Jasprit – नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रन बरस रहे थे। 187 का स्कोर टी20 में छोटा नहीं होता—और जिस अंदाज़ में डेविड मिलर, ब्रेविस और स्टब्स ने हिटिंग की, वह साफ संकेत था कि गेंदबाज़ों की शाम आसान नहीं रहने वाली। लेकिन उसी पिच पर एक छोर से जसप्रीत बुमराह ने अलग ही कहानी लिखी। 4 ओवर, 15 रन, 3 विकेट। और साथ ही—एक बड़ा रिकॉर्ड।
जब बाकी भारतीय गेंदबाज़ों पर शॉट बरस रहे थे, बुमराह डॉट गेंदों से दबाव बना रहे थे। 12 डॉट बॉल। यानी आधे ओवर सिर्फ खाली। टी20 में यह किसी खजाने से कम नहीं।
रिकॉर्ड: टी20 विश्व कप में भारत के सबसे सफल गेंदबाज़
तीन विकेट लेते ही बुमराह टी20 विश्व कप इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए। अब उनके नाम 33 विकेट दर्ज हैं।
उन्होंने अर्शदीप सिंह (32) और आर अश्विन (32) को पीछे छोड़ा। यह उपलब्धि सिर्फ लंबा करियर नहीं, बल्कि बड़े मंच पर लगातार प्रदर्शन का प्रमाण है।
टी20 विश्व कप में भारत के लिए सर्वाधिक विकेट
| खिलाड़ी | विकेट |
|---|---|
| जसप्रीत बुमराह | 33 |
| अर्शदीप सिंह | 32 |
| आर अश्विन | 32 |
| हार्दिक पांड्या | 29 |
| रविंद्र जडेजा | 22 |
विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में 30+ विकेट लेना आसान नहीं। हर मैच नॉकआउट जैसा दबाव, हर ओवर में जोखिम। ऐसे में 33 विकेट—यह स्थिरता का आंकड़ा है।
चार ओवर में क्लास का प्रदर्शन
बुमराह ने अफ्रीका के खिलाफ नई गेंद से नियंत्रण दिखाया और डेथ ओवर में धार। उनके स्पेल में अफ्रीकी बल्लेबाज़ खुलकर शॉट नहीं लगा पाए।
बुमराह का स्पेल
| ओवर | रन | विकेट | डॉट गेंदें |
|---|---|---|---|
| 4 | 15 | 3 | 12 |
15 रन। जबकि दूसरी तरफ क्या हाल था, जरा देखिए।
बाकी गेंदबाज़ों की शाम मुश्किल
साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 187/7 बनाए। शुरुआती 20 रन पर तीन विकेट गिरने के बावजूद मिलर और ब्रेविस ने 97 रन की साझेदारी कर मैच पलट दिया।
दक्षिण अफ्रीका की प्रमुख पारियां
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| डेविड मिलर | 63 | 35 |
| डेवाल्ड ब्रेविस | 45 | 29 |
| ट्रिस्टन स्टब्स | 44* | 24 |
मिलर ने 7 चौके और 3 छक्के लगाए। ब्रेविस ने भी 3 छक्के जड़े। स्टब्स ने आखिर में 24 गेंदों में 44 रन ठोक दिए।
अब भारतीय गेंदबाज़ों का आंकड़ा देखिए।
भारतीय गेंदबाज़ों का प्रदर्शन
| गेंदबाज़ | ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|---|
| जसप्रीत बुमराह | 4 | 15 | 3 |
| अर्शदीप सिंह | 4 | 28 | 2 |
| वरुण चक्रवर्ती | 4 | 47 | 1 |
| हार्दिक पांड्या | 4 | 45 | 0 |
स्पष्ट है—अगर बुमराह का स्पेल नहीं होता, तो स्कोर 200 के पार जा सकता था।
संकट में भी संयम
20 पर 3 विकेट—भारत के पास मौका था मैच पर पूरी पकड़ बनाने का। लेकिन मिलर-ब्रेविस की साझेदारी ने गति बदल दी। ऐसे में बुमराह का काम और कठिन हो गया।
उन्होंने लाइन-लेंथ नहीं छोड़ी। यॉर्कर, स्लोअर वन, हार्ड लेंथ—हर विकल्प का सही समय पर इस्तेमाल किया। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है—वे परिस्थितियों से घबराते नहीं, उन्हें पढ़ते हैं।
क्यों खास है यह उपलब्धि
टी20 विश्व कप में 33 विकेट—यह सिर्फ संख्या नहीं है। यह बताता है कि बुमराह ने कई संस्करणों में, अलग-अलग परिस्थितियों में, दबाव झेलते हुए प्रदर्शन किया है।
अर्शदीप और अश्विन जैसे गेंदबाज़ भी 32 विकेट तक पहुंचे, लेकिन बुमराह की खासियत यह है कि उनके विकेट अक्सर निर्णायक मौकों पर आए हैं—पावरप्ले या डेथ में।
और याद रखिए, टी20 में गेंदबाज़ का औसत स्पेल 30-35 रन का भी “ठीक” माना जाता है। वहां 15 रन में 3 विकेट—यह मैच का संतुलन बदल सकता है।















