Abhishek : तीन बार शून्य – फिर भी अभिषेक पर कप्तान का भरोसा

Atul Kumar
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Abhishek

Abhishek – चार मैच हो चुके हैं। तीन बार बल्लेबाजी, तीनों बार शून्य। टी20 विश्व कप जैसे मंच पर यह आंकड़ा किसी भी बल्लेबाज के लिए भारी पड़ सकता है। लेकिन भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साफ कर दिया है—अभिषेक शर्मा पर भरोसा कम नहीं हुआ है, बल्कि और मजबूत हुआ है।

सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ंत से पहले जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिषेक की फॉर्म पर सवाल उठा, तो सूर्यकुमार ने जवाब में दबाव नहीं, ढाल दिखाई।

“हम कवर करेंगे उसे”

सूर्यकुमार का बयान जितना सीधा था, उतना ही संदेश भरा भी।

“मैं उन लोगों को लेकर चिंतित हूं जो अभिषेक की फॉर्म की चिंता कर रहे हैं… पिछले साल उसने हम सभी को कवर किया, अब उसे कवर करना हमारी जिम्मेदारी है।”

यह सिर्फ एक खिलाड़ी का बचाव नहीं था—यह ड्रेसिंग रूम की एकजुटता का संकेत था।

अभिषेक ने पिछले एक साल में भारत के लिए पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत दी है। उनका रोल साफ है—पहली गेंद से दबाव बनाना। और उसी रोल में जोखिम भी है।

लगातार ऑफ स्पिन का शिकार

तीनों बार अभिषेक ऑफ स्पिनरों के खिलाफ आउट हुए। स्लॉग शॉट खेलते हुए विकेट गंवाया। विरोधी टीमों ने पैटर्न पकड़ लिया है—नई गेंद से ऑफ स्पिन, गेंद को थोड़ी धीमी रखो, और बड़े शॉट के लिए उकसाओ।

दक्षिण अफ्रीका के अभ्यास सत्र में एडेन मार्करम दो कोन रखकर ऑफ स्टंप और लेग स्टंप की लाइन पर गेंदबाजी का अभ्यास करते दिखे। साफ है—रणनीति तैयार है।

लेकिन सूर्यकुमार का जवाब भी तैयार था:

“वे ऑफ स्पिनर लगाएं या बाएं हाथ के स्पिनर… हमने काफी क्रिकेट खेली है। हम सभी को अपनी रणनीति पता है।”

पहचान बदलने का दबाव नहीं

कप्तान ने एक अहम बात कही—टीम नहीं चाहती कि अभिषेक अपनी पहचान खो दें।

“टीम को अभिषेक से एक खास प्रकार के खेल की जरूरत है… अगर यह तरीका काम नहीं करता है तो उसे कवर करने के लिए हम हैं।”

यानी मैसेज साफ है—रन आएं या नहीं, आक्रामकता बनी रहे।

टी20 में भूमिका अहम होती है। हर खिलाड़ी 50 रन बनाने नहीं उतरता। कुछ खिलाड़ी 15 गेंद में 30 रन भी मैच बदल देते हैं। अभिषेक उसी श्रेणी में आते हैं।

दबाव किस पर ज्यादा?

सवाल यह भी है—क्या दबाव अभिषेक पर है या दक्षिण अफ्रीका पर?

सूर्यकुमार ने हल्के अंदाज में कहा:

“मैं उन टीमों के बारे में सोच रहा हूं जो उसके खिलाफ खेलने वाली हैं कि उसने एक भी रन नहीं बनाया है… जब वह रन बनाता है तो क्या होता है?”

यह बयान आत्मविश्वास का संकेत है। विरोधी भी जानते हैं—अगर अभिषेक एक बार सेट हो गए, तो पावरप्ले में 50 रन बनते देर नहीं लगेगी।

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