Markram – अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब एडेन मार्करम क्रीज पर जमे, तब 176 का लक्ष्य आसान नहीं लग रहा था। लेकिन 44 गेंदों में नाबाद 86 रन ठोककर उन्होंने यह एहसास करा दिया कि कप्तान जब लय में हो, तो लक्ष्य सिर्फ एक संख्या रह जाता है। दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया—और मार्करम ने रिकॉर्ड बुक में अपनी जगह मजबूत कर ली।
यह सिर्फ एक अर्धशतक नहीं था। यह कप्तानी पारी थी।
19 गेंदों में फिफ्टी, फिर पूरा नियंत्रण
मार्करम ने महज 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। पावरप्ले में आक्रामकता, मिडिल ओवर्स में स्ट्राइक रोटेशन, और आखिर तक नाबाद। आठ चौके, चार छक्के—और एक संदेश: प्रोटियाज इस बार अलग मूड में हैं।
दक्षिण अफ्रीका ने 175/7 पर न्यूजीलैंड को रोका था। जवाब में 17.1 ओवर में 176/3। 17 गेंद शेष। मैच लगभग एकतरफा।
कप्तानों की सबसे बड़ी पारियों की सूची में पांचवां स्थान
टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में बतौर कप्तान सबसे बड़ी पारियों की सूची में मार्करम अब पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने सूर्यकुमार यादव और केन विलियमसन को पीछे छोड़ दिया।
टी20 वर्ल्ड कप में कप्तानों की सबसे बड़ी पारियां
| रन | खिलाड़ी | विरोधी | वर्ष |
|---|---|---|---|
| 98 | क्रिस गेल | भारत | 2010 |
| 94* | लोर्कन टकर | ओमान | 2026 |
| 92 | रोहित शर्मा | ऑस्ट्रेलिया | 2024 |
| 88 | क्रिस गेल | ऑस्ट्रेलिया | 2009 |
| 86* | एडेन मार्करम | न्यूजीलैंड | 2026 |
| 85 | केन विलियमसन | ऑस्ट्रेलिया | 2021 |
| 84* | सूर्यकुमार यादव | अमेरिका | 2026 |
मार्करम की यह पारी सिर्फ आंकड़ा नहीं—संदर्भ भी अहम है। लक्ष्य का पीछा, बड़े मंच पर, मजबूत विपक्ष के खिलाफ।
साझेदारियां जो मैच बदल गईं
मार्करम ने क्विंटन डिकॉक (9) के साथ 28 गेंदों में 62 रन जोड़े। फिर रेयान रिकल्टन के साथ 18 गेंदों में 40 रन की साझेदारी। शुरुआती आठ ओवरों में टीम ने 100 रन पूरे कर लिए थे।
यानी मैच पावरप्ले में ही झुक चुका था।
यान्सेन की भूमिका
इस जीत में गेंदबाजों का योगदान भी कम नहीं था। मार्को यान्सेन ने 40 रन देकर चार विकेट लिए। न्यूजीलैंड का स्कोर 190 तक जा सकता था, लेकिन यान्सेन ने मिडिल ऑर्डर तोड़ दिया।
| गेंदबाज | विकेट |
|---|---|
| मार्को यान्सेन | 4 |
175 का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पहुंच से बाहर नहीं।
विलियमसन और सूर्या से आगे
केन विलियमसन ने 2021 फाइनल में 85 रन बनाए थे, लेकिन टीम हार गई।
सूर्यकुमार यादव ने इस टूर्नामेंट में अमेरिका के खिलाफ 84* बनाए थे।
मार्करम की खासियत यह रही—उनकी पारी जीत में बदली।
सुपर आठ की ओर
लगातार तीसरी जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने सुपर आठ की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। आत्मविश्वास साफ दिख रहा है—पहले गेंद से नियंत्रण, फिर बल्ले से आक्रमण।















