Zampa – सुपर-8 की शुरुआत से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया ने ओमान को हराकर टूर्नामेंट से विदाई ली, लेकिन सवाल जीत से बड़ा था—क्या कंगारू टीम टी20 क्रिकेट को गंभीरता से लेती भी है? एडम जैंपा को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसी धारदार सवाल का सामना करना पड़ा। और उन्होंने बिना घुमाए जवाब दिया—“बिल्कुल गलत।”
ऑस्ट्रेलिया का सफर इस बार उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। दो जीत, दो हार, और ग्रुप में तीसरा स्थान। श्रीलंका और जिम्बाब्वे से मिली हार ने सुपर-8 का दरवाज़ा बंद कर दिया। ओमान पर आसान जीत बस औपचारिकता रह गई।
जैंपा का सीधा जवाब
जब पूछा गया—“क्या ऑस्ट्रेलिया को टी20 क्रिकेट की परवाह नहीं है?”—तो जैंपा ने साफ कहा:
“हम शायद टी20 क्रिकेट में उतना ही समय लगाते हैं जितना वनडे और टेस्ट क्रिकेट में… कोच और स्टाफ इस फॉर्मेट को लेकर पूरी तैयारी करते हैं।”
उनकी आवाज़ में निराशा भी थी और दृढ़ता भी। उन्होंने माना कि बाहर होना निराशाजनक है, लेकिन यह कहना कि टीम इस फॉर्मेट को हल्के में लेती है—गलत है।
प्रदर्शन बनाम धारणा
ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड खुद सवाल खड़ा करता है।
ऑस्ट्रेलिया का आईसीसी ट्रैक रिकॉर्ड
| फॉर्मेट | खिताब |
|---|---|
| वनडे विश्व कप | 6 |
| टी20 विश्व कप | 1 |
| वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप | मजबूत प्रदर्शन |
वनडे और टेस्ट में दबदबा, लेकिन टी20 में सिर्फ एक खिताब। यही अंतर लोगों के मन में शंका पैदा करता है।
भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा के दौरान यह मुद्दा उठाया था। उसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई—क्या ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिकता अब भी पारंपरिक फॉर्मेट हैं?
क्या टी20 उनकी प्राथमिकता है?
टी20 फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के सामने कुछ चुनौतियां साफ दिखती हैं:
- टीम संयोजन में अस्थिरता
- लीग क्रिकेट बनाम राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का संतुलन
- पावर-हिटिंग में निरंतरता की कमी
हालांकि जैंपा का कहना है कि तैयारी में कोई कमी नहीं। कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट सिस्टम इस फॉर्मेट पर उतना ही समय लगाते हैं।
इस विश्व कप में क्या गलत हुआ?
जिम्बाब्वे और श्रीलंका से हार निर्णायक साबित हुई।
ओमान के खिलाफ जीत—बहुत देर से आई।
टी20 में मार्जिन बहुत छोटा होता है। एक खराब ओवर, एक गलत फैसला—और टूर्नामेंट खत्म।
ऑस्ट्रेलिया ने ओमान को आसानी से हराया, लेकिन वह जीत उन्हें सुपर-8 नहीं दिला सकी।















