T20 WC : सुपर-8 की जंग शुरू – सेमीफाइनल पर एक्सपर्ट्स की राय बंटी

Atul Kumar
Published On:
T20 WC

T20 WC – सुपर-8 की घंटी बज चुकी है। शाम 7 बजे से शुरू होने वाले मुकाबले सिर्फ मैच नहीं, सेमीफाइनल की दौड़ का पहला असली इम्तिहान हैं। आठ टीमें, दो ग्रुप, और सिर्फ चार टिकट। बाकी चार—घर वापसी की तैयारी। यही टी20 का क्रूर गणित है।

ग्रुप-1 में भारत, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे।
ग्रुप-2 में न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका।

अब सवाल—कौन टिकेगा, कौन फिसलेगा? स्टार स्पोर्ट्स के छह एक्सपर्ट्स ने अपने-अपने समीकरण सामने रख दिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान को लेकर राय बंटी हुई है।

ग्रुप-1: क्या भारत और दक्षिण अफ्रीका सबसे आगे?

लगभग सभी विशेषज्ञों ने भारत और दक्षिण अफ्रीका को मजबूत दावेदार माना है। वजह साफ है—संतुलित टीम, मजबूत गेंदबाजी और बड़े मैचों का अनुभव।

वेस्टइंडीज को लेकर राय थोड़ी अलग है। वरुण एरोन ने उन्हें सेमीफाइनलिस्ट बताया है, जबकि बाकी कई एक्सपर्ट्स ने उन्हें बाहर माना है। जिम्बाब्वे को किसी ने टॉप-4 में जगह नहीं दी—यह बताता है कि अनुभव और गहराई अभी भी बड़ी बाधा है।

ग्रुप-1: एक्सपर्ट्स की पसंद

एक्सपर्टग्रुप-1 से चुनी गई टीमें
पुजाराभारत, दक्षिण अफ्रीका
चहलभारत, दक्षिण अफ्रीका
कैफभारत, दक्षिण अफ्रीका
एरोनभारत, वेस्टइंडीज
बांगरभारत, दक्षिण अफ्रीका
सबा करीमभारत, दक्षिण अफ्रीका

भारत पर लगभग सर्वसम्मति है। सवाल सिर्फ दूसरे स्थान का है।

ग्रुप-2: असली पेचीदगी यहां

ग्रुप-2 में समीकरण ज्यादा जटिल हैं। इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका—चारों टीमों के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।

चेतश्वर पुजारा ने न्यूजीलैंड और श्रीलंका को चुना है।
चहल और कैफ ने इंग्लैंड और न्यूजीलैंड को।
संजय बांगर और वरुण एरोन पाकिस्तान को आगे देख रहे हैं।
सबा करीम ने श्रीलंका और इंग्लैंड को तरजीह दी।

ग्रुप-2: एक्सपर्ट्स की पसंद

एक्सपर्टग्रुप-2 से चुनी गई टीमें
पुजाराश्रीलंका, न्यूजीलैंड
चहलइंग्लैंड, न्यूजीलैंड
कैफइंग्लैंड, न्यूजीलैंड
एरोनइंग्लैंड, पाकिस्तान
बांगरश्रीलंका, पाकिस्तान
सबा करीमश्रीलंका, इंग्लैंड

यानी पाकिस्तान को लेकर मतभेद साफ है—दो एक्सपर्ट्स ने उन्हें सेमीफाइनलिस्ट माना, चार ने बाहर।

पाकिस्तान: डार्क हॉर्स या दबाव में?

पाकिस्तान का टी20 इतिहास उतार-चढ़ाव भरा है। बड़े टूर्नामेंट में वे अक्सर उम्मीद से ज्यादा या कम करते हैं। स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर उनकी गेंदबाजी मजबूत रहती है, लेकिन बल्लेबाजी में निरंतरता सवाल खड़ा करती है।

अगर शुरुआती मैच जीत गए—तो गति मिल सकती है।
एक हार—और दबाव दोगुना।

श्रीलंका: घरेलू फायदा?

संजय बांगर और सबा करीम ने श्रीलंका को सेमीफाइनल में देखा है। वजह—घरेलू परिस्थितियां और हालिया फॉर्म। लेकिन श्रीलंका की समस्या निरंतरता है। एक दिन ऑस्ट्रेलिया को हराते हैं, अगले दिन जिम्बाब्वे से हार जाते हैं।

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड: संतुलन की ताकत

इंग्लैंड की टीम भले अब तक प्रभावशाली न रही हो, लेकिन बड़े मंच पर उनका अनुभव मायने रखता है। न्यूजीलैंड—हमेशा की तरह चुपचाप, संगठित और रणनीतिक।

चहल और कैफ दोनों ने इन दो टीमों पर भरोसा जताया है।

विशेषज्ञों की पूरी सूची

एक्सपर्टसेमीफाइनलिस्ट
चेतश्वर पुजाराभारत, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, न्यूजीलैंड
युजवेंद्र चहलभारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड
मोहम्मद कैफभारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड
वरुण एरोनभारत, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, पाकिस्तान
संजय बांगरभारत, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, पाकिस्तान
सबा करीमभारत, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड
टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Follow Us On