India – नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब आखिरी विकेट गिरा और स्कोरबोर्ड 111 पर थमा, तो सिर्फ एक मैच नहीं हारा था—एक रिकॉर्ड भी टूट गया था। 76 रनों की हार। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की रनों के लिहाज़ से सबसे बड़ी शिकस्त। कप्तान सूर्यकुमार यादव के चेहरे पर निराशा साफ थी, और शब्दों में दर्द भी।
187 रन का पीछा करते हुए भारत 18.5 ओवर में सिमट गया। और कहानी वहीं से लिखी गई, जहां पावरप्ले खत्म हुआ।
पावरप्ले में मैच हारना
सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद साफ कहा—“अगर आप 180-185 रन का पीछा कर रहे हैं तो पावरप्ले में मैच नहीं जीत सकते। लेकिन पावरप्ले में मैच हार जरूर सकते हैं।”
भारत का पावरप्ले स्कोर था 31/3।
ईशान किशन शून्य पर।
अभिषेक शर्मा 15 रन।
तिलक वर्मा सिर्फ 1।
तीन विकेट गिरते ही दबाव कई गुना बढ़ गया। रन रेट चढ़ रहा था, और स्कोरबोर्ड थम गया था।
पावरप्ले का हाल
| ओवर | स्कोर | विकेट |
|---|---|---|
| 1–6 | 31/3 | 3 |
टी20 में 180+ का लक्ष्य हो और पावरप्ले में 3 विकेट गिर जाएं—तो पीछा करना लगभग पहाड़ चढ़ने जैसा हो जाता है।
51 पर आधी टीम ढेर
भारत की आधी टीम 51 रन पर आउट हो चुकी थी। कप्तान खुद 22 गेंदों में 18 रन बनाकर 10वें ओवर में लौटे। स्ट्राइक रोटेशन में दिक्कत थी, बाउंड्री कम थीं, और साझेदारियां बन नहीं पा रही थीं।
सूर्या ने कहा, “हम छोटी-छोटी पार्टनरशिप नहीं कर पाए, जिनकी 180 प्लस टारगेट का पीछा करते हुए जरूरत थी।”
सच यही है। टी20 में 25-30 रन की दो-तीन साझेदारियां भी मैच को जिंदा रखती हैं। यहां वो भी नहीं हुआ।
भारत की प्रमुख पारियां
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| शिवम दुबे | 42 | 37 |
| सूर्यकुमार यादव | 18 | 22 |
| अभिषेक शर्मा | 15 | 12 |
सिर्फ शिवम दुबे (42) ही 20 का आंकड़ा पार कर पाए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अफ्रीका की पारी: बीच के ओवरों में खेल पलटा
सूर्यकुमार ने यह भी माना कि शुरुआत में भारत मैच में था। साउथ अफ्रीका 21 रन पर 3 विकेट गंवा चुका था। लेकिन 7 से 15वें ओवर के बीच खेल बदल गया।
डेविड मिलर (63) और डेवाल्ड ब्रेविस (45) ने 97 रन की साझेदारी कर दी। वहीं से 187 का स्कोर खड़ा हुआ।
भारत ने अंत में वापसी जरूर की, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।
बुमराह-अर्शदीप: उम्मीद की किरण
हार के बीच एक सकारात्मक पहलू भी था—जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जोड़ी।
दोनों ने मिलकर 8 ओवर में सिर्फ 43 रन दिए और 5 विकेट लिए।
तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन
| गेंदबाज | ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|---|
| जसप्रीत बुमराह | 4 | 15 | 3 |
| अर्शदीप सिंह | 4 | 28 | 2 |
सूर्यकुमार ने कहा, “हर कोई जानता है कि उनकी जोड़ी कितनी खतरनाक है। वे पार्टनरशिप में अच्छी गेंदबाजी करते हैं और उन्हें टीम में पाकर अच्छा लगता है।”
सच कहें तो अगर ये दोनों नहीं होते, तो स्कोर 200 के पार जा सकता था।
ऐतिहासिक हार का मतलब क्या?
76 रन की हार सिर्फ आंकड़ा नहीं है। यह बताती है कि टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में छोटी गलतियां कितनी भारी पड़ती हैं।
• खराब पावरप्ले
• साझेदारियों की कमी
• बीच के ओवरों में रन सूखना
ये तीनों मिलकर मैच हाथ से निकाल देते हैं।
भारत डिफेंडिंग चैंपियन है। लेकिन सुपर-8 में यह हार चेतावनी है कि सिर्फ नाम से मैच नहीं जीते जाते।















