Nissanka : निसांका की ऐतिहासिक एंट्री कोहली-बटलर क्लब में शामिल

Atul Kumar
Published On:
Nissanka

Nissanka – टी20 विश्व कप 2026 में जब बड़े नाम लय खोज रहे हैं, तब श्रीलंका के पथुम निसांका चुपचाप रन मशीन बनकर उभरे हैं। 208 रन, एक शतक, और सबसे खास—इतिहास की उस खास सूची में एंट्री, जहां अब तक सिर्फ विराट कोहली और जोस बटलर जैसे दिग्गज थे।

भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में निसांका सिर्फ फॉर्म में नहीं हैं, बल्कि निरंतरता की मिसाल बनते जा रहे हैं।

2026 में निसांका का धमाका

इस संस्करण में निसांका अब तक 208 रन बना चुके हैं। सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में वह साहिबजादा फरहान और शिमरन हेटमायर के बाद तीसरे स्थान पर हैं।

सबसे अहम बात—उन्होंने इस वर्ल्ड कप का पहला शतक जड़ा।
और उस शतक के साथ टूर्नामेंट में शतकों का सूखा भी खत्म किया।

उनकी बल्लेबाज़ी में जोखिम कम और टाइमिंग ज्यादा दिखी है। पावरप्ले में गैप खोजने की कला और मिडिल ओवर में स्पिन के खिलाफ संतुलन—यही उनकी सफलता की कुंजी रही है।

200+ रन, तीन अलग-अलग संस्करणों में

टी20 विश्व कप में एक बार 200+ रन बनाना बड़ी बात है। दो बार? शानदार। लेकिन तीन अलग-अलग संस्करणों में 200 से ज्यादा रन—यह एलीट क्लब है।

तीन संस्करणों में 200+ रन बनाने वाले बल्लेबाज़

खिलाड़ीसंस्करण
विराट कोहली2014, 2016, 2022
जोस बटलर2021, 2022, 2024
पथुम निसांका2021, 2022, 2026

अब निसांका इस सूची में तीसरे सदस्य हैं।

विराट और बटलर के आंकड़े

तुलना इसलिए अहम है क्योंकि जिन दो खिलाड़ियों के साथ निसांका का नाम जुड़ा है, वे टी20 युग के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ माने जाते हैं।

विराट कोहली – टी20 विश्व कप प्रदर्शन

वर्षरन
2014319
2016273
2022296

कोहली ने 2014 में भारत को फाइनल तक पहुंचाया था। 2022 में भी उन्होंने कई मैचों में टीम को संकट से निकाला।

जोस बटलर – टी20 विश्व कप प्रदर्शन

वर्षरन
2021269
2022225
2024214

बटलर ने लगातार तीन संस्करणों में 200+ रन बनाकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को मजबूती दी।

पथुम निसांका – टी20 विश्व कप प्रदर्शन

वर्षरन
2021221
2022214
2026208*

यानी निसांका का ग्राफ भी स्थिर और प्रभावी रहा है।

क्यों खास है यह उपलब्धि?

टी20 क्रिकेट में निरंतरता सबसे कठिन चीज है।
फॉर्म, पिच, विरोधी, दबाव—सब बदलते रहते हैं।

फिर भी तीन अलग-अलग वर्ल्ड कप में 200+ रन बनाना बताता है कि बल्लेबाज़ सिर्फ फॉर्म में नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत है।

निसांका की बल्लेबाज़ी का पैटर्न दिलचस्प है। वह बाबर आजम या केन विलियमसन की तरह तकनीकी संतुलन रखते हैं, लेकिन मौके पर गियर बदलने की क्षमता भी है। यही संतुलन उन्हें बड़े मंच पर सफल बना रहा है।

श्रीलंका के लिए क्या मायने?

श्रीलंका पिछले कुछ वर्षों में ट्रांजिशन फेज से गुजरा है। अनुभवी खिलाड़ियों के बाद नई पीढ़ी को जिम्मेदारी उठानी पड़ी।

निसांका उस पीढ़ी का चेहरा बनकर उभरे हैं।

उनकी 2026 की फॉर्म ने टीम को स्थिर शुरुआत दी है। जब ओपनर लंबी पारी खेलता है, तो मिडिल ऑर्डर को खुलकर खेलने का मौका मिलता है।

अगर वह इसी लय में रहे, तो श्रीलंका की सेमीफाइनल की उम्मीदें और मजबूत होंगी।

कोहली और बटलर जैसे खिलाड़ियों के साथ नाम जुड़ना सिर्फ आंकड़ा नहीं, प्रतिष्ठा है।

लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है।
क्या निसांका इस संस्करण में 250 या 300 के आंकड़े तक पहुंच पाएंगे?
क्या वह टीम को खिताब की दौड़ में गहराई तक ले जा पाएंगे?

फिलहाल इतना तय है—पथुम निसांका अब “उभरते खिलाड़ी” नहीं रहे।
वह टी20 विश्व कप इतिहास के खास अध्याय का हिस्सा बन चुके हैं।

और 208 रन शायद अभी शुरुआत है।

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