Aakash Chopra : सेमीफाइनल की दौड़ में कौन आगे – चोपड़ा की भविष्यवाणी

Atul Kumar
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Aakash Chopra

Aakash Chopra – टी20 विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में एक हार भी कभी-कभी आईना दिखा देती है। और आकाश चोपड़ा उसी आईने की बात कर रहे हैं। भारत की हालिया जीत-हार के बीच उन्होंने जो कहा, वह सिर्फ विश्लेषण नहीं था—एक चेतावनी भी थी। “रियलिटी चेक” शब्द यूं ही नहीं चुना गया।

अभिषेक शर्मा: आक्रामकता या जोखिम?

आकाश चोपड़ा ने अभिषेक शर्मा के खेल पर बात करते हुए साफ कहा—जो बल्लेबाज़ पहली गेंद पर छक्का मार सकता है, वह पहली गेंद पर आउट भी हो सकता है। टी20 का यही सच है।

अभिषेक की बल्लेबाज़ी का डीएनए आक्रामक है। पावरप्ले में गेंदबाज़ों पर दबाव डालना उनकी ताकत है। लेकिन बड़े टूर्नामेंट में हर पिच वैसी नहीं होती जैसी द्विपक्षीय सीरीज़ में मिलती है।

चोपड़ा का इशारा साफ था—
“अहंकार को साइड में रखकर” हालात के मुताबिक ढलना होगा।

टी20 विश्व कप की पिचें—खासतौर पर कोलंबो और पल्लेकेले जैसी जगहों पर—स्पिन और धीमी गेंदों को मदद देती हैं। यहां शॉट चयन में ज़रा-सी जल्दबाज़ी महंगी पड़ सकती है।

भारत को मिला शुरुआती झटका—फायदा या नुकसान?

“भारत को थोड़ा सा रियलिटी चेक तो जरूर मिला और ये शुरुआत में मिल गया जो अच्छी बात है।”

यह बयान दरअसल रणनीतिक नजरिया है। ग्रुप स्टेज में मिली चेतावनी टीम को सतर्क कर सकती है।
द्विपक्षीय सीरीज़ में दबदबा अलग बात है, लेकिन विश्व कप में हर मैच नॉकआउट जैसा होता है।

भारत के लिए असली चुनौती सुपर-8 में होगी, जहां विपक्ष की गुणवत्ता और दबाव दोनों बढ़ जाते हैं।

सेमीफाइनल समीकरण: कौन आगे?

चोपड़ा ने ग्रुप-1 से भारत और दक्षिण अफ्रीका को मजबूत दावेदार बताया। लेकिन वेस्ट इंडीज को हल्के में लेने से मना किया।

“वेस्ट इंडीज को मैं बिल्कुल भी हल्के में नहीं आने वाला… दे आर अ गन टीम।”

वेस्ट इंडीज की ताकत पावर-हिटिंग और डेथ ओवर स्पेशलिस्ट गेंदबाज़ हैं। अगर पिचें धीमी हुईं, तो उनकी विविधता काम आ सकती है।

संभावित दावेदार (चोपड़ा के अनुसार)

ग्रुपप्रमुख दावेदार
ग्रुप-1भारत, दक्षिण अफ्रीका
डार्क हॉर्सवेस्ट इंडीज
ग्रुप-2इंग्लैंड, न्यूजीलैंड
संभावित सरप्राइजपाकिस्तान

ग्रुप-2 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड संतुलित टीमें मानी जा रही हैं। लेकिन चोपड़ा ने पाकिस्तान को पूरी तरह खारिज नहीं किया—खासतौर पर अगर स्पिन को मदद मिली तो।

पाकिस्तान: फोकस कहां है?

यहां आकाश चोपड़ा ने सबसे तीखी बात कही।

उनके मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में अक्सर फोकस भारत को हराने पर रहता है, पूरे टूर्नामेंट को जीतने पर नहीं।

“फोकस जो है वो भारत को हराने में है…”

यह टिप्पणी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं थी। उन्होंने कहा कि हॉकी, फुटबॉल या क्रिकेट—भारत पर जीत को ही पहचान का पैमाना बना लिया गया है।

रणनीतिक रूप से देखें तो यह मानसिकता सीमित कर सकती है।
टूर्नामेंट जीतने के लिए छह-सात मैच लगातार जीतने पड़ते हैं, सिर्फ एक नहीं।

अंदरूनी विवाद और सार्वजनिक बयानबाज़ी

चोपड़ा ने पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों द्वारा टीवी स्टूडियो में मौजूदा टीम की आलोचना पर भी आपत्ति जताई।

“वी आर फ्रॉम द सेम फैमिली एंड वी नेवर वॉश्ड डर्टी लिनेन इन पब्लिक।”

यह लाइन सिर्फ पाकिस्तान के लिए नहीं, हर क्रिकेट बोर्ड के लिए लागू होती है।
सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स के दौर में बयान जल्दी वायरल होते हैं, लेकिन टीम की मनोस्थिति पर असर भी उतना ही तेज़ होता है।

शादाब खान जैसे खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाओं का जिक्र करते हुए चोपड़ा ने मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी।

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