Agarkar – भारतीय क्रिकेट में गौतम गंभीर और अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। टीम इंडिया की कप्तानी और उप-कप्तानी को लेकर पिछले कुछ समय में कई बड़े फैसले देखने को मिले हैं।
इसी बीच एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है कि गंभीर-अगरकर के दौर में तीनों फॉर्मेट मिलाकर उप-कप्तानी की जिम्मेदारी कई खिलाड़ियों के बीच बदलती रही है। हालांकि, इन दावों को आधिकारिक घोषणाओं के साथ देखकर समझना भी जरूरी है, क्योंकि हर सीरीज और टूर्नामेंट के लिए अलग-अलग संयोजन अपनाए जाते रहे हैं।
गंभीर-अगरकर के दौर में लीडरशिप में कई बदलाव
मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जोड़ी ने टीम कॉम्बिनेशन के साथ-साथ लीडरशिप ग्रुप में भी बदलाव किए हैं। कप्तानी से लेकर उप-कप्तानी तक कई नए चेहरों को मौका दिया गया है।
इसी वजह से क्रिकेट फैंस के बीच यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या टीम मैनेजमेंट भविष्य को ध्यान में रखकर नई लीडरशिप तैयार कर रहा है।
टी20 टीम में बदले कई उप-कप्तान
टी20 सेटअप में उप-कप्तानी को लेकर समय-समय पर बदलाव देखने को मिले। अलग-अलग सीरीज और टूर्नामेंट के लिए टीम मैनेजमेंट ने अलग खिलाड़ियों पर भरोसा जताया।
टी20 में उप-कप्तानी का क्रम
| खिलाड़ी | स्थिति |
|---|---|
| अक्षर पटेल | उप-कप्तान रहे |
| शुभमन गिल | जिम्मेदारी मिली |
| अक्षर पटेल | दोबारा मौका |
| तिलक वर्मा | नई जिम्मेदारी |
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व की भूमिका में तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में भी दिखे बड़े बदलाव
टेस्ट टीम में भी उप-कप्तानी को लेकर कई बदलाव हुए। अनुभव और मौजूदा फॉर्म को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
टेस्ट टीम में उप-कप्तानी
| खिलाड़ी | स्थिति |
|---|---|
| रवींद्र जडेजा | पहले उप-कप्तान |
| जसप्रीत बुमराह | नई जिम्मेदारी |
| ऋषभ पंत | उप-कप्तान बने |
| केएल राहुल | मौजूदा जिम्मेदारी |
वनडे टीम में भी बदला लीडरशिप ग्रुप
वनडे क्रिकेट में भी टीम मैनेजमेंट ने कई बदलाव किए हैं। कप्तानी और उप-कप्तानी दोनों पदों पर नए विकल्पों को आजमाने की कोशिश की गई है।
वनडे में उप-कप्तानी
| खिलाड़ी | स्थिति |
|---|---|
| शुभमन गिल | उप-कप्तान रहे |
| श्रेयस अय्यर | जिम्मेदारी मिली |
| केएल राहुल | मौजूदा उप-कप्तान |
ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों को देखते हुए टीम प्रबंधन एक मजबूत लीडरशिप पूल तैयार करना चाहता है।
क्या है इन बदलावों के पीछे की रणनीति?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान और उप-कप्तान रखना अब सामान्य बात होती जा रही है। लगातार व्यस्त कार्यक्रम और खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए टीमों को कई नेतृत्व विकल्प तैयार रखने पड़ते हैं।
भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ता नजर आ रहा है, जहां युवा खिलाड़ियों को धीरे-धीरे बड़ी जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।















