Dean Elgar – दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज डीन एल्गर ने अपने शानदार क्रिकेट करियर को अलविदा कहने का फैसला किया है। एल्गर ने बुधवार को घोषणा की कि वह 2026 सीजन के अंत में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लेंगे। वह काउंटी सीजन के अंत में एसेक्स के लिए अपना आखिरी मुकाबला खेलेंगे।
इसके साथ ही एल्गर के दो दशक से ज्यादा लंबे क्रिकेट करियर का अंत हो जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के लिए लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट में पारी की शुरुआत करने वाले एल्गर अपनी मजबूत तकनीक और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी के लिए जाने जाते रहे हैं।
86 टेस्ट और 5,347 रन, 14 शतक
डीन एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 37.92 की औसत से 5,347 रन बनाए।
उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 14 शतक दर्ज हैं। एल्गर का टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर 199 रन रहा, जो उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था।
एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए करीब 12 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 2024 में आखिरी बार टेस्ट मैच में नजर आए।
डीन एल्गर का टेस्ट रिकॉर्ड
| आंकड़ा | रिकॉर्ड |
|---|---|
| टेस्ट मैच | 86 |
| रन | 5,347 |
| बल्लेबाजी औसत | 37.92 |
| शतक | 14 |
| सर्वोच्च स्कोर | 199 |
| दक्षिण अफ्रीका के लिए | 12 साल |
2024 में खेला आखिरी टेस्ट
डीन एल्गर ने अपना आखिरी टेस्ट मैच भारत के खिलाफ केपटाउन में 2024 में खेला था।
इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट का रुख किया और एसेक्स के साथ जुड़ गए। यहां उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज एलिस्टर कुक की जगह ली।
अब 2026 काउंटी सीजन के अंत में एल्गर एसेक्स के लिए अपना आखिरी मैच खेलेंगे और इसके बाद क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लेंगे।
‘अब मेरे लिए सही समय आ गया है’
अपने संन्यास के फैसले पर डीन एल्गर ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब क्रिकेट को अलविदा कहने का सही समय आ गया है।
उन्होंने अपनी उम्र और परिवार को संन्यास लेने के फैसले का अहम कारण बताया। एल्गर के मुताबिक, उनके बच्चे तेजी से बड़े हो रहे हैं और अब वह अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं।
उन्होंने अपने करियर को शानदार सफर बताते हुए कहा कि यह सफर अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन सीजन के अंत में वह संन्यास ले लेंगे।
कप्तानी को बताया करियर का गर्व वाला पल
एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी को अपने करियर के सबसे गर्वपूर्ण पलों में से एक बताया।
उन्होंने कहा कि अपने देश का 12 साल तक प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सौभाग्य की बात थी और बाद में टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
एल्गर ने यह भी कहा कि जब उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था तो शायद बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि वह इस खेल में करियर बना पाएंगे और दो दशक से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेंगे।
लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराना सबसे बड़ी उपलब्धि
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान के तौर पर एल्गर ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराने को अपने करियर की सबसे बेहतरीन उपलब्धियों में से एक बताया।
एल्गर के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में शानदार जीत दर्ज की थी। कप्तानी के दौर की यह जीत उनके लिए खास रही।
एलिस्टर कुक की जगह लेना बड़ी चुनौती थी
एसेक्स से जुड़ने के बाद एल्गर के सामने एक अलग तरह की चुनौती थी। उन्हें क्लब के महान बल्लेबाज और पूर्व इंग्लिश कप्तान एलिस्टर कुक की जगह लेनी थी।
एल्गर ने माना कि कुक को रिप्लेस करने का दबाव महसूस हुआ था। हालांकि उन्होंने तय किया कि वह अपनी शैली के मुताबिक क्रिकेट खेलेंगे।
उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपने प्रदर्शन पर गर्व करते रहे हैं और उनका उद्देश्य क्रिकेट के मैदान पर टीम को जीत दिलाना रहा है।
परिवार के लिए लिया बड़ा फैसला
एल्गर के संन्यास के फैसले में परिवार की भूमिका सबसे अहम दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से क्रिकेट के लिए लगातार सफर करते रहे हैं। अब उनके बच्चे घर पर हैं और वह उनके लिए मौजूद रहना चाहते हैं।
यही वजह है कि 2026 सीजन के अंत में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से दूरी बनाने का फैसला उन्होंने लिया है।













