India : 12 गेंदबाज एक वर्ल्ड कप – भारत ने तोड़ा 17 साल पुराना रिकॉर्ड

Atul Kumar
Published On:
India

India – अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब आखिरी गेंद फेंकी गई, तब स्कोरबोर्ड सिर्फ 17 रन के अंतर की जीत नहीं दिखा रहा था—वह एक और रिकॉर्ड की गवाही दे रहा था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने नीदरलैंड को 193/6 के जवाब में 176/7 पर रोकते हुए ग्रुप स्टेज की चौथी लगातार जीत दर्ज की। लेकिन असली कहानी गेंदबाजी रणनीति की है।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इस मैच में सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। और यही इस अभियान की सबसे दिलचस्प बात बन चुकी है।

12 गेंदबाज, एक वर्ल्ड कप – नया रिकॉर्ड

डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने इस टूर्नामेंट में अब तक 12 अलग-अलग गेंदबाजों को आजमा लिया है। यह किसी एक टी20 वर्ल्ड कप संस्करण में भारत का अब तक का सबसे बड़ा गेंदबाजी पूल है।

इससे पहले 2009 के इंग्लैंड वर्ल्ड कप में भारत ने 11 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया था। यानी 17 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।

भारत द्वारा एक संस्करण में सबसे ज्यादा गेंदबाज

वर्षगेंदबाजों की संख्या
200911
202612

आईसीसी के आधिकारिक मैच डेटा (icc-cricket.com) के अनुसार यह भारतीय टीम की रणनीतिक लचीलापन दिखाता है।

एक मैच में कितने गेंदबाज?

भारत ने इतिहास में अधिकतम 8 गेंदबाज एक टी20 वर्ल्ड कप मैच में आजमाए हैं—और वह भी दो बार।

एक मैच में सर्वाधिक भारतीय गेंदबाज

संख्याविरोधीस्थानवर्ष
8साउथ अफ्रीकाट्रेंट ब्रिज2009
8ऑस्ट्रेलियाकोलंबो2012
7अफगानिस्तानग्रोस आइलेट2010
7पाकिस्तानकोलंबो2026
7नीदरलैंडअहमदाबाद2026

नीदरलैंड के खिलाफ भी भारत ने सात गेंदबाजों को मौका दिया—वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वॉशिंगटन सुंदर और अभिषेक शर्मा।

मैच की कहानी: 110/4 से 193/6

भारत 14वें ओवर में 110/4 पर था। थोड़ी घबराहट। रन रेट थमा हुआ। तभी शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या क्रीज पर आए।

35 गेंदों में 76 रन की साझेदारी।
दुबे – 31 गेंदों में 66 रन (6 छक्के, 4 चौके)।
हार्दिक – 21 गेंदों में 30 रन (3 छक्के)।

आखिरी पांच ओवर में 75 रन।
यहीं मैच पलटा।

भारत की पारी (मुख्य योगदान)

बल्लेबाजरनगेंदें
शिवम दुबे6631
सूर्यकुमार यादव34
तिलक वर्मा31
हार्दिक पंड्या3021

दुबे को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया—और यह चयन पूरी तरह जायज था।

गेंदबाजी में विविधता

नीदरलैंड के जवाब में भारत ने गेंदबाजी में गहराई दिखाई।

वरुण चक्रवर्ती – 3 विकेट
शिवम दुबे – 2 विकेट
हार्दिक पंड्या – 1 विकेट
जसप्रीत बुमराह – 1 विकेट

स्पिन, पेस, मीडियम पेस, पार्ट-टाइम—सबका इस्तेमाल। यह वही रणनीति है जो बड़े टूर्नामेंट में काम आती है।

क्यों अहम है 12 गेंदबाजों का इस्तेमाल?

टी20 में चोट, फॉर्म और मैच-अप्स अहम होते हैं। अगर आपके पास 12 गेंदबाजों का विकल्प है, तो आप हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।

• धीमी पिच? अतिरिक्त स्पिनर।
• तेज पिच? पेस अटैक।
• बाएं हाथ के बल्लेबाज? ऑफ-स्पिन या लेग-स्पिन बदलाव।

यह लचीलापन सुपर-8 और नॉकआउट में निर्णायक हो सकता है।

ग्रुप स्टेज का अंत

भारत – 4 मैच, 4 जीत, 8 अंक।
ग्रुप में शीर्ष स्थान।
नीदरलैंड – 4 मैच, 1 जीत, 2 अंक। अभियान समाप्त।

भारत अब सुपर-8 की ओर बढ़ चुका है, और आत्मविश्वास साफ दिख रहा है।

193 का स्कोर, 17 रन की जीत—ये आंकड़े हैं।
लेकिन 12 गेंदबाजों का इस्तेमाल—यह रणनीति है।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम सिर्फ जीत नहीं रही, प्रयोग भी कर रही है। और यही बड़े टूर्नामेंट जीतने वाली टीमों की पहचान होती है।

अब असली परीक्षा सुपर-8 में होगी।
पर फिलहाल, भारत ने न सिर्फ मैच जीता है—बल्कि अपने ही इतिहास को पीछे छोड़ दिया है।

टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Follow Us On