Nepal : 9 गेंदों में फिफ्टी – नेपाली ऑलराउंडर ने तोड़ा युवराज का रिकॉर्ड

Atul Kumar
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Nepal – 12 साल। लगातार हार। अधूरी कहानियां। और फिर एक शाम, जब नेपाल ने आखिरकार टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। स्कॉटलैंड को 7 विकेट से हराते ही ड्रेसिंग रूम से लेकर काठमांडू की सड़कों तक जश्न फूट पड़ा। 171 रन का लक्ष्य छोटा नहीं था—लेकिन दीपेंद्र सिंह ऐरी ने इसे लगभग व्यक्तिगत मिशन बना लिया।

23 गेंदों पर नाबाद 50। चार चौके। तीन आसमानी छक्के। और एक ऐसी पारी जिसने सिर्फ मैच नहीं जिताया—एक इतिहास बदल दिया।

आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज इस मुकाबले ने नेपाल को पहली बार वर्ल्ड कप में जीत का स्वाद चखाया। और “प्लेयर ऑफ द मैच” का अवॉर्ड गया—दीपेंद्र सिंह ऐरी के नाम।

कौन हैं दीपेंद्र सिंह ऐरी?

24 जनवरी 2000 को जन्मे दीपेंद्र सिंह ऐरी नेपाल क्रिकेट के सबसे चमकदार सितारों में से एक हैं। अगस्त 2018 में जब नेपाल ने नीदरलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे खेला था, ऐरी उस ऐतिहासिक प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे।

नेपाल क्रिकेट की आधिकारिक जानकारी पर उपलब्ध है, जहां ऐरी के करियर की झलक साफ दिखाई देती है।

9 गेंदों में अर्धशतक: इतिहास का तूफान

अगर आपको लगता है कि 23 गेंदों पर 50 रन तेज है—तो ऐरी इससे भी आगे जा चुके हैं।

चीन के हांग्जो में 19वें एशियाई खेलों के दौरान मंगोलिया के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 9 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। यह टी20 इंटरनेशनल इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक है।

सबसे तेज T20I अर्धशतक

खिलाड़ीगेंदेंविरोधी टीम
दीपेंद्र सिंह ऐरी9मंगोलिया
युवराज सिंह12इंग्लैंड

युवराज सिंह ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में 12 गेंदों पर फिफ्टी बनाकर दुनिया को चौंकाया था। वह रिकॉर्ड 16 साल तक कायम रहा। और फिर एक नेपाली ऑलराउंडर ने उसे तोड़ दिया।

उस मैच में ऐरी ने 10 गेंदों में 52 रन बनाए—8 छक्के। स्ट्राइक रेट 500 से ऊपर। 19वें ओवर में पांच छक्के, 20वें में तीन। नेपाल ने 20 ओवर में 300 का आंकड़ा पार किया। टी20 में यह स्कोर अपने आप में दुर्लभ है।

स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच: दबाव में परफॉर्मेंस

स्कॉटलैंड ने 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। नेपाल की शुरुआत साधारण रही। लेकिन जैसे ही ऐरी क्रीज पर आए, मैच की रफ्तार बदल गई।

उन्होंने गैप ढूंढे, स्पिन को लॉन्ग-ऑन के ऊपर से उठाया, और तेज गेंदबाजों को पुल किया।
सबसे खास बात—घबराहट नहीं।

उनकी 23 गेंदों की पारी ने रन रेट को नियंत्रण में रखा। आखिरी ओवरों में मैच एकतरफा हो गया। नेपाल ने 7 विकेट से जीत दर्ज की।

नेपाल क्रिकेट का नया अध्याय

नेपाल पिछले 12 सालों से टी20 वर्ल्ड कप में जीत के लिए तरस रहा था। इस जीत ने न सिर्फ अंक तालिका बदली, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी।

एसोसिएट नेशन्स के लिए यह संदेश है—आप सिर्फ भाग लेने नहीं, जीतने भी आए हैं।

ऑलराउंडर की असली कीमत

दीपेंद्र सिर्फ बल्ले से नहीं, गेंद से भी योगदान देते हैं। मध्यम गति और ऑफ-स्पिन का मिश्रण उन्हें उपयोगी बनाता है। फील्डिंग में भी तेज। आधुनिक टी20 का पैकेज।

ऐसे खिलाड़ी दुर्लभ होते हैं—जो 10 गेंदों में मैच पलट दें और जरूरत पड़े तो 4 ओवर में कसी हुई गेंदबाजी भी कर दें।

आगे क्या

नेपाल की यह जीत सिर्फ शुरुआत हो सकती है। अगर ऐरी इसी लय में रहे, तो बड़े क्रिकेट बोर्ड और लीग फ्रेंचाइजियों की नजरें उन पर टिकना तय है।

टी20 का फॉर्मेट सीमाओं को मिटा रहा है। और दीपेंद्र सिंह ऐरी इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।

12 साल का इंतजार। एक धुआंधार पारी। और इतिहास के पन्नों में दर्ज नाम।

दीपेंद्र सिंह ऐरी सिर्फ नेपाल के हीरो नहीं रहे—वह अब वैश्विक टी20 बातचीत का हिस्सा हैं।

कभी 9 गेंदों में फिफ्टी, कभी वर्ल्ड कप में मैच जिताऊ पारी।
ऐसा खिलाड़ी जब लय में होता है, तो आंकड़े पीछे छूट जाते हैं।

नेपाल ने जीत हासिल की।
लेकिन असली जीत उस विश्वास की है—कि छोटे देश भी बड़े मंच पर चमक सकते हैं।

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