Orange Cap : ऑरेंज कैप लीडर वैभव सूर्यवंशी ने बताया आखिर कैसे रहते हैं दबाव से दूर

Atul Kumar
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Orange Cap – 15 साल की उम्र में जहां अधिकांश युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर दबाव से जूझते हैं, वहीं वैभव सूर्यवंशी मैदान पर बिल्कुल बेखौफ नजर आते हैं।

चाहे सामने दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज हों या नॉकआउट मुकाबले का दबाव, राजस्थान रॉयल्स का यह युवा बल्लेबाज उसी आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करता है जैसे किसी स्थानीय मैच में खेल रहा हो। अब खुद वैभव ने बताया है कि आखिर उनकी इस निडर बल्लेबाजी का राज क्या है।

आईपीएल 2026 के क्वालीफायर-2 में शुक्रवार को राजस्थान रॉयल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होना है। इससे पहले एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों पर 97 रन की विस्फोटक पारी खेलकर वैभव ने अपनी टीम को जीत दिलाई थी।

हालांकि वह शतक से सिर्फ 3 रन दूर रह गए थे, लेकिन उन्हें इसका कोई अफसोस नहीं है।

“टीम जीते तो 80 रन भी सेंचुरी से बड़े हैं”

जियोहॉटस्टार से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि उनके पिता ने बचपन से उन्हें एक खास सीख दी है, जिसने उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया।

वैभव ने कहा,

“मेरे पापा हमेशा कहते हैं कि अगर तुम सेंचुरी, डबल सेंचुरी या ट्रिपल सेंचुरी भी बना लो, लेकिन टीम नहीं जीतती, तो उन रनों की कोई वैल्यू नहीं है। वे सिर्फ तुम्हारे व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनकर रह जाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा,

“अगर मैं 80 रन बनाऊं और टीम जीत जाए, तो वह मेरे लिए सेंचुरी से ज्यादा महत्वपूर्ण है। क्रिकेट आखिरकार एक टीम गेम है।”

यही सोच शायद बताती है कि वैभव मैदान पर रिकॉर्ड्स के बजाय टीम की जरूरत के हिसाब से खेलने की कोशिश करते हैं।

शतक चूकने का नहीं है कोई मलाल

आईपीएल 2026 में यह दूसरा मौका था जब वैभव शतक के बेहद करीब पहुंचकर आउट हुए।

लेकिन उनकी प्रतिक्रिया बाकी खिलाड़ियों से बिल्कुल अलग है।

उनका मानना है कि यदि टीम जीत रही है और टूर्नामेंट में आगे बढ़ रही है, तो रिकॉर्ड बनाने के मौके खुद-ब-खुद मिलते रहेंगे।

वैभव सूर्यवंशी का IPL 2026 प्रदर्शन

आंकड़ारिकॉर्ड
उम्र15 वर्ष
रन680
ऑरेंज कैप स्थितिनंबर 1
एलिमिनेटर पारी97 रन
शतक1
कुल छक्के65

“बड़े मैच का दबाव नहीं लेते”

क्वालीफायर-2 जैसे बड़े मुकाबले से पहले भी वैभव का रवैया काफी शांत नजर आ रहा है।

उन्होंने कहा,

“हम अच्छी सोच और सकारात्मक इरादे के साथ मैदान पर उतरना चाहते हैं। हमें खेल का आनंद लेते रहना चाहिए और बड़े मैच का दबाव नहीं लेना चाहिए।”

युवा बल्लेबाज का मानना है कि टीम को अपनी ताकत पर ध्यान देना चाहिए, न कि मुकाबले की अहमियत पर।

राजस्थान रॉयल्स का लक्ष्य

लक्ष्यस्थिति
क्वालीफायर-2 जीतनागुजरात टाइटंस से मुकाबला
फाइनल में पहुंचनामुख्य उद्देश्य
आईपीएल ट्रॉफीअंतिम लक्ष्य

आईपीएल ऑक्शन से लेकर डेब्यू तक की कहानी

वैभव ने अपने आईपीएल सफर की शुरुआत को भी याद किया।

उन्होंने बताया कि टीम मैनेजर रोमी भिंडर का फोन उनके लिए जीवन बदल देने वाला पल था।

उस समय वह दुबई में थे और वहीं आईपीएल ऑक्शन भी चल रहा था।

वैभव ने कहा,

“रोमी भिंडर सर का फोन आया और उन्होंने बताया कि टीम मुझे लेने वाली है। फिर उन्होंने मुझे बधाई दी और हम कुछ मिनट बात करते रहे।”

पहली गेंद पर छक्का, तीसरे मैच में शतक

वैभव का आईपीएल करियर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा।

डेब्यू मैच में उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था।

इसके बाद कुछ ही मैचों में उन्होंने शतक भी बना दिया।

“अपने डेब्यू मैच में पहली गेंद पर छक्का लगाना बहुत खास था। फिर तीसरे मैच में शतक बनाना मेरे परिवार और मेरे लिए गर्व का पल था।”

यही वजह है कि इस सीजन में उन्हें “बेबी बॉस” जैसे नामों से पुकारा जाने लगा है।

आज गुजरात के खिलाफ सबसे बड़ी परीक्षा

अब राजस्थान रॉयल्स की नजर क्वालीफायर-2 पर है।

गुजरात टाइटंस के पास कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे अनुभवी गेंदबाज हैं। ऐसे में वैभव के सामने अब तक की सबसे कठिन परीक्षा मानी जा रही है।

लेकिन जिस तरह उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक और निडर बल्लेबाजी की है, उससे राजस्थान के फैंस को एक और बड़ी पारी की उम्मीद है।

अगर वैभव का बल्ला फिर चला, तो राजस्थान रॉयल्स फाइनल का टिकट हासिल कर सकती है, जहां उसका सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा।

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