2nd T20 – इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले अगर किसी भारतीय बल्लेबाज पर सबसे ज्यादा नजरें हैं तो वह संजू सैमसन हैं। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद उनकी जगह पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, सिर्फ संजू ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया के उपकप्तान तिलक वर्मा की भी मुश्किलें कम नहीं हैं।
तिलक वर्मा ने पिछले तीन मैचों में रन जरूर बनाए हैं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बन गया है। मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी से तेज रन बनाने की उम्मीद होती है और यही पहलू फिलहाल उनके खिलाफ जाता नजर आ रहा है।
संजू सैमसन की खराब फॉर्म बनी बड़ी चिंता
संजू सैमसन लगातार तीन पारियों में बल्ले से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं।
उनके पिछले तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय स्कोर इस प्रकार रहे हैं:
- आयरलैंड के खिलाफ पहला टी20 – 5 रन
- आयरलैंड के खिलाफ दूसरा टी20 – 0 रन
- इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 – 7 गेंदों में 1 रन
ऐसे में लगातार मांग उठ रही है कि दूसरे टी20 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाए। उनके साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा संभाल सकते हैं, जिन्होंने हाल के मैचों में आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है।
रन बने, लेकिन स्ट्राइक रेट ने बढ़ाई परेशानी
तिलक वर्मा के आंकड़े पहली नजर में अच्छे दिखाई देते हैं। उन्होंने पिछले तीन मैचों में लगभग 100 रन बनाए हैं और एक अर्धशतक भी लगाया है।
हालांकि, उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार सवालों के घेरे में है।
पिछली तीन पारियों में उनका प्रदर्शन:
- आयरलैंड के खिलाफ पहला टी20 – 21 गेंदों में 19 रन
- आयरलैंड के खिलाफ दूसरा टी20 – 55 रन (स्ट्राइक रेट 120 से कम)
- इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 – 13 गेंदों में 23 रन (यदि यही आधिकारिक स्कोर है)
मिडिल ऑर्डर में चाहिए आक्रामक बल्लेबाजी
टी20 क्रिकेट में नंबर-5 या नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी को शुरुआत से बड़े शॉट खेलने होते हैं। ऐसे बल्लेबाज के पास ज्यादा गेंदें नहीं होतीं, इसलिए स्ट्राइक रेट काफी अहम माना जाता है।
अगर बल्लेबाज इस क्रम में धीमी बल्लेबाजी करता है तो टीम की रन गति प्रभावित होती है और विपक्षी टीम मैच पर पकड़ बना सकती है।
शिवम दुबे ने पेश की अलग मिसाल
इंग्लैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में शिवम दुबे ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 21 गेंदों में 42 रन बनाए।
उनकी पारी ने यह दिखाया कि बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां मुश्किल नहीं थीं। ऐसे में अगर तिलक वर्मा अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाते हैं तो टीम मैनेजमेंट उनके विकल्प पर भी विचार कर सकता है।
क्या उपकप्तान होने के बावजूद हो सकते हैं बाहर?
टीम का उपकप्तान होना प्लेइंग इलेवन में जगह की गारंटी नहीं देता। भारतीय टीम में चयन हमेशा मौजूदा फॉर्म और टीम की जरूरतों के आधार पर होता है।
अगर तिलक वर्मा आने वाले मैचों में अपने स्ट्राइक रेट में सुधार नहीं कर पाए तो दूसरे या तीसरे टी20 में टीम प्रबंधन बदलाव करने से पीछे नहीं हटेगा।
दूसरे टी20 में किस पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?
दूसरे टी20 मुकाबले में सबसे ज्यादा निगाहें दो खिलाड़ियों पर रहेंगी।
- संजू सैमसन – क्या वह खराब फॉर्म से उबर पाएंगे?
- तिलक वर्मा – क्या वह तेज बल्लेबाजी कर आलोचकों को जवाब देंगे?
दोनों खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।















