Doeschate – चार मैच, चार जीत… लेकिन एक नाम है जो अभी भी रन-चार्ट पर खाली है। अभिषेक शर्मा। पिछले 18 महीनों में टी20 क्रिकेट का पोस्टर-बॉय बने इस सलामी बल्लेबाज का टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब तक सिर्फ तीन शून्य की कहानी रहा है। अमेरिका, पाकिस्तान और नीदरलैंड—तीनों के खिलाफ डक। और अब सवाल उठने लगे हैं।
लेकिन टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशे चिंतित नहीं हैं।
मुझे कोई चिंता नहीं है
नीदरलैंड के खिलाफ मैच से पहले अभिषेक ने 90 मिनट नेट्स में बल्लेबाजी की। टेन डोएशे ने साफ कहा, “मैंने उसकी बॉल स्ट्राइकिंग में अच्छे संकेत देखे। मुझे उसकी फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है।”
यह बयान तब आया जब अभिषेक को पहले ओवर में आर्यन दत्त ने बोल्ड कर दिया—तीसरी बार लगातार शून्य।
डोएशे ने एक अहम बात भी जोड़ी—अभिषेक हाल ही में पेट के संक्रमण से जूझे थे। नामीबिया के खिलाफ मैच मिस किया। दो दिन अस्पताल में रहे। टूर्नामेंट का लय टूट गया।
“उसके लिए यह प्रतियोगिता अभी तक खास नहीं रही है,” कोच ने स्वीकार किया।
डक की हैट्रिक: पैटर्न क्या है?
तीनों पारियों में एक समानता दिखी—पावरप्ले में ऑफ-स्पिन का इस्तेमाल।
नीदरलैंड ने पावरप्ले में तीन ओवर ऑफ-स्पिन के डाले। आर्यन दत्त ने अभिषेक और ईशान किशन दोनों को बोल्ड किया।
अभिषेक शर्मा – वर्ल्ड कप 2026
| मैच | रन | आउट होने का तरीका |
|---|---|---|
| बनाम USA | 0 | आक्रामक शॉट |
| बनाम पाकिस्तान | 0 | जोखिम भरा प्रयास |
| बनाम नीदरलैंड | 0 | ऑफ-स्पिन पर बोल्ड |
स्पष्ट है—टीमें रणनीति बना चुकी हैं।
ऑफ-स्पिन का जाल
प्रतिद्वंद्वी टीमें समझ चुकी हैं कि भारत का टॉप-ऑर्डर पावरप्ले में आक्रामक रहता है। ऐसे में उंगलियों से गेंदबाजी करने वाले स्पिनरों को नई गेंद से लाकर गति तोड़ी जा रही है।
डोएशे ने भी माना, “हमें फिंगर स्पिन के खिलाफ अपने खेल में सुधार करना होगा।”
सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड—तीनों के पास ऐसे स्पिनर हैं जो पावरप्ले में गेंद डाल सकते हैं।
यानी समस्या सिर्फ अभिषेक की नहीं, रणनीतिक है।
क्या बदलाव संभव है?
कोच ने एक दिलचस्प संकेत दिया—“हमारे पास संजू सैमसन बेंच पर हैं।”
यह बयान सीधा नहीं, लेकिन संकेत साफ है। अगर शीर्ष क्रम लगातार ऑफ-स्पिन में फंसता है, तो टीम संयोजन पर चर्चा हो सकती है।
हालांकि अभी टीम मैनेजमेंट अभिषेक के साथ खड़ा दिख रहा है।
आत्मविश्वास बनाम आंकड़े
अभिषेक अभी भी आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं। लेकिन बड़े टूर्नामेंट में आंकड़े ही कथा लिखते हैं।
उनकी समस्या तकनीकी कम और शॉट चयन ज्यादा दिखती है।
नई गेंद, हल्की टर्न… और लाइन के पार खेलने की कोशिश।
रिस्क बढ़ जाता है।
अगर वह 10-12 गेंद खुद को दे दें, तो वही पावर-गेम मैच बदल सकता है।
मैच का संदर्भ
भारत ने नीदरलैंड को 17 रन से हराया।
शिवम दुबे – 66 रन और 2 विकेट।
वरुण चक्रवर्ती – 3 विकेट।
टीम जीत रही है, इसलिए व्यक्तिगत संघर्ष फिलहाल दबा हुआ है। लेकिन नॉकआउट में टॉप-ऑर्डर की भूमिका अहम होगी।
सुपर-8: असली परीक्षा
ग्रुप स्टेज आत्मविश्वास देता है।
सुपर-8 दबाव देता है।
अब विपक्ष ज्यादा मजबूत है। पिचें अलग होंगी। मैच-अप्स और सूक्ष्म होंगे।
अभिषेक के लिए यह रीसेट का मौका है।
एक 40 रन की तेज पारी—और कहानी बदल सकती है।















