Gambhir : तीन साल में तीन ICC ट्रॉफी के बाद भी गंभीर का बयान चर्चा में

Atul Kumar
Published On:
Gambhir

Gambhir – टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का दबदबा दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। भारत ने लगातार तीसरा आईसीसी खिताब जीतकर इतिहास रचा है—2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप।

इसके बावजूद टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर इसे भारतीय क्रिकेट का “युग” मानने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि किसी टीम के युग की बात तभी की जा सकती है जब वह हर प्रारूप में लगातार जीत दर्ज करे।

गंभीर ने क्यों नहीं माना इसे भारत का युग

कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने भारत के हालिया प्रदर्शन की तुलना 1999 से 2007 के बीच ऑस्ट्रेलिया के दबदबे से की है, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगातार तीन वनडे विश्व कप जीते थे।

लेकिन गौतम गंभीर ने इस तुलना को सही नहीं माना। उन्होंने साफ कहा कि अगर यह वास्तव में टीम इंडिया का युग होता, तो भारत हाल के वर्षों में वनडे सीरीज नहीं हारता।

गंभीर ने कहा:

“मैं सफेद गेंद के क्रिकेट के बारे में बात नहीं करूंगा क्योंकि एकदिवसीय प्रारूप में हमने पिछली तीन में से दो सीरीज गंवाई हैं। अगर यह हमारा युग होता तो हम दो सीरीज नहीं हारते।”

उनका इशारा हाल के समय में ऑस्ट्रेलिया (विदेश) और न्यूजीलैंड (घरेलू) के खिलाफ गंवाई गई वनडे सीरीज की ओर था।

ICC टूर्नामेंट में भारत का शानदार रिकॉर्ड

हालांकि गंभीर ने यह जरूर माना कि हाल के आईसीसी टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है।

भारत के हालिया ICC खिताब

सालटूर्नामेंटपरिणाम
2024टी20 विश्व कपभारत विजेता
2025चैंपियंस ट्रॉफीभारत विजेता
2026टी20 विश्व कपभारत विजेता

लगातार तीन साल में तीन बड़े आईसीसी खिताब जीतना किसी भी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

“युग” शब्द पर विश्वास नहीं करते गंभीर

गौतम गंभीर का मानना है कि क्रिकेट में किसी टीम के युग की बात करना सही नहीं है, क्योंकि हर मैच नई चुनौती लेकर आता है।

उन्होंने कहा:

“मैं इन युग जैसी बातों पर विश्वास नहीं करता। आपको हर दिन मैदान पर उतरना होता है और हर मैच जीतने की कोशिश करनी होती है।”

उनके मुताबिक, चाहे मैच द्विपक्षीय सीरीज का हो या आईसीसी टूर्नामेंट का, खिलाड़ी के लिए हर मुकाबला बराबर ही होता है।

व्यक्तिगत उपलब्धियों पर भी दिया बड़ा बयान

गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट में व्यक्तिगत उपलब्धियों को लेकर भी साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब तक वह टीम इंडिया के मुख्य कोच हैं, तब तक व्यक्तिगत रिकॉर्ड या उपलब्धियों का जश्न नहीं मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा:

“उपलब्धियों का जश्न मनाना बंद करो, ट्रॉफी का जश्न मनाओ। टीम खेल का असली उद्देश्य ट्रॉफी जीतना होता है, ना कि व्यक्तिगत रन बनाना।”

गंभीर के अनुसार भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से व्यक्तिगत आंकड़ों पर ज्यादा चर्चा होती रही है।

सूर्यकुमार यादव से मिलती है सोच

गंभीर ने यह भी बताया कि टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव भी इसी सोच से सहमत हैं।

उन्होंने कहा:

“मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि सूर्या और मेरी सोच एक जैसी है, खासकर इस मामले में।”

यानी टीम के नेतृत्व और कोचिंग स्टाफ के बीच स्पष्ट संदेश है—टीम की जीत सबसे ऊपर है।

रोहित और कोहली अब सिर्फ वनडे टीम में

इस बीच भारतीय क्रिकेट में बदलाव का दौर भी जारी है। रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे टीम का हिस्सा हैं और टी20 क्रिकेट से दूरी बना चुके हैं।

इससे टीम में नए खिलाड़ियों को मौके मिल रहे हैं और भारतीय क्रिकेट का अगला चरण तैयार हो रहा है।

टीम फोकस: ट्रॉफी, रिकॉर्ड नहीं

गौतम गंभीर के बयान से साफ है कि भारतीय टीम का फोकस किसी “युग” की चर्चा या व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं बल्कि लगातार ट्रॉफी जीतने पर है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत ने यह जरूर दिखाया है कि टीम इंडिया इस समय विश्व क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, लेकिन गंभीर के अनुसार असली चुनौती यह है कि यह प्रदर्शन लंबे समय तक कायम रखा जाए।

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