Markram – ईडन गार्डन्स की रोशनी के नीचे जब एडेन मार्करम ने लॉकी फर्ग्यूसन की शॉर्ट गेंद को मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़ा, तब तक न्यूज़ीलैंड को अंदाज़ा हो चुका था—आज कुछ खास होने वाला है। लेकिन 19वीं गेंद पर चौका लगाकर जैसे ही उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया, स्कोरबोर्ड से ज्यादा शोर इतिहास का था। टी-20 विश्व कप 2026 में मार्करम ने सिर्फ रन नहीं बनाए, उन्होंने रिकॉर्ड बुक के पन्ने पलट दिए।
दक्षिण अफ्रीका के लिए विश्व कप इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक—19 गेंद। क्विंटन डी कॉक का 21 गेंद वाला रिकॉर्ड अब पीछे छूट चुका है।
दक्षिण अफ्रीका के लिए नया बेंचमार्क
मार्करम की यह पारी सिर्फ तेज नहीं थी, नियंत्रण और क्लास का मिश्रण थी। पावरप्ले के बाद जब गेंद थोड़ी रुककर आ रही थी, तब उन्होंने स्पिन और पेस दोनों पर अटैक किया। खास बात—उन्होंने जोखिम कम, टाइमिंग ज्यादा इस्तेमाल की।
दक्षिण अफ्रीका के लिए टी-20 विश्व कप में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची अब कुछ यूं दिखती है:
| खिलाड़ी | विरोधी टीम | गेंदें | वर्ष |
|---|---|---|---|
| एडेन मार्करम | न्यूजीलैंड | 19 | 2026 |
| क्विंटन डी कॉक | इंग्लैंड | 21 | 2016 |
| क्विंटन डी कॉक | इंग्लैंड | 22 | 2024 |
| एबी डी विलियर्स | इंग्लैंड | 23 | 2014 |
| हेनरिक क्लासेन | भारत | 23 | 2024 |
मार्करम की यह पारी ऐसे वक्त आई जब दक्षिण अफ्रीका को तेज शुरुआत की सख्त जरूरत थी। और उन्होंने कप्तानी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की—न कि सिर्फ शॉट्स की आतिशबाज़ी।
क्या युवराज सिंह का रिकॉर्ड टूटा?
यहां थोड़ी स्पष्टता जरूरी है। 19 गेंदों में अर्धशतक बनाकर मार्करम ने युवराज सिंह के 2007 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 20 गेंद वाले अर्धशतक को पीछे छोड़ा है। लेकिन टी-20 विश्व कप इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक आज भी युवराज सिंह के नाम है—12 गेंद, इंग्लैंड के खिलाफ, 2007। वही मैच, वही छह छक्के, स्टुअर्ट ब्रॉड की वो ओवर… क्रिकेट फैंस आज भी याद करते हैं।
विश्व कप इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक
मार्करम 19 गेंदों के साथ संयुक्त रूप से 7वें स्थान पर हैं। उनसे पहले कई दिग्गज इस सूची में दर्ज हैं:
| रैंक | खिलाड़ी | गेंदें | विरोधी | वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| 1 | युवराज सिंह (भारत) | 12 | इंग्लैंड | 2007 |
| 2 | स्टीफन मायबर्ग (नीदरलैंड्स) | 17 | आयरलैंड | 2014 |
| 3 | मार्कस स्टोइनिस (ऑस्ट्रेलिया) | 17 | श्रीलंका | 2022 |
| 4 | ग्लेन मैक्सवेल (ऑस्ट्रेलिया) | 18 | पाकिस्तान | 2014 |
| 5 | केएल राहुल (भारत) | 18 | स्कॉटलैंड | 2021 |
| 6 | शोएब मलिक (पाकिस्तान) | 18 | स्कॉटलैंड | 2021 |
| 7 | रोहित शर्मा (भारत) | 19 | ऑस्ट्रेलिया | 2024 |
| 8 | दासुन शनाका (श्रीलंका) | 19 | ओमान | 2026 |
| 9 | एडेन मार्करम (दक्षिण अफ्रीका) | 19 | न्यूजीलैंड | 2026 |
| 10 | मोहम्मद अशरफुल (बांग्लादेश) | 20 | वेस्टइंडीज | 2007 |
| 11 | युवराज सिंह (भारत) | 20 | ऑस्ट्रेलिया | 2007 |
यह सूची बताती है कि 19 गेंद में अर्धशतक बनाना आसान नहीं। यह सिर्फ पावर नहीं, सही मैच-अप पढ़ने और दबाव झेलने की कला है।
मैच का मोमेंटम कैसे बदला?
न्यूजीलैंड ने शुरुआत में कसी हुई गेंदबाजी की थी। लेकिन मार्करम ने तीसरे ओवर से ही गियर बदल दिया। खास तौर पर मिड-ऑन और स्क्वायर लेग के बीच उनके शॉट्स ने कीवी गेंदबाजों की लेंथ बिगाड़ दी।
उनके 50 रन में:
- 6 चौके
- 3 छक्के
- स्ट्राइक रेट 260+
यह पारी सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं थी, इसने टीम का रनरेट 10 के ऊपर पहुंचा दिया। टी-20 में यही फर्क मैच जिता देता है।
मार्करम की कप्तानी पारी
कई बार तेज अर्धशतक परिस्थितियों के खिलाफ भी आते हैं। लेकिन यह पारी योजनाबद्ध थी। उन्होंने स्पिनर पर अटैक किया, फाइन लेग अप होते ही स्कूप निकाला, और फुल लेंथ गेंद पर कवर ड्राइव से संदेश दे दिया—आज वह रुकने वाले नहीं।















