T20 – भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया को 125 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों के अंतर से भारत की सबसे बड़ी हार है।
इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर बेहद निराश नजर आए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी हार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकती।
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में अय्यर ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उनका मानना था कि पिच 200 रन बनाने लायक नहीं थी, लेकिन भारत ने खराब रणनीति और कमजोर बल्लेबाजी के कारण मैच गंवा दिया।
‘इससे खराब शब्द मेरे पास नहीं’
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने हार पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा,
“मुझे लगता है कि यह बेहद खराब था। सच कहूं तो इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं है। इतने बड़े अंतर से हारना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले हमें इस हार को स्वीकार करना होगा और फिर नए सिरे से योजना बनानी होगी कि हमने कहां गलती की।”
भारतीय कप्तान ने माना कि टीम को इस हार से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा।
‘यह 200 रन वाली पिच नहीं थी’
श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के 201 रन के स्कोर पर भी सवाल उठाए और कहा कि विकेट इतना आसान नहीं था।
उन्होंने कहा,
“विकेट को देखकर मुझे नहीं लगता कि यह 200 रन वाली पिच थी। लेकिन जिस तरह हमने बल्लेबाजी की, पावरप्ले में ही पांच विकेट गंवा दिए। वहीं से इंग्लैंड को मैच पर पकड़ मिल गई और हम मुकाबले से बाहर हो गए। हमें अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा।”
उनके मुताबिक शुरुआती विकेट गिरना ही भारत की सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों को ठहराया जिम्मेदार
अय्यर ने संकेत दिया कि हार का कारण सिर्फ बल्लेबाजी नहीं थी। उनका मानना था कि गेंदबाज भी सही लेंथ पर गेंदबाजी नहीं कर सके।
उन्होंने कहा,
“टीम मीटिंग में आप कई योजनाएं बनाते हैं, लेकिन मैदान पर परिस्थितियों के हिसाब से खुद को जल्दी ढालना जरूरी होता है। आज की पिच पर हार्ड लेंथ सबसे प्रभावी थी, लेकिन हम वैसी गेंदबाजी नहीं कर पाए।”
उन्होंने बल्लेबाजों को लेकर भी कहा,
“200 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय आपको अपनी पारी को सही गति देनी होती है और एक स्पष्ट योजना के साथ बल्लेबाजी करनी होती है। हम इसमें पीछे रह गए। इसलिए प्रदर्शन बेहद खराब रहा।”
‘अब मजबूत वापसी करनी होगी’
करारी हार के बावजूद भारतीय कप्तान ने टीम का मनोबल बनाए रखने की कोशिश की।
उन्होंने कहा,
“यह मजबूत वापसी करने का शानदार मौका है। अतीत में जो हुआ, उस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। हमने खराब क्रिकेट खेला, लेकिन इससे बहुत कुछ सीखने को भी मिला है। अब हर खिलाड़ी को सोचना होगा कि वह टीम के लिए मैच कैसे जिता सकता है और जिम्मेदारी कैसे ले सकता है।”
भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह हुई फ्लॉप
202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही पांच विकेट गिर गए और टीम कभी मुकाबले में लौट नहीं सकी।
पूरी टीम 11.4 ओवर में सिर्फ 76 रन पर सिमट गई।
भारत की ओर से सबसे ज्यादा वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन ने 13-13 रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ने 10-10 रन का योगदान दिया।















