Patidar : पाटीदार की कप्तानी पर सवाल – रिकॉर्ड क्यों नहीं टूटा?

Atul Kumar
Published On:
Patidar

Patidar – अरुण जेटली स्टेडियम में जो हुआ, वो एक तरफ से तो RCB के लिए dream performance था—दिल्ली को 75 पर समेटा, 9 विकेट से जीत। लेकिन अगर थोड़ा गहराई से देखें, तो ये वो मैच भी था… जहां इतिहास बन सकता था, और बस हाथ से फिसल गया।

8/6 से 13/6—मौका यहीं था

पहले 6 ओवर में दिल्ली की हालत:

  • 8 रन पर 6 विकेट
  • 6 ओवर में सिर्फ 13 रन

भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड:

  • relentless swing
  • perfect length
  • कोई breathing space नहीं

उस वक्त स्टेडियम में एक ही बात घूम रही थी—
क्या आज 49 का रिकॉर्ड टूट जाएगा?

याद रहे:

  • RCB – 49 (IPL का lowest total)

और DC उस रास्ते पर साफ दिख रही थी।

कप्तानी का मोड़—7वां ओवर

यहीं कहानी बदलती है।

रजत पाटीदार के पास options थे:

  • in-form भुवनेश्वर
  • lethal हेजलवुड
  • या spin introduce करना

लेकिन उन्होंने:

  • 7वां ओवर रसिख सलाम डार को दे दिया

और यहीं से:

  • pressure release हुआ
  • बल्लेबाज़ों को थोड़ा breathing space मिला

T20 में ये छोटे moments ही narrative बदलते हैं।

momentum shift—धीरे-धीरे, लेकिन साफ

इसके बाद:

  • रोमारियो शेफर्ड को गेंद दी गई
  • दो ओवर—relatively expensive

अब DC:

  • survival mode से निकलकर
  • scoring mode में आने लगी

ये कोई explosive partnership नहीं थी—
बस enough resistance थी… ताकि record बच जाए।

सबसे बड़ा सवाल—भुवी का चौथा ओवर क्यों नहीं?

भुवनेश्वर कुमार के आंकड़े:

  • 3 ओवर
  • 5 रन
  • 3 विकेट

और फिर भी:

  • उन्हें चौथा ओवर नहीं मिला

वहीं हेजलवुड:

  • चौथा ओवर—17वें ओवर में

जबकि damage पहले 6–8 ओवर में maximize किया जा सकता था।

यही वो decision है जिस पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं।

क्या सच में 49 टूट सकता था?

थोड़ा honest analysis जरूरी है।

हाँ, DC:

  • 8/6 पर थी
  • पूरी तरह collapse में

लेकिन:

  • T20 में tail भी 20–30 रन जोड़ लेती है
  • गेंद पुरानी होती जाती है
  • pressure थोड़ा release होता है

यानि possibility थी… guarantee नहीं।

लेकिन—

  • भुवी + हेजलवुड उस rhythm में थे
    तो chance strong था।

कप्तानी—aggression या rotation?

पाटीदार ने शायद सोचा:

  • bowlers को rotate करें
  • overuse से बचें

ये approach गलत नहीं है—
लेकिन context में risky था।

क्योंकि:

  • मैच already one-sided था
  • rare record दांव पर था

और ऐसे मौके रोज नहीं आते।

RCB का 49—क्यों इतना बड़ा “दाग”?

2017 में:

  • RCB – 49 all out

आज भी IPL का lowest total।

और ironical बात:

  • वही टीम आज दूसरे को उससे नीचे धकेल सकती थी

लेकिन missed opportunity रह गई।

फैंस vs reality

फैंस कह रहे हैं:

  • “गलती हुई”
  • “record बन सकता था”

लेकिन dressing room में सोच अलग होती है:

  • win secure करो
  • injuries avoid करो
  • workload manage करो

record secondary होता है।

फिर भी—ये सवाल रहेगा

क्रिकेट में कुछ moments ऐसे होते हैं जो scorecard से बड़े होते हैं।

ये वही moment था:

  • जब history rewrite हो सकती थी
  • लेकिन strategy ने उसे रोक दिया

और इसलिए ये मैच सिर्फ जीत नहीं—
एक “what if” भी बन गया।

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