India : 2012 का रिकॉर्ड टूटा – 2026 में टीम इंडिया की सबसे बड़ी टी20 विश्व कप जीत

Atul Kumar
Published On:
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India – दिल्ली की सर्द हवा में गुरुवार की रात कुछ अलग थी। अरुण जेटली स्टेडियम की रोशनी के नीचे टीम इंडिया ने नामीबिया के खिलाफ सिर्फ एक मैच नहीं जीता—एक रिकॉर्ड तोड़ा, इतिहास फिर से लिखा और यह साफ कर दिया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनका इरादा क्या है। 93 रनों की जीत। और यह टी20 विश्व कप के इतिहास में रनों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी जीत बन गई।

209/9 का स्कोर। जवाब में नामीबिया 18.2 ओवर में 116 पर ढेर। स्कोरबोर्ड एक कहानी कह रहा था—दबदबा।

पुराना रिकॉर्ड टूटा, नया इतिहास बना

अब तक टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत 2012 में आई थी, जब कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में इंग्लैंड को 90 रनों से हराया गया था। वह जीत एक लंबे समय तक बेंचमार्क बनी रही। लेकिन दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ मिली 93 रनों की जीत ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

भारत की टी20 विश्व कप में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीतें:

मुकाबलाअंतरवर्षस्थान
भारत बनाम नामीबिया93 रन2026दिल्ली
भारत बनाम इंग्लैंड90 रन2012कोलंबो
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया73 रन2014मीरपुर
भारत बनाम जिम्बाब्वे71 रन2022मेलबर्न
भारत बनाम इंग्लैंड68 रन2024प्रोविडेंस

दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में बड़े नाम शामिल हैं—इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया। लेकिन अब सबसे ऊपर नामीबिया के खिलाफ दिल्ली की जीत दर्ज है। क्रिकेट में विरोधी की रैंकिंग से ज्यादा मायने प्रदर्शन का अंदाज रखता है—और वह अंदाज भारत ने दिखाया।

209 का स्कोर: बल्लेबाजी की ठोस नींव

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 209 रन बनाए। ईशान किशन ने 61 रनों की प्रभावशाली पारी खेली—कंट्रोल और आक्रामकता का संतुलन। दूसरी ओर हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रन ठोककर अंतिम ओवरों में रफ्तार दोगुनी कर दी।

संक्षिप्त स्कोर:

बल्लेबाजरनगेंद
ईशान किशन61
हार्दिक पांड्या5228
कुल स्कोर209/920 ओवर

बीच-बीच में आए कैमियो ने स्कोर को मजबूती दी। 16 ओवर के बाद 200 थोड़ा दूर लग रहा था, लेकिन डेथ ओवर्स में भारत ने गियर बदला। यही अंतर बना।

गेंदबाजी: पूरी तरह नियंत्रण

209 का लक्ष्य किसी भी टीम के लिए दबाव लेकर आता है। नामीबिया की शुरुआत भी उसी दबाव में हुई। भारतीय गेंदबाजों ने लाइन-लेंथ कसी रखी और विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। 18.2 ओवर में पूरी टीम 116 पर सिमट गई।

93 रनों की जीत सिर्फ आंकड़ा नहीं है। यह नेट रन रेट को मजबूत करती है, ड्रेसिंग रूम में आत्मविश्वास भरती है और टूर्नामेंट में शुरुआती बढ़त दिलाती है।

2012 से 2026: एक सफर

2012 में इंग्लैंड पर 90 रनों की जीत उस समय की टीम की ताकत दिखाती थी। 2014 में ऑस्ट्रेलिया को 73 रनों से हराना, 2022 में मेलबर्न में जिम्बाब्वे पर 71 रनों की जीत, और 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ 68 रनों की सेमीफाइनल जीत—हर जीत ने एक कहानी लिखी।

लेकिन 2026 की यह जीत खास इसलिए है क्योंकि यह एक नए दौर की टीम का संकेत है। कई सीनियर चेहरे बदल चुके हैं, कप्तानी नई है, लेकिन आक्रामक सोच बरकरार है।

मैच का मोमेंटम: जहां खेल पलटा

मैच का निर्णायक पल डेथ ओवर्स थे। हार्दिक पांड्या की पारी ने स्कोर को 200 पार पहुंचाया। अगर भारत 180-185 पर रुकता, तो शायद मुकाबला अलग दिखता। लेकिन 209? वह स्कोर विपक्ष को शुरुआत से ही बैकफुट पर धकेल देता है।

और जब लक्ष्य बड़ा हो, तो एक-दो शुरुआती विकेट पूरी रणनीति तोड़ देते हैं। यही नामीबिया के साथ हुआ।

ग्रुप ए में यह जीत भारत को मजबूत स्थिति में ले जाती है। लेकिन टूर्नामेंट लंबा नहीं होता। असली चुनौती बड़ी टीमों के खिलाफ होगी। फिर भी, ऐसी बड़ी जीतें लय बनाती हैं।

दिल्ली की रात ने यह दिखा दिया—टीम इंडिया सिर्फ खेल नहीं रही, दबदबा बना रही है।

93 रन।
नया रिकॉर्ड।
और एक साफ संदेश—इतिहास दोबारा लिखा जा सकता है।

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