Chakravarthy – अहमदाबाद की रोशनी में जब मैच खत्म हुआ, तो स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 17 रन की जीत नहीं थी—वह एक संदेश था। टीम इंडिया ग्रुप स्टेज में अजेय है। चार मैच, चार जीत। लेकिन इस जीत की कहानी सिर्फ शिवम दुबे की 66 रन की पारी तक सीमित नहीं रही। वरुण चक्रवर्ती ने भी चुपचाप मैच की धुरी बदल दी।
110/4 से 193/6: दुबे का दम
भारत जब 14वें ओवर में 110/4 पर था, तब पारी थोड़ी फंसती दिख रही थी। वहीं से शिवम दुबे ने गियर बदला।
31 गेंदों पर 66 रन।
4 चौके।
6 छक्के।
और सिर्फ बल्ले से नहीं—गेंद से भी दो विकेट।
ऑलराउंड शो, बिल्कुल वैसा जैसा बड़े टूर्नामेंट मांगते हैं।
उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच मिला, और यह फैसला किसी को चौंकाने वाला नहीं था।
लेकिन असली कंट्रोल किसने किया?
जब नीदरलैंड 194 का पीछा कर रहा था, तो मैच पूरी तरह भारत के हाथ में तभी आया जब वरुण चक्रवर्ती ने अपने तीन ओवरों में सिर्फ 14 रन देकर तीन बड़े विकेट झटके।
वरुण चक्रवर्ती का स्पेल
| ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|
| 3 | 14 | 3 |
उन्होंने मैक्स ओ’डॉड, कॉलिन एकरमैन को आउट किया और आर्यन दत्त को गोल्डन डक पर चलता किया। यह वही फेज था जहां नीदरलैंड मैच में बने रह सकता था।
ड्रेसिंग रूम का खास पल
मैदान पर अवॉर्ड भले दुबे के नाम गया हो, लेकिन ड्रेसिंग रूम में टीम इंडिया ने वरुण को “इंपैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच” मेडल देकर सम्मानित किया।
टीम के स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स ने उन्हें मेडल पहनाया।
मेडल लेते हुए वरुण का बयान दिलचस्प था—
“असली टूर्नामेंट अगले मैच से शुरू होगा। हमें उसके लिए तैयार रहना होगा।”
यह बयान बताता है कि टीम का फोकस अब ग्रुप स्टेज से आगे है।
गेंदबाजी में गहराई
नीदरलैंड 20 ओवर में 176/7 तक ही पहुंच पाया।
वरुण – 3 विकेट
दुबे – 2 विकेट
हार्दिक पंड्या – 1
जसप्रीत बुमराह – 1
भारत ने सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया—रणनीतिक लचीलापन साफ दिखता है।
सुपर-8 की असली परीक्षा
अब आगे का रास्ता आसान नहीं। सुपर-8 में भारत को साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड से भिड़ना है।
सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए तीन में से कम से कम दो जीत जरूरी होंगी।
अगर भारत तीनों जीत लेता है, तो रास्ता साफ।
आगे का शेड्यूल
| चरण | तारीख |
|---|---|
| पहला सेमीफाइनल | 4 मार्च |
| दूसरा सेमीफाइनल | 5 मार्च |
| फाइनल | 8 मार्च |
ग्रुप स्टेज में जीत का चौका।
ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल।
गेंद और बल्ले से संतुलित प्रदर्शन।
लेकिन वरुण की बात याद रखनी होगी—“असली टूर्नामेंट अब शुरू होगा।”
टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज आत्मविश्वास देता है, ट्रॉफी नहीं।
अब असली परीक्षा होगी—दबाव, नॉकआउट और बड़े मुकाबले।
भारत लय में है।
सवाल बस इतना है—क्या यह लय 8 मार्च तक कायम रहेगी?















