Pakistan vs England – बर्मिंघम के एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी एक बार फिर बुरी तरह फ्लॉप रही।
पूरी टीम महज 133 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान के लिए अगर किसी बल्लेबाज ने थोड़ी बहुत लाज बचाई तो वह सऊद शकील रहे, जिन्होंने 43 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
अगर सऊद शकील क्रीज पर टिककर रन नहीं बनाते तो पाकिस्तान के 100 रन के भीतर ही सिमटने की आशंका थी। इससे पहले भी पाकिस्तान की टीम अपनी पिछली चार पारियों में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाई थी और अब पांचवीं पारी में भी टीम 150 रन तक नहीं पहुंच सकी।
पहले दिन के खेल के बाद सऊद शकील ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर खुलकर बात की और माना कि टीम लगातार एक जैसी गलतियां दोहरा रही है।
43 रन बनाकर सऊद शकील ने बचाई पाकिस्तान की लाज
इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया।
पाकिस्तान की तरफ से सऊद शकील ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए। उनकी पारी ने पाकिस्तान को कम से कम 133 रन तक पहुंचाने में मदद की।
पाकिस्तान के बल्लेबाजों की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम का सबसे बड़ा पार्टनरशिप आखिरी विकेट के लिए हुआ।
मोहम्मद अब्बास और मोहम्मद अली ने 46 गेंदों तक साझेदारी की और यह पाकिस्तान की पहली पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही।
टॉप-5 बल्लेबाज दहाई तक नहीं पहुंचे
पाकिस्तान की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी चिंता उसका टॉप ऑर्डर रहा।
टीम के पहले पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड में पहली पारी में किसी टीम के टॉप-5 बल्लेबाजों के सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट होने का यह बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड बन गया।
इस प्रदर्शन से यह साफ नजर आया कि समस्या सिर्फ पिच की नहीं थी, बल्कि बल्लेबाजों के शॉट सिलेक्शन ने भी टीम को मुश्किल में डाला।
सऊद शकील ने माना- हम लगातार वही गलती कर रहे हैं
पहले दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सऊद शकील ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर निराशा जताई।
उन्होंने माना कि टीम के बल्लेबाज लगातार एक जैसी गलतियां दोहरा रहे हैं।
शकील ने कहा कि यह निराशाजनक है कि बैटिंग यूनिट के तौर पर टीम वही गलतियां करती जा रही है और कई बल्लेबाज आज आसान तरीके से आउट हुए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल आत्मविश्वास की समस्या नहीं है, बल्कि खराब फॉर्म से निकलना मुश्किल होता जा रहा है।
‘अगर कॉन्फिडेंस नहीं है तो आप इस लेवल पर खेलने लायक नहीं’
सऊद शकील ने टीम के आत्मविश्वास को लेकर भी बेबाक राय रखी।
उन्होंने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी में इस स्तर पर खेलने का आत्मविश्वास नहीं है तो वह इस लेवल पर खेलने के लायक ही नहीं है।
लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में खराब फॉर्म से बाहर निकलना आसान नहीं होता।
शकील के मुताबिक पाकिस्तान के बल्लेबाज कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बार-बार एक जैसी गलतियां होना टीम के लिए निराशाजनक है।
पिच को लेकर क्या बोले सऊद शकील?
एजबेस्टन की पिच को लेकर सऊद शकील ने कहा कि जैसे-जैसे टेस्ट मैच आगे बढ़ेगा, पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो सकती है।
उन्होंने माना कि शुरुआत में पिच में गेंदबाजों के लिए काफी मदद थी।
टॉस पाकिस्तान के हाथ में नहीं था और टीम टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी। आसमान में बादल छाए होने के कारण इंग्लैंड के गेंदबाजों को शुरुआती परिस्थितियों का फायदा मिला।
शकील ने कहा कि ऐसी स्थिति में साझेदारी बनाना जरूरी था, क्योंकि दिन आगे बढ़ने के साथ पिच बेहतर होती जा रही थी।
‘नई गेंद को पुराना करना जरूरी था’
सऊद शकील ने पाकिस्तान की रणनीति पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि जब इंग्लैंड की नई गेंद से पाकिस्तान के बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे, तब सबसे जरूरी था कि गेंद को पुराना किया जाए।
इसके लिए बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकना और साझेदारी करना जरूरी था।
लेकिन पाकिस्तान ऐसा नहीं कर पाया।
लगातार विकेट गिरते रहे और टीम 133 रन पर ऑलआउट हो गई।
सऊद शकील ही दिख रहे हैं फॉर्म में
पाकिस्तान की बल्लेबाजी में अगर किसी एक बल्लेबाज ने लगातार संघर्ष के बीच उम्मीद जगाई है तो वह सऊद शकील हैं।
उन्होंने पिछली दो पारियों में कुल 140 रन बनाए हैं।
एजबेस्टन में 43 रन की पारी भी इसी क्रम का हिस्सा है।
शकील ने बताया कि वह परिस्थितियों के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी को ढालने की कोशिश करते हैं।
जब उनके आसपास लगातार विकेट गिर रहे थे तो उनके लिए सबसे बेहतर विकल्प यही था कि वह ज्यादा से ज्यादा रन बनाएं और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालें।
‘मैं हालात के हिसाब से खुद को एडजस्ट करता हूं’
सऊद शकील ने अपनी बल्लेबाजी के बारे में बताते हुए कहा कि वह किसी भी परिस्थिति की जरूरत के हिसाब से खेलने की कोशिश करते हैं।
जब एक छोर पर लगातार विकेट गिर रहे थे, तब उन्होंने अपने बल्लेबाजी के तरीके में बदलाव किया।
वह परिस्थितियों के अनुसार तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रहे थे ताकि टीम को कुछ रन मिल सकें।
उनका मानना था कि उस समय सबसे जरूरी था कि वह क्रीज पर मौजूद रहकर टीम के लिए अधिक से अधिक रन बनाएं।
पाकिस्तान की लगातार खराब बल्लेबाजी चिंता का विषय
पाकिस्तान की मौजूदा टेस्ट टीम के लिए सबसे बड़ी समस्या उसका बल्लेबाजी क्रम है।
पिछली चार पारियों में टीम 200 रन तक नहीं पहुंच पाई थी।
एजबेस्टन में भी यही कहानी दोहराई गई और पांचवीं पारी में पाकिस्तान की टीम 150 रन तक भी नहीं पहुंच सकी।
लगातार कम स्कोर पर आउट होने से टीम के गेंदबाजों पर भी दबाव बढ़ रहा है।
जब बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बनाते तो गेंदबाजों के पास विपक्षी टीम को दबाव में लाने के लिए पर्याप्त रन नहीं होते।
क्या पाकिस्तान वापसी कर पाएगा?
पहली पारी में 133 रन पर ऑलआउट होने के बाद पाकिस्तान के लिए टेस्ट मैच में वापसी करना बेहद मुश्किल होगा।
अब टीम को उम्मीद करनी होगी कि उसके गेंदबाज इंग्लैंड को बड़ा स्कोर बनाने से रोकें।
अगर पाकिस्तान के गेंदबाज इंग्लैंड को कम स्कोर पर रोकने में सफल रहते हैं, तो मैच में वापसी की थोड़ी संभावना बन सकती है।
लेकिन पहली पारी की बल्लेबाजी ने टीम की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।













