Abhishek : अस्पताल से छुट्टी लेकिन क्या कोलंबो में खेल पाएंगे अभिषेक?

Atul Kumar
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Abhishek

Abhishek – कोलंबो में 15 फरवरी का भारत-पाकिस्तान मुकाबला वैसे ही हाई-वोल्टेज होता है। लेकिन इस बार टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन को लेकर एक अतिरिक्त सवाल हवा में तैर रहा है—क्या अभिषेक शर्मा फिट होंगे?

दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ 93 रनों की जीत के बावजूद ड्रेसिंग रूम में हल्की चिंता बनी रही। कारण—सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का पेट का संक्रमण। अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन मैदान पर वापसी अभी तय नहीं।

क्या है अभिषेक की मौजूदा स्थिति?

अभिषेक को तेज बुखार और पेट दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दो दिन भर्ती रहना पड़ा। बुधवार को उन्हें छुट्टी मिल गई, मगर गुरुवार को कोटला में टीम के अभ्यास सत्र के दौरान वह मैदान पर नहीं उतरे। वजह—कमजोरी।

टीम सूत्रों के अनुसार, उनका थोड़ा वजन भी कम हुआ है। पेट का गंभीर संक्रमण सिर्फ बुखार का मामला नहीं होता। शरीर की ऊर्जा, सहनशक्ति और रिकवरी टाइम—सब प्रभावित होते हैं। और टी20 वर्ल्ड कप का स्तर? वहां 100 प्रतिशत फिटनेस ही न्यूनतम शर्त है।

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी संकेत दे दिए हैं। उन्होंने साफ कहा, “अभिषेक अभी पूरी तरह ठीक नहीं हैं, एक-दो मैच लग सकते हैं।” बयान छोटा था, लेकिन अर्थ गहरा।

नेट सेशन देगा असली संकेत

अब निगाहें कोलंबो के नेट्स पर होंगी।

पिछले एक साल के अभ्यास पैटर्न पर नजर डालें तो अभिषेक आमतौर पर लंबे नेट सत्र करते हैं—तीन घंटे के टीम सेशन में 75 से 90 मिनट बल्लेबाजी। यही उनका सामान्य रूटीन है।

संभावित फिटनेस संकेत:

नेट में समयसंकेत
60–90 मिनट बल्लेबाजीमैच फिट होने की संभावना
30 मिनट से कमपूरी तरह फिट नहीं
नेट्स में गैरहाजिरपाकिस्तान मैच से बाहर

टीम मैनेजमेंट कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला सिर्फ ग्रुप स्टेज मैच नहीं होता—वह मानसिक और रणनीतिक लड़ाई भी होता है।

अगर अभिषेक नहीं खेले तो?

दिल्ली में उनकी जगह संजू सैमसन ने ओपनिंग की थी। 8 गेंदों में 22 रन—इंटेंट साफ था, लेकिन लंबी पारी नहीं आई। पाकिस्तान के खिलाफ नई गेंद का स्पेल अलग स्तर का होगा। वहां पावरप्ले में टिकना भी उतना ही जरूरी है जितना आक्रामक होना।

संभावित विकल्प:

विकल्परणनीतिक असर
संजू सैमसन ओपनिंगआक्रामक शुरुआत, जोखिम ज्यादा
ईशान किशन को ऊपर भेजनाबाएं-दाएं संयोजन कायम
अतिरिक्त ऑलराउंडरबल्लेबाजी गहराई बढ़े

अभिषेक की भूमिका सिर्फ रन बनाने की नहीं है। वह पावरप्ले में स्पिनरों के खिलाफ भी आक्रामक हैं और फील्डिंग में ऊर्जा लाते हैं। ऐसे खिलाड़ी की कमी सीधे गेम प्लान पर असर डालती है।

भारत-पाक मुकाबले का दबाव

भारत और पाकिस्तान का मैच हमेशा सामान्य से अलग होता है। भावनाएं, भीड़, मीडिया—सब कुछ दोगुना। ऐसे में आधी फिटनेस के साथ उतरना खिलाड़ी के लिए भी जोखिम और टीम के लिए भी।

टीम इंडिया ने नामीबिया के खिलाफ दमदार जीत से आत्मविश्वास हासिल किया है। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला अलग परीक्षा है—नई गेंद, तेज आक्रमण, और दबाव।

अगर अभिषेक फिट हो जाते हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा प्लस होगा। अगर नहीं, तो टीम को संतुलन साधना होगा।

मेडिकल बनाम भावनात्मक फैसला

क्रिकेटर अक्सर बड़े मैच मिस नहीं करना चाहते। खासकर भारत-पाक। लेकिन मेडिकल टीम भावनाओं से नहीं, डेटा से काम करती है—हाइड्रेशन लेवल, बॉडी फैट, रिकवरी इंडेक्स, स्टैमिना टेस्ट।

फैसला संभवतः मैच से एक दिन पहले या मैच डे की सुबह लिया जाएगा।

फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है।
अस्पताल से छुट्टी—हां।
मैच फिट—अभी नहीं कहा जा सकता।

कोलंबो के नेट्स बताएंगे कि अभिषेक शर्मा सिर्फ स्वस्थ हैं… या सच में खेलने के लिए तैयार।

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