Vaibhav – लॉर्ड्स की बालकनी से लेकर मुंबई के वानखेड़े तक, क्रिकेट ने कई नायकों को जन्म लेते देखा है। लेकिन 14 साल की उम्र में 175 रन? और वह भी वर्ल्ड कप फाइनल में? यही वजह है कि इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर जैसे खिलाड़ी भी वैभव सूर्यवंशी को देखकर दंग हैं।
अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रन ठोक दिए। वह सिर्फ पारी नहीं थी—वह ऐलान था। भारत ने मैच जीता, ट्रॉफी उठाई, और एक नया नाम सुर्खियों में आ गया।
अब तक का सबसे बेहतरीन – बटलर का बड़ा बयान
‘लव फॉर क्रिकेट’ पॉडकास्ट में जोस बटलर ने वैभव की जमकर तारीफ की। उनके शब्दों में उत्साह भी था और हैरानी भी।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि वह अब तक का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी है जिसे मैंने देखा है। 14 साल की उम्र में और कौन ऐसा कर रहा था? अगर वह इस उम्र में ऐसा खेल रहा है, तो सोचिए 16, 18 या 20 साल की उम्र में वह कहां होगा।”
यह सिर्फ औपचारिक तारीफ नहीं थी। बटलर ने यह भी जोड़ा कि अगर वैभव ने सिर्फ अंडर-19 में प्रदर्शन किया होता, तो लोग कहते—सीनियर क्रिकेट में देखेंगे। लेकिन वैभव पहले ही आईपीएल खेल चुके हैं।
आईपीएल में भी धमाका
बटलर ने खासतौर पर यह बात रेखांकित की कि वैभव ने आईपीएल में शतक लगाया है। यहां तक कि अपनी पहली गेंद पर छक्का जड़कर उन्होंने सबका ध्यान खींचा।
आईपीएल जैसे मंच पर जहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज खेलते हैं, वहां 14-15 साल की उम्र में इस तरह का आत्मविश्वास दुर्लभ है।
यही बात बटलर को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।
मार्क वुड का सवाल: सुपरस्टार या दबाव
पॉडकास्ट में मार्क वुड ने बटलर से पूछा—क्या वह उन्हें निश्चित सुपरस्टार मानते हैं, या यह भी संभव है कि इतनी कम उम्र में इतना हाइप कहीं दबाव न बन जाए?
यह सवाल वाजिब है।
भारतीय क्रिकेट ने कई युवा प्रतिभाएं देखी हैं। कुछ ने लंबी रेस लगाई, कुछ रास्ते में खो गए। लेकिन बटलर का जवाब साफ था।
उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि वह सर्वश्रेष्ठ कैसे नहीं हो सकता।”
यह बयान जितना बड़ा है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी साथ लाता है।
175 रन – सिर्फ आंकड़ा नहीं
फाइनल में 175 रन की पारी सिर्फ स्कोर नहीं थी। वह मैच का टर्निंग पॉइंट थी। तेज स्ट्राइक रेट, बड़े शॉट्स, दबाव में संयम—सब कुछ एक साथ।
भारत ने उस मुकाबले में इंग्लैंड को बड़े अंतर से हराया। और वैभव की पारी उस जीत की धुरी बनी।
क्या भारत को मिल गया अगला सुपरस्टार
भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कमी कभी नहीं रही। लेकिन इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसा प्रदर्शन असाधारण है।
सवाल अब यह नहीं कि वह प्रतिभाशाली हैं या नहीं।
सवाल यह है—उन्हें कैसे संभाला जाएगा?
अत्यधिक अपेक्षाएं, मीडिया की नजरें, तुलना—सब अब उनके साथ जुड़ चुके हैं।
संतुलन की जरूरत
14 साल की उम्र में “अब तक का सबसे बेहतरीन” कहलाना सुनने में शानदार लगता है। लेकिन करियर लंबा होता है। फिटनेस, मानसिक मजबूती, निरंतरता—यही असली परीक्षा होती है।
भारतीय टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट बोर्ड के लिए अब चुनौती होगी—प्रतिभा को संरक्षित करना, जल्दबाजी से बचाना, और धीरे-धीरे ग्रूम करना।
वैभव सूर्यवंशी – 80 गेंदों में 175 रन (अंडर-19 विश्व कप फाइनल)
भारत ने फाइनल जीता
जोस बटलर ने पॉडकास्ट में उन्हें “अब तक का सबसे बेहतरीन” बताया
वैभव आईपीएल में शतक लगा चुके हैं
ये सभी जानकारी सार्वजनिक बयानों और मैच रिकॉर्ड्स पर आधारित हैं।















