AUS vs BAN – ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला मकॉय के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में खेला जा रहा है।
मैच के पहले ही दिन 18 विकेट गिरने के बाद अब मकॉय की पिच सवालों के घेरे में आ गई है। दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां इतनी मुश्किल रहीं कि दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश मिलकर भी 300 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी एशियाई देश में टेस्ट मैच के पहले दिन 18 विकेट गिरते तो क्या क्रिकेट विशेषज्ञ पिच को लेकर इसी तरह की प्रतिक्रिया देते?
अक्सर एशियाई पिचों पर कम स्कोरिंग मुकाबले या स्पिनरों के दबदबे के बाद टेस्ट क्रिकेट के भविष्य और पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि मकॉय की इस पिच को लेकर विशेषज्ञों की क्या राय सामने आती है।
पहले ही दिन 18 विकेट, बल्लेबाजों का हुआ बुरा हाल
मकॉय टेस्ट के पहले दिन तेज गेंदबाजों का पूरी तरह दबदबा रहा।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम को ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने शुरुआत से ही मुश्किल में डाल दिया। मिचेल स्टार्क ने मैच की पहली ही गेंद पर शादमान इस्लाम को आउट कर दिया।
इसके बाद विकेटों का सिलसिला थमने का नाम नहीं लिया।
बांग्लादेश ने महज 12 रन के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए। खास बात यह रही कि शुरुआती पांचों विकेट स्टार्क के खाते में गए। बांग्लादेश के चार बल्लेबाज तो खाता भी नहीं खोल सके।
42 मिनट और 22 गेंद में स्टार्क का पंजा
मिचेल स्टार्क ने पहले दिन गेंदबाजी में ऐसा कहर बरपाया कि उन्होंने महज 42 मिनट और 22 गेंदों के शुरुआती स्पेल में पांच विकेट हासिल कर लिए।
स्टार्क की गति और गेंद की मूवमेंट के सामने बांग्लादेशी बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए।
इसके बाद पैट कमिंस ने तीन विकेट लेकर बांग्लादेश की मुश्किलें और बढ़ा दीं, जबकि जोश हेजलवुड को भी एक सफलता मिली।
स्टार्क ने अंत में शोरिफुल इस्लाम को आउट करके बांग्लादेश की पहली पारी को सिर्फ 64 रन पर समाप्त कर दिया।
बांग्लादेश के सात बल्लेबाज सिंगल डिजिट पर आउट
बांग्लादेश की बल्लेबाजी की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम के सात बल्लेबाज सिंगल डिजिट स्कोर पर पवेलियन लौट गए।
पूरी टीम डेढ़ सेशन से भी कम समय में 64 रन पर ऑलआउट हो गई।
मिचेल स्टार्क बांग्लादेश के बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बने रहे और उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट अपने नाम किए।
ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज भी नहीं टिक पाए
बांग्लादेश के 64 रन पर ऑलआउट होने के बाद ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया बड़ी बढ़त हासिल करके मैच पर पहले ही दिन पूरी तरह नियंत्रण कर लेगा।
लेकिन बांग्लादेश ने गेंदबाजी में जोरदार वापसी की।
शोरिफुल इस्लाम ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 165 रन पर आठ विकेट गंवा दिए।
शोरिफुल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट हासिल किए।
इस तरह पहले दिन स्टार्क और शोरिफुल ने छह-छह विकेट लेकर मुकाबले को पूरी तरह गेंदबाजों के नाम कर दिया।
कैमरन ग्रीन ने संभाली ऑस्ट्रेलिया की पारी
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से कैमरन ग्रीन ने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी की।
ग्रीन ने अर्धशतक पूरा किया और दिन का खेल खत्म होने तक क्रीज पर मौजूद रहे। उनकी पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया 150 रन के पार पहुंचने में सफल रहा।
हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के आठ विकेट गिर चुके हैं और उसके पास अब सिर्फ दो विकेट बाकी हैं।
ऑस्ट्रेलिया के पास 101 रन की बढ़त
पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 165/8 का स्कोर बना लिया था।
बांग्लादेश की पहली पारी सिर्फ 64 रन की थी, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को फिलहाल 101 रन की बढ़त हासिल है।
हालांकि, यह बढ़त उतनी बड़ी नहीं है जितनी पहली पारी में 64 रन पर बांग्लादेश के ऑलआउट होने के बाद उम्मीद की जा रही थी।
अगर बांग्लादेश दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के बाकी दो विकेट जल्दी निकाल लेता है, तो उसके पास मैच में वापसी करने का अच्छा मौका होगा।
बांग्लादेश के पास वापसी का मौका
बांग्लादेश के लिए दूसरे दिन की शुरुआत बेहद महत्वपूर्ण होगी।
टीम अगर ऑस्ट्रेलिया को जल्दी से ऑलआउट कर देती है और पहली पारी की बढ़त को सीमित रखती है, तो मैच पूरी तरह खुला रहेगा।
इसके बाद बांग्लादेश को अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
पहली पारी में 64 रन पर ढेर होने के बाद अब उसके बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्टार्क और ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों का सामना करने की होगी।
डार्विन टेस्ट की हार का बदला ले रहा ऑस्ट्रेलिया?
इस सीरीज का पहला टेस्ट डार्विन में खेला गया था, जहां बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
ऑस्ट्रेलिया को अपने ही घर में मिली इस हार के बाद उम्मीद थी कि वह दूसरे टेस्ट में जोरदार वापसी करेगा।
मकॉय टेस्ट के पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का प्रदर्शन देखकर ऐसा लगता है कि टीम ने डार्विन की हार से सबक लिया है।
स्टार्क, कमिंस और हेजलवुड ने मिलकर बांग्लादेश को 64 रन पर समेट दिया।
हालांकि, शोरिफुल इस्लाम ने ऑस्ट्रेलिया को भी मुश्किल में डालकर मैच को पूरी तरह एकतरफा होने से रोक दिया।
क्या मकॉय की पिच पर उठने चाहिए सवाल?
पहले दिन 18 विकेट गिरने के बाद मकॉय की पिच पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
टेस्ट क्रिकेट में अगर बल्लेबाजों को शुरुआत से ही गेंद की गति, उछाल और मूवमेंट के सामने संघर्ष करना पड़े और दोनों टीमों के शीर्ष क्रम लगातार पवेलियन लौटते रहें, तो पिच की भूमिका पर सवाल उठते हैं।
लेकिन यही सवाल तब और दिलचस्प हो जाता है जब इसी तरह की परिस्थितियां एशिया के बाहर देखने को मिलती हैं।
एशियाई परिस्थितियों में अगर पहले दिन 18 विकेट गिरें तो अक्सर पिच को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि मकॉय की इस पिच को लेकर विशेषज्ञों का नजरिया क्या रहता है।
पहले दिन ही रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ मुकाबला
पहले दिन 18 विकेट गिरने के कारण यह मुकाबला आंकड़ों के लिहाज से भी खास बन गया है।
ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर 1975 के बाद किसी टेस्ट के पहले दिन 18 या उससे ज्यादा विकेट गिरना बेहद दुर्लभ रहा है।
इस मुकाबले में जहां बांग्लादेश 64 रन पर ऑलआउट हुआ, वहीं ऑस्ट्रेलिया भी दिन समाप्त होने तक आठ विकेट गंवा चुका था।
यानी पहले दिन दोनों टीमों के बल्लेबाजों से ज्यादा चर्चा गेंदबाजों की रही।













