Sam Curran – टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रिकॉर्ड, उलटफेर और बड़े स्कोर तो दिख ही रहे हैं, लेकिन इस बार एक ऐसा संयोग सामने आया है जिसने क्रिकेट इतिहास की किताबों में अलग ही पन्ना जोड़ दिया है। पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि दो सगे भाई एक ही आईसीसी टूर्नामेंट में दो अलग-अलग देशों के लिए खेलते नजर आएंगे।
नाम हैं—सैम करन और बेन करन।
एक इंग्लैंड की जर्सी में, दूसरा जिम्बाब्वे की।
एक परिवार, दो देश
सैम करन पहले से ही इंग्लैंड की टी20 टीम का अहम हिस्सा हैं। बाएं हाथ के ऑलराउंडर, डेथ ओवर्स के विशेषज्ञ और बड़े मंच के खिलाड़ी। 2022 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के हीरो रहे सैम इस बार भी इंग्लैंड की उम्मीदों का हिस्सा हैं।
दूसरी ओर, उनके बड़े भाई बेन करन को जिम्बाब्वे की टीम में रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया है। जिम्बाब्वे के अनुभवी बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर राइट हैमस्ट्रिंग चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए। 9 फरवरी को ओमान के खिलाफ मैच में चोट लगने के बाद उनका वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो गया।
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की इवेंट टेक्निकल कमिटी ने बेन करन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। नियम साफ है—किसी भी चोटिल खिलाड़ी की जगह लेने के लिए तकनीकी समिति की स्वीकृति जरूरी होती है। मंजूरी मिलते ही बेन अब जिम्बाब्वे स्क्वॉड का हिस्सा हैं।
करन परिवार की क्रिकेट विरासत
यह कहानी सिर्फ दो भाइयों की नहीं, एक क्रिकेट परिवार की भी है।
| सदस्य | देश/भूमिका |
|---|---|
| सैम करन | इंग्लैंड ऑलराउंडर |
| बेन करन | जिम्बाब्वे बल्लेबाज |
| टॉम करन | इंग्लैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट |
| केविन मल्कम करन | जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर |
| केविन पैट्रिक करन | फर्स्ट क्लास क्रिकेटर |
करन परिवार की जड़ें जिम्बाब्वे से जुड़ी हैं। उनके पिता केविन मल्कम करन जिम्बाब्वे के लिए खेले। बाद में परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया। सैम और टॉम ने इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला, जबकि बेन ने जिम्बाब्वे का रास्ता चुना।
यानी यह सिर्फ पासपोर्ट की कहानी नहीं, पहचान और अवसर की कहानी भी है।
क्या पहले ऐसा हुआ है?
टी20 वर्ल्ड कप में सगे भाई एक ही टीम के लिए खेलते जरूर दिखे हैं। उदाहरण के तौर पर पाकिस्तान, श्रीलंका या बांग्लादेश की टीमों में भाई साथ खेले हैं। लेकिन अलग-अलग देशों के लिए सगे भाई—वह भी एक ही टूर्नामेंट में—यह दुर्लभ है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी ऐसे उदाहरण बेहद कम हैं, और टी20 विश्व कप जैसे बड़े मंच पर तो लगभग न के बराबर।
संभावित टकराव?
अगर टूर्नामेंट की ड्रॉ ऐसी रही कि इंग्लैंड और जिम्बाब्वे आमने-सामने आए, तो तस्वीर और भी रोचक हो सकती है। कल्पना कीजिए—सैम करन गेंद लेकर रन-अप में, और सामने स्ट्राइक पर बेन करन।
क्रिकेट में भावनाएं अक्सर आंकड़ों से बड़ी होती हैं।
जिम्बाब्वे के लिए क्या मायने?
ब्रेंडन टेलर का बाहर होना झटका था, लेकिन बेन करन को मौका मिलना नई ऊर्जा भी दे सकता है। जिम्बाब्वे इस वर्ल्ड कप में पहले ही ऑस्ट्रेलिया को हराकर उलटफेर कर चुका है। अब बेन का जुड़ना उनकी बल्लेबाजी को गहराई दे सकता है।
इंग्लैंड के लिए सैम का महत्व
सैम करन इंग्लैंड की टी20 रणनीति का अहम हिस्सा हैं। नई गेंद से स्विंग, डेथ ओवर्स में यॉर्कर, और जरूरत पड़ने पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी—वह तीनों विभागों में योगदान देते हैं।
उनके लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत भी हो सकता है। भाई दूसरी टीम में—मीडिया की सुर्खियां तय हैं।
क्रिकेट की खूबसूरती
क्रिकेट सिर्फ रन और विकेट का खेल नहीं है। यह रिश्तों, कहानियों और विरासत का भी खेल है। करन ब्रदर्स की यह कहानी उसी खूबसूरती का हिस्सा है।
एक भाई इंग्लैंड के लिए।
दूसरा जिम्बाब्वे के लिए।
एक ही विश्व कप, अलग जर्सी—लेकिन खून का रिश्ता वही।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 पहले ही कई कारणों से खास बन चुका है। अब इसमें यह पारिवारिक अध्याय भी जुड़ गया है।















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