआत से बढ़ा भरोसा

इंग्लैंड ने भले ही नेपाल के खिलाफ पहला मैच जीत लिया हो, लेकिन 184 रन का बचाव करते हुए सिर्फ चार रन से बचना कई सवाल छोड़ गया। आखिरी ओवर तक गया वह मुकाबला दिखा गया कि इंग्लैंड अभी पूरी तरह लय में नहीं है।

यही बात स्कॉटलैंड के हौसले को और हवा दे रही है। बेरिंगटन के मुताबिक, मुकाबले का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि उस दिन कौन अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से अमल में लाता है।

पुरानी प्रतिद्वंद्विता, नया मंच

स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के बीच मुकाबला सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहता। इतिहास, भूगोल और खेल—सब मिलकर इस भिड़ंत को खास बनाते हैं। बेरिंगटन ने भी माना कि दोनों देशों के बीच हमेशा से एक प्रतिद्वंद्विता रही है, जो हर खेल में महसूस होती है।

उन्होंने इसे स्वाभाविक बताते हुए कहा कि लंबे इतिहास वाले देशों के बीच ऐसा होना लाज़मी है। यही प्रतिद्वंद्विता इस मैच में अतिरिक्त रोमांच जोड़ देती है।

शनिवार को डबल जीत हो जाए… – कप्तान की ख्वाहिश

इस मुकाबले को और खास बनाता है शनिवार का संयोग। उसी दिन एडिनबर्ग में ‘सिक्स नेशंस’ रग्बी टूर्नामेंट में भी स्कॉटलैंड की टीम इंग्लैंड से भिड़ेगी।

बेरिंगटन मुस्कराते हुए बोले कि अगर शनिवार को स्कॉटलैंड दोनों खेल जीत ले, तो वह देश के लिए एक शानदार हेडलाइन होगी। यह बयान भले हल्के अंदाज़ में आया हो, लेकिन इसके पीछे आत्मविश्वास साफ झलकता है।

इंग्लैंड के सामने स्कॉटलैंड की असली चुनौती

इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइन-अप में पावर है, अनुभव है और डेथ ओवर्स का हुनर भी। लेकिन स्कॉटलैंड के लिए सबसे बड़ी ताकत यही हो सकती है कि उस पर हार का दबाव नहीं है।

अगर स्कॉटलैंड अपनी गेंदबाजी योजनाओं पर टिका रहा और बल्लेबाजी में वही आक्रामकता दिखी जो इटली के खिलाफ दिखी थी, तो यह मुकाबला इंग्लैंड के लिए आसान नहीं रहने वाला।

टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Follow Us On