Bhatia – करीब 14 महीने बाद भारतीय जर्सी में वापसी, सामने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम, और शुरुआत में ही स्कोर 7 रन पर 2 विकेट। ऐसे दबाव में कई खिलाड़ी संभलने की कोशिश करते हैं, लेकिन यास्तिका भाटिया ने जवाब बल्ले से दिया।
बाएं घुटने की गंभीर एसीएल चोट और लंबे रिहैबिलिटेशन के बाद मैदान पर लौटी भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने चेम्सफोर्ड में खेले गए पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 54 रन की शानदार पारी खेलकर भारत की जीत की नींव रखी।
भारत ने इंग्लैंड को 38 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा यास्तिका की भावुक वापसी की रही। उन्होंने खुलकर बताया कि एसीएल सर्जरी के बाद का सफर कितना कठिन था और कैसे उन्हें अपने क्रिकेट करियर को लगभग “शून्य से” दोबारा शुरू करना पड़ा।
“खुद को फिर से शून्य से बनाना पड़ा”
मैच के बाद पुरस्कार समारोह में यास्तिका भाटिया ने एसीएल चोट से उबरने की मुश्किलों को याद किया।
उन्होंने कहा,
“जो लोग एसीएल सर्जरी से गुजरते हैं, वे जानते हैं कि यह कितना मुश्किल होता है। उस पैर की पूरी मांसपेशी लगभग खत्म हो जाती है। आपको सचमुच खुद को शून्य से दोबारा बनाना पड़ता है।”
यास्तिका पिछले साल विशाखापत्तनम में भारत के वनडे विश्व कप तैयारी शिविर के दौरान चोटिल हुई थीं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें सर्जरी और फिर महीनों तक रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।
रिहैब के दौरान कई बार टूटा हौसला
यास्तिका ने बताया कि रिहैब का सफर सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण था।
उन्होंने कहा,
“ऐसे कई दिन थे जब लगता था कि कोई प्रगति ही नहीं हो रही। लेकिन मैं हर दिन बस कोशिश करती रही।”
किसी भी खिलाड़ी के लिए एसीएल चोट सबसे कठिन चोटों में गिनी जाती है। कई बार खिलाड़ियों को अपनी पुरानी फिटनेस और आत्मविश्वास वापस पाने में एक साल से ज्यादा समय लग जाता है।
यास्तिका की वापसी का सफर
| चरण | विवरण |
|---|---|
| चोट | बाएं घुटने में ACL इंजरी |
| समय | 2024 विश्व कप तैयारी शिविर |
| उपचार | सर्जरी और लंबा रिहैब |
| वापसी | इंग्लैंड के खिलाफ T20I |
| पहली पारी | 54 रन |
परिवार और दोस्तों ने दिया साथ
यास्तिका ने अपनी वापसी का श्रेय सिर्फ खुद को नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में परिवार, दोस्तों और टीम के साथियों का सहयोग बेहद अहम रहा।
“परिवार, दोस्त, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का स्टाफ और जेमिमा रोड्रिग्स जैसी साथी खिलाड़ी लगातार मेरा हाल पूछती थीं। मैं सभी की बहुत आभारी हूं।”
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
“अंत भला तो सब भला।”
जब टीम संकट में थी, तब आई मैच जिताऊ पारी
भारत की शुरुआत इस मुकाबले में बेहद खराब रही थी।
सिर्फ 7 रन पर दो विकेट गिर चुके थे और इंग्लैंड की टीम मैच पर पकड़ बनाती दिख रही थी।
ऐसे समय यास्तिका ने जिम्मेदारी संभाली और जेमिमा रोड्रिग्स के साथ मिलकर 126 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
भारत की मैच बदलने वाली साझेदारी
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| यास्तिका भाटिया | 54 |
| जेमिमा रोड्रिग्स | 69 |
| साझेदारी | 126 रन |
इस साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और अंततः टीम ने 38 रन से जीत दर्ज की।
जेमिमा रोड्रिग्स की तारीफ में कही बड़ी बात
यास्तिका ने अपनी पारी के दौरान जेमिमा रोड्रिग्स की भूमिका को बेहद अहम बताया।
उन्होंने कहा,
“जेमी लगातार मेरा हौसला बढ़ा रही थी। अगर मुझसे एक-दो गेंदें मिस भी हो जाती थीं, तो वह कहती थीं कि कोई बात नहीं, तुम अच्छी बल्लेबाजी कर रही हो।”
यास्तिका के मुताबिक, जेमिमा ने शुरुआत में धैर्य दिखाया और बाद में आक्रामक बल्लेबाजी करके मैच का रुख बदल दिया।
जेमिमा की पारी
| रन | गेंदें |
|---|---|
| 69 | 40 |
नंदनी शर्मा ने भी बटोरी सुर्खियां
भारत की जीत में एक और नाम जिसने सबका ध्यान खींचा, वह थीं डेब्यू करने वाली तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा।
नंदनी ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए।
नंदनी शर्मा का डेब्यू प्रदर्शन
| विकेट | रन |
|---|---|
| 3 | 34 |
यास्तिका ने उनकी तारीफ करते हुए कहा,
“उनकी धीमी गेंदें उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्होंने उनका शानदार इस्तेमाल किया। पदार्पण पर ऐसा प्रदर्शन वास्तव में खास है।”
विश्व कप जीत का हिस्सा नहीं बन पाने का दर्द
चोट के कारण यास्तिका भारत की पिछली विश्व कप जीत का हिस्सा नहीं बन सकीं।
यह उनके करियर के सबसे निराशाजनक पलों में से एक था।
उन्होंने अपना पिछला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच अप्रैल 2024 में खेला था और उसके बाद लंबे समय तक टीम से बाहर रहीं।
लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ यह वापसी उनके लिए किसी सपने से कम नहीं रही।















