RCB – चिन्नास्वामी में जीत के बाद जब ज्यादातर कप्तान सिर्फ “happy dressing room” की बात करते हैं, रजत पाटीदार थोड़ा अलग दिखे। स्कोरबोर्ड उनके पक्ष में था, टीम दूसरे नंबर पर पहुंच चुकी थी… लेकिन उनके शब्दों में एक चीज बार-बार लौट रही थी—“सीख।”
यानी जीत हुई, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
“टाइट मैच था”—और यही असली पॉइंट है
5 विकेट से जीत, 7 गेंद बाकी… ऊपर से देखें तो comfortable लगती है।
लेकिन पाटीदार ने इसे “टाइट मैच” कहा।
क्यों?
क्योंकि:
- GT 174/2 पर थी
- RCB 173/5 पर फंस गई थी
दोनों टीमों के पास moments थे—और यही इस मैच को close बनाता है।
गेंदबाजी—जहाँ मैच सेट हुआ
पाटीदार ने सबसे पहले bowlers की बात की—और सही भी है।
| गेंदबाज | रोल |
|---|---|
| भुवनेश्वर कुमार | नई गेंद + डेथ कंट्रोल |
| जोश हेजलवुड | लाइन-लेंथ consistency |
| सुयश शर्मा | मिडिल ओवर्स control |
| रसिख सलाम | डेथ ओवर्स execution |
खास बात—death overs में yorkers।
GT 17 ओवर में 174/2 थी
अंत में 205/3
यानी last phase में slowdown—यहीं मैच RCB की तरफ झुका।
“200 के आसपास रोकना था”—clear planning
पाटीदार ने एक लाइन में पूरी strategy बता दी:
“अगर हम उन्हें 200 के आसपास रोक लें…”
और exactly वही हुआ—205।
यहाँ nuance समझना जरूरी है:
चिन्नास्वामी में:
- 180 safe नहीं
- 200 borderline
- 210+ comfortable
RCB ने GT को उस “borderline zone” में रोका।
बल्लेबाजी—control, फिर हल्की गड़बड़ी
कोहली–पडिकल partnership को पाटीदार ने “शानदार” कहा—और वो थी भी।
| साझेदारी | रन |
|---|---|
| कोहली–पडिकल | 115 |
लेकिन उन्होंने एक subtle point भी जोड़ा—“बीच के ओवरों में विकेट गंवाए।”
यही वो phase था जहाँ मैच पलट सकता था।
- कोहली आउट
- पडिकल आउट
- फिर quick wickets
173/5—यहाँ से कई टीमें हार जाती हैं।
बेथेल से लेकर देवदत्त—batting intent साफ
पाटीदार ने शुरुआत का भी जिक्र किया:
- जैकब बेथेल—quick start
- कोहली—stability
- पडिकल—acceleration
यानी roles clearly defined थे।
और यही modern T20 का सबसे बड़ा factor है—role clarity।
एक कप्तान जो जीत में भी खामियां देख रहा है
ये शायद इस पूरे इंटरव्यू का सबसे interesting हिस्सा है।
कई कप्तान जीत के बाद:
- positives पर focus करते हैं
- negatives avoid करते हैं
पाटीदार ने उल्टा किया।
उन्होंने openly कहा:
- mistakes हुई हैं
- उन्हें fix करना होगा
ये mindset long-term teams में दिखता है—short-term winning streak में नहीं।
RCB—अब सिर्फ स्टार टीम नहीं, सिस्टम बनती हुई
पहले RCB की identity थी:
- big names
- explosive batting
- inconsistent results
अब:
- bowling plans clear
- roles defined
- finishing composed
और सबसे अहम—leadership calm है।
क्या ये title run की शुरुआत है?
7 मैच
5 जीत
points table में दूसरा स्थान
on paper—strong position।
लेकिन IPL में:
- momentum fragile होता है
- एक-दो हार narrative बदल देती है
यानी पाटीदार का “learning mindset” अभी ज्यादा important है।
कोहली factor—silent लेकिन बड़ा
पाटीदार ने सीधे कहा—“विराट भैया…”
ये सिर्फ respect नहीं, dressing room hierarchy भी दिखाता है।
कोहली:
- anchor
- guide
- और pressure absorber
और कप्तान—system manage कर रहा है।















