MS Dhoni – चेपॉक की शामों में एक अजीब-सी बात है। जैसे ही बड़ी स्क्रीन पर नंबर 7 चमकता है, स्टेडियम का शोर सिर्फ आवाज़ नहीं रहता—वो भावनाओं का विस्फोट बन जाता है। आईपीएल 2026 की तैयारियों के बीच फिर वही सवाल तैर रहा है: क्या एमएस धोनी इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए हर मैच खेलेंगे?
फ्रेंचाइज़ी के एक शीर्ष सूत्र ने साफ किया है—धोनी उपलब्ध रहेंगे। 45 साल के होने जा रहे दिग्गज ने अगले सत्र के लिए अपनी सहमति दे दी है। लेकिन क्या वह लीग चरण के सभी मुकाबलों में उतरेंगे? इस पर अभी भी धुंध है।
उपलब्धता पक्की, भूमिका लचीली
सीएसके के एक वरिष्ठ सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, “हम पुष्टि कर सकते हैं कि वह चेन्नई आ रहे हैं और सत्र के लिए उपलब्ध हैं। सभी मैच खेलेंगे या नहीं, यह फिलहाल तय नहीं है।”
यानी तस्वीर साफ भी है, और नहीं भी।
‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम लागू होने के बाद पिछले दो सीजन में धोनी की भूमिका बदली है। वह पारंपरिक नंबर 5 या 6 की बजाय अक्सर निचले क्रम में आते रहे—10-15 गेंदों में 20-25 रन, लेकिन असरदार। विकेटकीपिंग भी सीमित ओवरों में।
अब सवाल है—क्या 2026 में भी यही मॉडल रहेगा?
संजू सैमसन की एंट्री से बदली समीकरण
इस बार सीएसके ने ट्रेडिंग के जरिए बड़ी रकम में संजू सैमसन को जोड़ा है। उनके आने से टीम का संतुलन बदला है।
सीएसके के विकेटकीपर विकल्प (2026)
| खिलाड़ी | भूमिका | संभावित उपयोग |
|---|---|---|
| एमएस धोनी | फिनिशर/कीपर | घरेलू मैच, बड़े मुकाबले |
| संजू सैमसन | टॉप-ऑर्डर/कीपर | नियमित XI, कीपिंग |
| उर्विल पटेल | बैकअप कीपर | रोटेशन विकल्प |
इसके अलावा 14.20 करोड़ रुपये में शामिल किए गए युवा कार्तिक शर्मा को शिवम दुबे के साथ फिनिशर की भूमिका में तैयार किया जा रहा है।
साफ है—सीएसके अब भविष्य की तैयारी भी कर रहा है। धोनी शायद हर मैच का हिस्सा न हों, लेकिन हर बड़े मैच में? संभव है।
फिटनेस: सबसे बड़ा फैक्टर
धोनी पिछले कुछ वर्षों से घुटने और पीठ की समस्या से जूझते रहे हैं। 2023 में उन्होंने घुटने की सर्जरी कराई थी। आईपीएल का शेड्यूल तंग होता है—कम अंतराल, लगातार यात्रा, और विकेटकीपिंग की शारीरिक मांग।
संभावित प्रबंधन रणनीति
| पहलू | संभावना |
|---|---|
| घरेलू मैच | अधिकतर खेलेंगे |
| अवे मैच | चयनात्मक भागीदारी |
| कीपिंग | रोटेशन संभव |
| इम्पैक्ट प्लेयर | बल्लेबाजी विशेषज्ञ के रूप में उपयोग |
चेपॉक में उनका प्रभाव सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है। टिकट बिक्री, ब्रांड वैल्यू, और टीम का मनोबल—सब उनसे जुड़ा है।
भावनात्मक कनेक्शन बनाम रणनीतिक जरूरत
धोनी और सीएसके का रिश्ता सिर्फ खिलाड़ी-फ्रेंचाइज़ी का नहीं है। यह पहचान का हिस्सा है। 2008 से लेकर अब तक, उन्होंने टीम को पांच खिताब दिलाए। लेकिन हर करियर का एक चरण आता है, जहां निर्णय भावनाओं से नहीं, रणनीति से लिए जाते हैं।
सैमसन की मौजूदगी में टीम को भविष्य का कप्तान और विकेटकीपर मिल सकता है। ब्रूक-स्टाइल आक्रामकता नहीं, बल्कि संतुलित संक्रमण। सवाल यह नहीं है कि धोनी खेलेंगे या नहीं। सवाल यह है कि वह कितने मैच खेलेंगे—और किन परिस्थितियों में।
क्या यह आखिरी सीजन हो सकता है?
यह सवाल हर साल पूछा जाता है। और हर साल धोनी मुस्कुरा देते हैं।
45 की उम्र में आईपीएल खेलना आसान नहीं। लेकिन धोनी ने अपने करियर में बार-बार साबित किया है कि वह पारंपरिक पैमानों से परे हैं। अगर वह 2026 में सीमित लेकिन प्रभावी भूमिका निभाते हैं, तो यह एक नियंत्रित, योजनाबद्ध विदाई की ओर संकेत हो सकता है।
या फिर… शायद एक और ट्रॉफी रन?
चेपॉक इंतजार कर रहा है।
पीला रंग तैयार है।
और नंबर 7—अब भी कहानी का हिस्सा है।















