Team India – टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार आलोचकों के निशाने पर रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 से टेस्ट सीरीज हारने के बाद भारत को दक्षिण अफ्रीका से भी घर में 0-2 की शिकस्त झेलनी पड़ी। इन नतीजों के चलते भारतीय टीम के टेस्ट प्रदर्शन और गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठते रहे हैं।
हालांकि, श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले गंभीर ने अपने आलोचकों को साफ शब्दों में जवाब दिया है। भारतीय कोच ने कहा कि उनका काम सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स हासिल करना नहीं, बल्कि टीम के लिए ट्रॉफियां जीतना है।
गंभीर बोले- मेरा काम ट्रॉफी जीतना है
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर से उनकी आलोचना और भारतीय टीम के टेस्ट प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा गया।
गंभीर ने बेहद स्पष्ट अंदाज में कहा, “मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, व्यूज और लाइक्स नहीं। मुझे बस इसी की परवाह है और इसी पर मुझे विश्वास है।”
गंभीर का यह बयान उन आलोचकों के लिए सीधा जवाब माना जा रहा है, जो टेस्ट क्रिकेट में भारत के प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
रैंकिंग को लेकर भी गंभीर ने कही बड़ी बात
गौतम गंभीर ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग को लेकर भी अपनी राय स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि रैंकिंग उनके लिए मायने नहीं रखती और भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा, “रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड टूर के बाद से, हमने ठीक-ठाक टेस्ट क्रिकेट खेला है।”
गंभीर का मानना है कि टीम का ध्यान भविष्य की क्रिकेट और सही फैसले लेने पर होना चाहिए, न कि सिर्फ अंक तालिका में अपनी स्थिति पर।
न्यूजीलैंड ने घर में भारत का दबदबा खत्म किया
भारतीय टीम को 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर बड़ी निराशा का सामना करना पड़ा था।
तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप किया। यह हार इसलिए भी खास थी क्योंकि भारतीय टीम लंबे समय से अपने घर में टेस्ट क्रिकेट में बेहद मजबूत मानी जाती थी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भारत का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और इस हार ने टीम के WTC अभियान को भी बड़ा झटका दिया।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी मिली घरेलू हार
न्यूजीलैंड के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में निराशा मिली।
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 0-2 से टेस्ट सीरीज में हराया। इस हार ने एक बार फिर घरेलू परिस्थितियों में भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
लगातार इन परिणामों के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग पर भी आलोचनाएं तेज हुईं।
श्रीलंका के खिलाफ मिली बड़ी जीत से मिली राहत
हालांकि मौजूदा श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की है।
दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
अब भारतीय टीम की नजरें कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट को जीतकर सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करने पर हैं।
अगर भारत दूसरा टेस्ट भी जीतने में सफल रहता है तो टीम के लिए यह सीरीज आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।
गंभीर के लिए टेस्ट क्रिकेट में बड़ी चुनौती
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार सफलता हासिल की है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में स्थिति उतनी मजबूत नहीं रही है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 0-3 की हार और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की शिकस्त ने टीम की कमजोरियों को सामने ला दिया था।
ऐसे में गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती टेस्ट टीम को फिर से लगातार जीत दिलाने की है।
आलोचना का जवाब मैदान पर देना चाहते हैं गंभीर
गंभीर के बयान से साफ है कि वह सोशल मीडिया की बहस और आलोचनाओं के बजाय मैदान पर मिलने वाले परिणामों को ज्यादा महत्व देते हैं।
उनका सीधा संदेश है कि कोच के तौर पर उनका मूल्यांकन ट्रॉफियों और टीम की सफलता से होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले व्यूज और लाइक्स से।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण परीक्षा होगा।
WTC में भारत के लिए हर टेस्ट अहम
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में भारतीय टीम के लिए आगे आने वाला हर मुकाबला महत्वपूर्ण है।
पहले टेस्ट में श्रीलंका को हराकर भारत ने अच्छी शुरुआत की है, लेकिन फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को आगे भी लगातार जीत दर्ज करनी होगी।
इस लिहाज से कोलंबो टेस्ट में भारत की जीत सिर्फ सीरीज जीतने के लिए नहीं, बल्कि WTC अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।













