DPL 2026 – दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 में ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए आउटर दिल्ली वॉरियर्स को सात विकेट से हरा दिया। गेंदबाजों ने पहले विपक्षी टीम को सिर्फ 134 रन पर समेटा और फिर बल्लेबाजों ने संयम के साथ लक्ष्य हासिल कर टीम को आसान जीत दिलाई।
मैच के बाद ईस्ट दिल्ली राइडर्स के कप्तान सिमरजीत सिंह ने टीम के बदले हुए रवैये, टूर्नामेंट की धीमी शुरुआत के बाद बनाई गई रणनीति और तेज गेंदबाज मयंक यादव के साथ अपनी गेंदबाजी साझेदारी को लेकर खुलकर बात की।
सिमरजीत सिंह बोले- दबाव छोड़कर अच्छा क्रिकेट खेलने पर दिया ध्यान
ईस्ट दिल्ली राइडर्स के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। लेकिन टीम ने बाद के मुकाबलों में अपने प्रदर्शन और मानसिकता में बदलाव किया।
सिमरजीत के मुताबिक, टीम ने इस बात की चिंता करना छोड़ दिया कि वह टूर्नामेंट में आगे जाएगी या बाहर हो जाएगी। खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने और मजबूत मानसिकता के साथ मैदान पर उतरने पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने कहा कि टीम का उद्देश्य कोचिंग स्टाफ, मैनेजमेंट और प्रशंसकों को यह दिखाना था कि खिलाड़ी वास्तव में क्या करने में सक्षम हैं।
प्लेऑफ की उम्मीदों को बिगाड़ना लक्ष्य नहीं
जब सिमरजीत से पूछा गया कि क्या ईस्ट दिल्ली राइडर्स दूसरी टीमों की प्लेऑफ की उम्मीदों को प्रभावित करने के लिए खेल रही है, तो उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया।
कप्तान ने कहा कि उनकी टीम दूसरी टीमों के बारे में नहीं सोच रही है। उनका पूरा ध्यान अपने खेल और एक क्रिकेटर के तौर पर भविष्य के लिए सीखने पर है।
सिमरजीत ने घरेलू और राज्य स्तर के क्रिकेट का जिक्र करते हुए कहा कि टीम का उद्देश्य पिछली गलतियों से सीखना और उन्हें दोबारा नहीं दोहराना है।
उनके मुताबिक, ईस्ट दिल्ली राइडर्स टूर्नामेंट का अंत मजबूत तरीके से करना चाहती है।
मयंक यादव को बताया भारत का सबसे तेज गेंदबाज
सिमरजीत सिंह ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की जमकर तारीफ की।
उन्होंने मयंक को भारत का सबसे तेज गेंदबाज बताते हुए दिल्ली क्रिकेट से उनके जुड़ाव की भी सराहना की। कप्तान के मुताबिक, मयंक मैदान पर प्रदर्शन करने के साथ-साथ टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
मयंक अपने अनुभव और भारतीय टीम के साथ बिताए समय के किस्से जूनियर खिलाड़ियों के साथ साझा करते हैं, जिससे टीम के युवा क्रिकेटरों को काफी कुछ सीखने को मिलता है।
सिमरजीत ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें मयंक के साथ गेंदबाजी करना बेहद पसंद है।
सिमरजीत और मयंक के बीच कैसे बनती है गेंदबाजी साझेदारी?
उच्च दबाव वाले मुकाबलों में सिमरजीत और मयंक यादव के बीच लगातार बातचीत देखने को मिलती है।
कप्तान ने बताया कि दोनों गेंदबाज मैच के दौरान चर्चा करते रहते हैं कि किस समय किसे आक्रमण करना चाहिए और दोनों छोर से टीम के लिए सबसे बेहतर विकल्प क्या हो सकते हैं।
अगर सिमरजीत गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो दोनों मयंक की भूमिका को लेकर चर्चा करते हैं। वहीं मयंक के गेंदबाजी करने के दौरान सिमरजीत अपनी भूमिका और रणनीति को लेकर उनसे बात करते हैं।
इस तरह दोनों गेंदबाज मैच की स्थिति के अनुसार लगातार तालमेल बनाकर रखते हैं, जिससे टीम को मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलती है।
मयंक यादव ने 3 विकेट लेकर तोड़ी वॉरियर्स की कमर
पहले गेंदबाजी करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स के तेज गेंदबाजों ने आउटर दिल्ली वॉरियर्स की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा।
आउटर दिल्ली वॉरियर्स की टीम 19.1 ओवर में 134 रन पर ऑलआउट हो गई। एक समय उसकी स्थिति बेहद खराब थी और टीम ने सिर्फ 68 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे।
इसके बाद हर्ष त्यागी ने 33 गेंदों पर 36 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर टीम को कुछ हद तक संभाला, लेकिन वह टीम को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचा सके।
मयंक यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लेकर 22 रन दिए। वहीं आशीष मीणा ने 3/25 और कप्तान सिमरजीत सिंह ने 2/20 के आंकड़े दर्ज किए।
ईस्ट दिल्ली राइडर्स की बल्लेबाजी ने भी दिखाया दम
135 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ईस्ट दिल्ली राइडर्स को शुरुआत में कुछ झटके जरूर लगे, लेकिन इसके बाद काव्या गुप्ता और वैभव बैसला ने शानदार संयम दिखाया।
दोनों बल्लेबाजों ने नाबाद 71 रन की साझेदारी करके टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
काव्या गुप्ता ने सिर्फ 32 गेंदों पर नाबाद 48 रन बनाए, जबकि वैभव बैसला ने 23 गेंदों पर नाबाद 32 रन की पारी खेली।
दोनों की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने लक्ष्य हासिल कर सात विकेट से जीत दर्ज की।
गेंदबाजी से लेकर बल्लेबाजी तक ईस्ट दिल्ली का दबदबा
इस मुकाबले में ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया।
पहले गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को सिर्फ 134 रन पर रोक दिया और फिर बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए धैर्य बनाए रखा।
मयंक यादव, आशीष मीणा और सिमरजीत सिंह की गेंदबाजी ने वॉरियर्स की बल्लेबाजी की कमर तोड़ी, जबकि काव्या गुप्ता और वैभव बैसला ने लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को सुरक्षित जीत दिलाई।
सिमरजीत की रणनीति से बदलता नजर आया ईस्ट दिल्ली का खेल
ईस्ट दिल्ली राइडर्स की इस जीत में केवल खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि टीम की मानसिकता में आया बदलाव भी अहम रहा।
सिमरजीत ने स्पष्ट किया कि टीम अब टूर्नामेंट की स्थिति को लेकर ज्यादा दबाव नहीं ले रही है। इसके बजाय खिलाड़ियों का ध्यान हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और गलतियों से सीखने पर है।
यह सोच टीम के प्रदर्शन में भी नजर आई। गेंदबाजी में आक्रामकता और बल्लेबाजी में संयम ने ईस्ट दिल्ली को एकतरफा जीत दिलाई।













