VVS Laxman : ईडन गार्डन्स के 281 रन के पीछे छिपा दिलचस्प राज – 25 साल बाद सामने आई सच्चाई

Atul Kumar
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VVS Laxman

VVS Laxman – ईडन गार्डन्स, कोलकाता—मार्च 2001। भारतीय क्रिकेट इतिहास का शायद सबसे महान टेस्ट मैच। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को फॉलो-ऑन खेलने पर मजबूर कर दिया था और ऐसा लग रहा था कि मैच जल्दी खत्म हो जाएगा। लेकिन फिर वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने जो किया, उसने क्रिकेट इतिहास ही बदल दिया।

लक्ष्मण की 281 रन की ऐतिहासिक पारी आज भी क्रिकेट प्रेमियों की यादों में ताजा है। लेकिन इस पारी से जुड़ा एक दिलचस्प राज 25 साल बाद सामने आया है—और यह राज जुड़ा है उस बल्ले से, जिससे लक्ष्मण ने यह कमाल किया था।

लक्ष्मण ने किसके बैट से खेली 281 रन की पारी?

पूर्व भारतीय स्पिनर वेंकटपति राजू ने खुलासा किया है कि जिस बल्ले से वीवीएस लक्ष्मण ने 281 रन बनाए थे, वह असल में उनका बल्ला था।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में राजू ने बताया कि यह छोटी-सी लेकिन खास याद उनके करियर से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक पारी में उनका भी “एक छोटा सा योगदान” था—क्योंकि लक्ष्मण ने उसी बैट से बल्लेबाजी की थी जो उनका था।

दो साल बाद हुई थी राजू की वापसी

वेंकटपति राजू लगभग दो साल बाद भारतीय टीम में लौटे थे और दिलचस्प बात यह है कि कोलकाता टेस्ट उनके करियर का आखिरी मैच भी बन गया।

वेंकटपति राजू का टेस्ट करियर

मैचविकेटकरियर अवधि
28 टेस्ट93 विकेट1989–2001

कोलकाता टेस्ट में उन्होंने मार्क वॉ का अहम विकेट भी लिया, जिसने मैच को और यादगार बना दिया।

जब भारत को फॉलो-ऑन मिला

उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 445 रन बनाए थे। जवाब में भारत सिर्फ 171 रन पर सिमट गया और उसे फॉलो-ऑन खेलना पड़ा।

उस समय ड्रेसिंग रूम में माहौल काफी तनावपूर्ण था। राजू ने बताया कि टीम को लगा था कि मैच बचाना ही बड़ी बात होगी।

लेकिन तभी वीवीएस लक्ष्मण ने कुछ ऐसा कहा जिसने सबको चौंका दिया।

उन्होंने कहा:
“हो सकता है हम यह मैच जीत जाएं।”

उस समय यह बात सुनना भी मुश्किल लग रहा था, लेकिन लक्ष्मण को खुद पर पूरा भरोसा था।

गांगुली और जॉन राइट का बड़ा फैसला

दूसरी पारी में टीम मैनेजमेंट ने एक अहम रणनीतिक फैसला लिया।

  • लक्ष्मण को नंबर 3 पर भेजा गया
  • राहुल द्रविड़ नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आए

यह फैसला कप्तान सौरव गांगुली और कोच जॉन राइट की चर्चा के बाद लिया गया था। बाद में यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे शानदार फैसलों में से एक साबित हुआ।

लक्ष्मण-द्रविड़ की ऐतिहासिक साझेदारी

लक्ष्मण और द्रविड़ बचपन से एक-दूसरे को जानते थे—साउथ ज़ोन और अंडर-19 क्रिकेट के दिनों से।

जब दोनों क्रीज पर टिक गए, तो उन्होंने पूरे दिन बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया।

ऐतिहासिक साझेदारी

खिलाड़ीरन
वीवीएस लक्ष्मण281
राहुल द्रविड़180
साझेदारी376 रन

इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया।

हरभजन और सचिन की गेंदबाजी भी रही अहम

इस टेस्ट में सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी भी अहम रही।

मैच के हीरो

खिलाड़ीयोगदान
हरभजन सिंहहैट्रिक और शानदार स्पिन
सचिन तेंदुलकरपांचवें दिन निर्णायक स्पेल

राजू के मुताबिक, सचिन तेंदुलकर का पांचवें दिन का स्पेल बेहद महत्वपूर्ण था। दबाव में गेंदबाजी करने का उनका अनुभव भारत के काम आया।

शेन वॉर्न के खिलाफ लक्ष्मण का आत्मविश्वास

लक्ष्मण की बल्लेबाजी का सबसे खास पहलू था उनका आत्मविश्वास।

वे शेन वॉर्न जैसे महान स्पिनर के खिलाफ क्रीज से आगे निकलकर शॉट खेल रहे थे और स्पिन के उलट दिशा में भी गेंद को बाउंड्री के पार भेज रहे थे।

राजू के अनुसार, यह आत्मविश्वास लक्ष्मण को हैदराबाद की टर्निंग पिचों पर घरेलू क्रिकेट खेलने से मिला था।

जिसने बदल दी भारतीय क्रिकेट की सोच

कोलकाता टेस्ट सिर्फ एक जीत नहीं थी—इसने भारतीय क्रिकेट की मानसिकता बदल दी।

उस मैच ने टीम को यह विश्वास दिया कि:

  • मुश्किल हालात में भी वापसी संभव है
  • ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को भी हराया जा सकता है
  • हार की स्थिति से भी जीत निकाली जा सकती है

इसी वजह से यह मैच आज भी क्रिकेट इतिहास के महानतम टेस्ट मैचों में से एक माना जाता है।

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